संयुक्त किसान मोर्चा का मध्य प्रदेश राज्य सम्मेलन संपन्न, 9 अक्टूबर को गांव-गांव पुतला दहन का ऐलान
इंदौर। संयुक्त किसान मोर्चा का मध्य प्रदेश राज्य सम्मेलन शुक्रवार को इंदौर में संपन्न हुआ। सम्मेलन में प्रदेश के करीब 30 जिलों से साढ़े 350 से अधिक किसान प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई तथा आगामी आंदोलन की रणनीति को लेकर कई प्रस्ताव पारित किए गए।
सम्मेलन में संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 9 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के गांव-गांव में MSP गारंटी कानून की मांग को लेकर पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम के जरिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी की मांग को प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। मोर्चे ने किसानों को उनकी उपज का लाभकारी और कानूनी रूप से सुनिश्चित मूल्य दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही है।
विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
सम्मेलन में किसान संघर्ष समिति, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन, ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन, मध्य प्रदेश किसान सभा, जागृत आदिवासी दलित संगठन, अखिल भारतीय किसान सभा अजय भवन, भारतीय किसान यूनियन, अखिल भारतीय किसान महासभा, आदिवासी एकता महासभा, नर्मदा बचाओ आंदोलन, संयुक्त किसान सभा, नर्मदा बचाओ समिति नर्मदापुरम, भारतीय ग्रामीण किसान महासंघ, गन्ना किसान सभा, किसान संघर्ष समिति सुठालिया, किसान महासभा, NAPM, किसान गर्जना, जय किसान आंदोलन और अग्रगामी किसान सभा सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चा रीवा, संयुक्त किसान मोर्चा सिवनी, शहीद राघवेंद्र सिंह किसान संघर्ष समिति रीवा तथा भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक सहित कई संगठनों की भी भागीदारी रही। उपलब्ध रिपोर्टों में भी सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों और किसान संगठनों से प्रतिनिधियों के शामिल होने की पुष्टि की गई है।

राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं ने रखे विचार
सम्मेलन को संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव राजन क्षीरसागर, महासचिव पुरुषोत्तम शर्मा, अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव बादल सरोज तथा किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता शिव सिंह एडवोकेट सहित अन्य किसान नेताओं ने संबोधित किया।
इस दौरान रामबाबू जाट, मनीष श्रीवास्तव, अखिलेश यादव, माधुरी बहन, जनक राठौर, अनिल यादव, राजेंद्र चौधरी, देवेंद्र चौहान, रामनारायण पुरारिया, बृजमोहन कौरव, भगवान भाई, दिलीप शर्मा, कृष्ण ठाकरे, राहुल भाई, रामस्वरूप मंत्री, रुद्रपाल यादव, प्रहलाद बैरागी, रामखेलावन केवट, लेखराम राठौर, प्रेम नारायण मेहर, गीता मीणा, विनीत चौधरी, जगदीश पटेल, जयपाल सिंह, रणजीत सिंह, संत कुमार पटेल, नाजी बहन, देवेंद्र वर्मा, सूरज त्रिपाठी, ओम पटेल और राजेश चौधरी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपनी बात रखी।
MSP की कानूनी गारंटी सहित कई प्रस्तावों पर चर्चा
सम्मेलन में किसान आंदोलन से जुड़े विभिन्न प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। अरुण चौहान, रामस्वरूप मंत्री, शैलेंद्र पटेल और इंद्रजीत शंकु ने प्रस्ताव रखे, जिन पर प्रतिनिधियों ने चर्चा की और उन्हें पारित किया। सम्मेलन में किसानों की उपज के लिए MSP की कानूनी गारंटी सहित किसान हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
MSP की कानूनी गारंटी लंबे समय से किसान संगठनों की प्रमुख मांगों में शामिल रही है। सम्मेलन से पहले जारी कार्यक्रम संबंधी रिपोर्टों में भी MSP, किसान-मजदूरों से जुड़े मुद्दों और अन्य कृषि संबंधी विषयों को सम्मेलन के प्रमुख एजेंडे में शामिल बताया गया था।
स्वागत, संचालन और आभार
सम्मेलन का स्वागत भाषण भारतीय किसान मजदूर सेवा के अध्यक्ष बबलू जाधव ने दिया। कार्यक्रम का संचालन रामस्वरूप मंत्री ने किया, जबकि रुद्रपाल यादव ने आभार प्रदर्शन किया।
सम्मेलन में शामिल किसान प्रतिनिधियों ने किसानों के अधिकारों और उनकी मांगों को लेकर संगठनात्मक स्तर पर गतिविधियों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। आयोजकों के अनुसार, 9 अक्टूबर का गांव-गांव पुतला दहन कार्यक्रम इसी अभियान की अगली कड़ी होगा।
