श्री सम्मेद शिखर जी ट्रस्टी नियुक्ति के अंतर्गत अमित कासलीवाल एवं हसमुख गांधी के चयन से जैन समाज में हर्ष और नई उम्मीद जगी।
राजेश जैन दद्दू
इंदौर
श्री सम्मेद शिखर जी ट्रस्टी नियुक्ति: जैन समाज के लिए ऐतिहासिक व गौरवपूर्ण क्षण
श्री सम्मेद शिखर जी ट्रस्टी नियुक्ति के अंतर्गत जैन रत्न महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं जैन समाज गौरव अमित कासलीवाल तथा वरिष्ठ समाजसेवी हसमुख गांधी को सास्वत तीर्थ श्री सम्मेद शिखर जी का नव नियुक्त ट्रस्टी मनोनीत किया गया है।
इस ऐतिहासिक निर्णय से भारतवर्षीय जैन समाज में हर्ष, उत्साह और गर्व की लहर दौड़ गई है।
श्री सम्मेद शिखर जी ट्रस्टी नियुक्ति का धार्मिक महत्व
श्री सम्मेद शिखर जी ट्रस्टी नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि जैन धर्म की आस्था, परंपरा और संरक्षण से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
श्री सम्मेद शिखर जी जैन समाज का सर्वोच्च और पवित्र तीर्थ है, जहाँ 20 तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया।

अमित कासलीवाल : जैन समाज का सशक्त नेतृत्व
अमित कासलीवाल वर्षों से जैन समाज के धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
जैन रत्न महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने समाज में सेवा, संस्कार और संगठन को नई दिशा दी है।
श्री सम्मेद शिखर जी ट्रस्टी नियुक्ति में उनका चयन इस बात का प्रमाण है कि उनका नेतृत्व विश्वास और परिणामों पर आधारित है।
हसमुख गांधी: सेवा और समर्पण की मिसाल
वरिष्ठ समाजसेवी हसमुख गांधी जैन समाज में अनुशासन, सहयोग और निस्वार्थ सेवा के लिए पहचाने जाते हैं।
धार्मिक आयोजनों से लेकर सामाजिक उत्थान तक, उनकी भूमिका सदैव प्रेरणादायक रही है।
श्री सम्मेद शिखर जी ट्रस्टी नियुक्ति में उनका मनोनयन समाज की सामूहिक भावना को और मजबूत करता है।
इंदौर जैन समाज में खुशी की लहर
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस नियुक्ति पर इंदौर दिगम्बर जैन समाज के अनेक वरिष्ठ जनों ने शुभकामनाएं प्रेषित कीं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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डॉ. जैनेन्द्र जैन आज़ाद
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जैन टी.के. वेद
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सुशील पांड्या
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मनोहर झांझरी
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प्रदीप चौधरी
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मयंक जैन
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डी.के. जैन
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डी.एस.पी. जैन
सभी ने एक स्वर में कहा कि अब तीर्थ क्षेत्र के प्रबंधन में अभिनव और सकारात्मक परिवर्तन निश्चित है।
भविष्य में तीर्थ प्रबंधन की नई दिशा
श्री सम्मेद शिखर जी ट्रस्टी नियुक्ति के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि:
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तीर्थ की पवित्रता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
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श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार होगा
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धार्मिक मर्यादा का कठोरता से पालन सुनिश्चित किया जाएगा
जैन समाज के लिए यह नियुक्ति क्यों महत्वपूर्ण है?
यह नियुक्ति जैन समाज की एकता, नेतृत्व क्षमता और धार्मिक चेतना को मजबूत करती है।
यह आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था और संस्कारों की रक्षा का संदेश भी देती है।
