सामूहिक सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर का कोटा स्थित पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी में भव्य शुभारंभ, बच्चों को मिल रही धर्म और संस्कार शिक्षा।
सामूहिक सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर का हुआ भव्य शुभारंभ
कोटा स्थित दादाबाड़ी के Shri Adinath Digambar Jain Punyoday Atishay Kshetra Nasiyan Ji में आयोजित सामूहिक सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर का गुरुवार, 21 मई को श्रद्धा, भक्ति और उत्साहपूर्ण वातावरण में भव्य शुभारंभ हुआ।
यह शिविर संत शिरोमणि Acharya Vidyasagar Ji Maharaj के परम प्रभावक शिष्य तीर्थचक्रवर्ती जगतपूज्य मुनिपुंगव Muni Shri Sudhasagar Ji Maharaj के मंगल आशीर्वाद एवं Shri Digambar Shraman Sanskriti Sansthan के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।कार्यक्रम के शुभारंभ के साथ ही पूरा परिसर धर्ममय, भक्तिमय एवं संस्कारमय वातावरण से गूंज उठा।
मंगलाचरण एवं ध्वजारोहण के साथ प्रारंभ हुआ कार्यक्रम
निर्देशक हूकम जैन “काका” ने राष्ट्र गौरव पारस जैन “पार्श्वमणि” पत्रकार को जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ।
इसके पश्चात पाठशाला के बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक मंगलाचरण ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। बच्चों की धार्मिक एवं संस्कारमय प्रस्तुति ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
सामूहिक सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर में सम्पन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान
उद्घाटन समारोह में सभी पुण्यार्जक परिवारों द्वारा क्रमशः चित्र अनावरण, दीप प्रज्ज्वलन, कलश स्थापना एवं जिनवाणी स्थापना जैसे पावन धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न किए गए।
इन धार्मिक विधानों के बाद सभी पुण्यार्जक परिवारों का सम्मान किया गया। समारोह में समाज के अनेक श्रद्धालु परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विद्वानों का अभिनंदन एवं सम्मान
अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने जानकारी देते हुए बताया कि समारोह में आमंत्रित विद्वानों —
Alok Modi,
Paras Shastri Adishwar,
Saurabh Siddharth Shastri,
Abhishek Shastri,
Shubham Shastri,
Deepanshu Shastri एवं
Hemant Shastri
का अभिनंदन एवं सम्मान किया गया।महामंत्री महेन्द्र कासलीवाल ने बताया कि सम्मान समारोह के बाद शिविर की विभिन्न कक्षाओं का शुभारंभ किया गया।
सामूहिक सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर में दी जा रही धर्म शिक्षा
शिविर में जैन धर्म के गूढ़ सिद्धांतों से लेकर बाल संस्कारों तक का ज्ञान प्रदान किया जा रहा है।पाठशाला संयोजिकाओं ने बताया कि शिविर का विशेष आकर्षण “बाल डिजिटल क्लास” है, जिसमें बच्चों को विशाल LED स्क्रीन के माध्यम से धार्मिक कहानियाँ, संस्कारमय गीत, कविताएँ एवं प्रेरणादायक प्रस्तुतियों द्वारा धर्म शिक्षा दी जा रही है।
बाल डिजिटल क्लास बना मुख्य आकर्षण
शिविर में आधुनिक तकनीक और धार्मिक शिक्षा का अनूठा संगम देखने को मिला।विशाल LED स्क्रीन पर बच्चों को जैन धर्म से जुड़ी प्रेरणादायक कहानियाँ, नैतिक शिक्षा एवं संस्कारों से संबंधित सामग्री दिखाई जा रही है। इससे बच्चों में धर्म के प्रति रुचि और संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
पुण्यार्जक परिवारों का हुआ सम्मान
मुख्य शिविर संयोजक धर्मचन्द धनोप्या एवं अर्चना (रानी) सर्राफ ने बताया कि मुख्य शिविर पुण्यार्जक में —श्रीमान पदम जी–सीता जी, राजेन्द्र जी–आशा जी, हुकुम जी (काका), प्रकाश जी–छाया जी, प्रतीक जी–साक्षी जी, तन्वी जी हरस्रोरा परिवार।श्रीमती सुशीला बाई जी, अशोक जी, राजकुमार जी, विवेक जी, आनंद जी, विकास जी ठोरा परिवार (संधारा वाले)।श्रीमान महावीर जी, भारती जी, नेहा जी, नमन जी, जुही जी, सिद्धार्थ जी मित्तल परिवार शामिल रहे।
स्टेशनरी पुण्यार्जकों का विशेष सहयोग
शिविर संयोजक मनोज बगड़ा ने बताया कि स्टेशनरी पुण्यार्जक —श्री विकास जी–नीलम जी, मानवी, दिती ठग परिवार (मांडलगढ़ वाले), फर्म – सुधा होलसेल मार्केट एवं जैन इलेक्ट्रोनिक मार्ट रहे।
उपाध्यक्ष सुमित सेंकी ने बताया कि कलश पुण्यार्जक —श्री महेन्द्र जी–विमलेश जी, नितेश, सौरभ, रोनित कासलीवाल परिवार रहे।
ज्ञान सारथी एवं दीप प्रज्ज्वलन कर्ताओं का सम्मान
कोषाध्यक्ष मनीष मोहिवाल ने ज्ञान सारथी एवं दीप प्रज्ज्वलन कर्ता पुण्यार्जकों का विवरण देते हुए बताया कि —श्रीमान जम्बू जी, अर्चना जी, अभिमन्यु जी, दीपांशी जी, दिव्यांश जी, मुस्कान जी सर्राफ परिवार।श्री हितेश जी–जयन्ति जी, सुहानी जी, विहान जी जैन सांवला (इन्दौर वाले), हैदराबाद निवासी।श्री तेजमल जी–चन्द्रकांता जी, चितरंजन जी–पिंकी जी, समर्थ, दक्षत पोरवाल परिवार।श्रीमती संतरा देवी, आशा दीदी, रानी, रेखा जी।
श्री धर्मचन्द जी–हेमलता जी, दीक्षा धनोप्या परिवार (अलोद वाले)।
श्री शरद जी कोठारी (प्रोफेसर मेक्स)।
श्री जिनेन्द्र जी, सौरभ जी, तनिष जी, सुमित्रा, निकिता, कनिका, सबदरा परिवार।
श्री आनन्दीलाल जी, संजय जी, रिषभ जी जैन परिवार (चंवरिया वाले)।
डॉ. संतोष जैन, श्री पारसचन्द जी, गौरव जी–रितु जी, गर्व, आरव, अविक पोरवाल परिवार।
इसके अतिरिक्त पुण्योदय पूजा मण्डल, अदीश्वर महिला मण्डल एवं अनेक श्रद्धालु परिवारों का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
समाजजनों की रही विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में समाज के अनेक गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु एवं स्वाध्याय प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।पूरे आयोजन के दौरान वातावरण धर्म, भक्ति और संस्कारों से ओतप्रोत नजर आया। श्रद्धालुओं ने शिविर को बच्चों और युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक बताया।
धर्म और संस्कारों का संगम बना शिविर
यह सामूहिक सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर केवल धार्मिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों और युवाओं में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रयास है।शिविर के माध्यम से नई पीढ़ी को जैन धर्म के सिद्धांतों से जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है।





