श्री राजेंद्र सूरी शोध संस्थान उज्जैन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। गुरुदेव के मार्गदर्शन में संदेश तल्लेरा को अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली, जबकि स्व. पारस जैन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
गुरुदेव के आशीर्वाद से संदेश तल्लेरा बने श्री राजेंद्र सूरी शोध संस्थान के नए अध्यक्ष
संत सान्निध्य में नई कार्यकारिणी का गठन, पूर्व अध्यक्ष स्व. पारस जैन को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
उज्जैन। ब्रजेश बोहरा। युगप्रभावक गुरुदेव पुण्यसम्राट श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा की प्रेरणा से निर्मित श्री राजेंद्र सूरी शोध संस्थान, उज्जैन के लिए 22 सितंबर का दिन विशेष रहा। इंदौर के केसर वाटिका में विराजित सुविशाल गच्छाधिपति जैनाचार्य श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा के दर्शन कर संस्थान के ट्रस्टीगण एवं पदाधिकारियों ने गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके समक्ष क्षमायाचना की।
गुरुदेव के सान्निध्य में संस्थान की वार्षिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में संस्थान की आगामी गतिविधियों, कार्यों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
स्व. पारस जैन को अर्पित किए श्रद्धासुमन
बैठक के दौरान संस्थान के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री स्व. पारस जैन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित ट्रस्टीगण और पदाधिकारियों ने संस्थान के प्रति उनके योगदान एवं सेवाओं का स्मरण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।
संदेश तल्लेरा को सौंपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी
गुरुदेव की आज्ञा एवं मार्गदर्शन में संदेश तल्लेरा, उज्जैन को श्री राजेंद्र सूरी शोध संस्थान का नया अध्यक्ष चयनित किया गया। इसके साथ ही संस्थान की नवीन कार्यकारिणी की घोषणा की गई।
नई कार्यकारिणी में अंशुल गिरिया को सचिव, राजबहादुर मेहता को मुख्य सलाहकार, अभय सेठिया एवं उज्जैन उत्तर विधायक अनिल कालूहेड़ा को उपाध्यक्ष, राजेश वनवट को निदेशक, पवन जैन को कोषाध्यक्ष, दिलीप चोपड़ा को सह सचिव तथा प्रकाश सेठिया को संगठन संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई।
शोध, साहित्य और धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को मिलेगा विस्तार
बैठक में श्री राजेंद्र सूरी शोध संस्थान की भावी योजनाओं को लेकर भी मंथन किया गया। संस्थान की गतिविधियों को अधिक प्रभावी और व्यापक बनाने के साथ शोध, साहित्य तथा धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यों को आगे बढ़ाने के संबंध में गुरुदेव से मार्गदर्शन प्राप्त किया गया।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संस्थान के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए इसकी गतिविधियों के विस्तार के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
चातुर्मास के बाद उज्जैन पधारने का किया निवेदन
इस अवसर पर संस्थान के ट्रस्टीगण एवं नवनियुक्त पदाधिकारियों ने गुरुदेव से विनम्र निवेदन किया कि चातुर्मास पूर्ण होने के पश्चात उज्जैन पधारकर श्री राजेंद्र सूरी शोध संस्थान को अपने पावन सान्निध्य एवं आशीर्वाद से अनुग्रहित करें।
गुरुदेव ने सभी पदाधिकारियों को आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्रदान करते हुए संस्थान के आगामी कार्यों के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
रिपोर्ट — ब्रजेश बोहरा, उज्जैन
