सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बागेश्वर धाम से खर्चीली शादियों पर रोक और सादगी अपनाने की शक्तिशाली अपील की। 300 नवदंपतियों को शुभकामनाएं।
सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन का महत्व
सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन आज के समय में सामाजिक सुधार का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। बढ़ती महंगाई और दिखावे की संस्कृति के बीच यह पहल समाज को सादगी और संस्कार की ओर लौटने का संदेश देती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कहा कि बेटा-बेटी के विवाह के लिए सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन सबसे उत्तम माध्यम है। उन्होंने खर्चीली शादियों को चिंताजनक बताते हुए मितव्ययिता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शक्तिशाली संदेश
बागेश्वर धाम में आयोजित सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि:
- विवाह हमारे 16 संस्कारों में सबसे महत्वपूर्ण संस्कार है।
- अनावश्यक खर्च समाज पर बोझ बन रहा है।
- सामूहिक विवाह से बची राशि परिवार के विकास में उपयोग की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं अपने पुत्र का विवाह उज्जैन में एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में किया था — यह उनके व्यक्तिगत विश्वास और सामाजिक प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
बागेश्वर धाम में 300 नवदंपतियों का विवाह
बागेश्वर धाम में आयोजित इस सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन में 300 नवदंपतियों का विवाह संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और कहा कि यदि उन्हें रोजगार या व्यवसाय के लिए सहायता चाहिए तो सरकार सहयोग करेगी।
बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस अवसर पर कहा कि यह आयोजन एक यज्ञ के समान है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।
मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना – 51 हजार की सहायता
राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 51,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
देवउठनी एकादशी, बसंत पंचमी और अक्षय तृतीया का महत्व
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में तीन तिथियां ऐसी हैं जब बिना मुहूर्त विवाह किया जा सकता है:
- देवउठनी एकादशी
- बसंत पंचमी
- अक्षय तृतीया
इन तिथियों पर सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन आयोजित करने से समाज में सरल विवाह की परंपरा को बढ़ावा मिलेगा।
सनातन संस्कृति और ऐतिहासिक संदर्भ
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति पर हुए ऐतिहासिक आक्रमणों का उल्लेख करते हुए कहा कि:
- सोमनाथ मंदिर पर कई आक्रमण हुए, लेकिन उसकी भव्यता बढ़ती गई।
- अयोध्या राम मंदिर में श्रीरामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं।
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छतरपुर को कैंसर अस्पताल की सौगात दी।
उन्होंने कहा कि देवस्थान केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक शक्ति के स्रोत भी हैं।
जनप्रतिनिधियों और संतों की उपस्थिति
इस सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे:
- पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल
- वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार
- खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा
- विधायक भगवानदास सबनानी
- विधायक ललिता यादव
- पूर्व विधायक प्रद्युम्न सिंह
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अर्चना सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और साधु-संत उपस्थित रहे।
स्थानीय विधायक अरविंद पटेरिया ने बताया कि यह 7वां सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन है।
महाकाल लोक और उज्जैन का विकास
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में महाकाल लोक का भव्य निर्माण हुआ, जिससे उज्जैन वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरा है।
सामाजिक बदलाव की दिशा
सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन केवल विवाह का आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति का प्रतीक है।
इसके माध्यम से:
- दहेज प्रथा पर रोक
- दिखावे की प्रवृत्ति में कमी
- आर्थिक संतुलन
- सामाजिक समरसता
जैसे सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि समाज में हो रहे सकारात्मक बदलावों को सभी को अपनाना चाहिए।
निष्कर्ष
सामूहिक कन्या विवाह सम्मेलन समाज को सादगी, संस्कार और आर्थिक संतुलन की दिशा में आगे बढ़ाने वाला एक ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बागेश्वर धाम सरकार की यह पहल मध्यप्रदेश ही नहीं, पूरे देश के लिए प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है।
