सम्मेद शिखरजी पारसनाथ वंदना मार्ग पर बाइक परिचालन पूरी तरह बंद, प्रशासन ने चलाया सख्त अभियान
राजेश जैन दद्दू, इंदौर
झारखंड के गिरिडीह जिले स्थित विश्वविख्यात जैन तीर्थ सम्मेद शिखरजी पारसनाथ पर्वत पर अब वंदना मार्ग में बाइक परिचालन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। जैन समाज की वर्षों पुरानी मांग पर स्थानीय प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मधुबन में पारसनाथ वंदना मार्ग पर बाइक प्रवेश पूर्णतः बंद कर दिया है।
यह कदम जैन समुदाय और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, शांति और श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
जैन समुदाय की मांग पूरी — वंदना मार्ग पर बाइकों की आवाजाही अब शून्य
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि विश्व जैन संगठन, राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ और अन्य जैन संस्थाओं द्वारा पारसनाथ पर्वत पर बाइक संचालन बंद करवाने के लिए पिछले कई वर्षों से प्रयास किए जा रहे थे।
तीर्थक्षेत्र की पवित्रता, वंदना का शांत वातावरण और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह मांग लगातार उठती रही।
अधिकारियों ने संयुक्त अभियान चलाया — मुख्य गेट पर रोक दी गई सभी बाइकें
वरिष्ठ पदाधिकारियों के निर्देश पर अंचल अधिकारी (CO) ऋषिकेश मरांडी और मधुबन थाना प्रभारी संजय कुमार ने संयुक्त टीम बनाकर सख्त अभियान चलाया।
अभियान के दौरान पारसनाथ पर्वत की तलहटी स्थित मुख्य गेट पर ही सभी बाइकों को रोक दिया गया, ताकि कोई भी वाहन वंदना मार्ग में प्रवेश न कर सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध स्थायी और पूर्ण होगा तथा किसी भी परिस्थिति में वंदना मार्ग में मोटरसाइकिल प्रवेश नहीं पाएगी।
क्यों लगाया गया प्रतिबंध? — तीर्थयात्रियों ने की थीं कई शिकायतें
सूत्रों के अनुसार, कई जैन तीर्थयात्रियों ने तीर्थ क्षेत्र समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों को लगातार शिकायतें भेजीं, जिनमें कहा गया कि:
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वंदना मार्ग में दौड़ती बाइकें शांति भंग करती हैं
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बाइक की तेज आवाज से वंदना और तपस्या में बाधा उत्पन्न होती है
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संकरी पहाड़ी सड़क पर बाइक से सुरक्षा संबंधी खतरा बढ़ता है
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पैदल चलने वाले यात्रियों को दुर्घटना का डर बना रहता है
तीर्थयात्रियों का कहना था कि सम्मेद शिखरजी जैसे पवित्र जैन तीर्थ पर वंदना मार्ग में किसी भी तरह का वाहन संचालन अनुचित है और धार्मिक वातावरण पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
वरिष्ठ पदाधिकारियों का हस्तक्षेप — मौके पर जांच के बाद तुरंत कार्रवाई
शिकायतें बढ़ने के बाद तीर्थ क्षेत्र समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया कि:
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मौके पर तुरंत प्रवेश मार्ग की जांच की जाए
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बाइक परिचालन पूरी तरह बंद करवाया जाए
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वंदना मार्ग को पूर्ण रूप से शांत, सुरक्षित और पैदल-योग्य बनाया जाए
निर्देश मिलते ही प्रशासन ने एक्शन लेते हुए अभियान चलाया और कुछ ही घंटों में पूरे क्षेत्र से बाइकें हटा दी गईं।
देश–विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों के लिए बड़ा निर्णय
अधिकारियों ने बताया कि सम्मेद शिखरजी पारसनाथ पर्वत पर हर साल:
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भारत के सभी राज्यों
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अमेरिका, दुबई, यूके, कनाडा, सिंगापुर सहित कई देशों
से लाखों जैन श्रद्धालु वंदना के लिए आते हैं।
इतनी भारी संख्या में तीर्थयात्रियों के बीच बाइक संचालन से:
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दुर्घटनाओं का खतरा
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ध्वनि प्रदूषण
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अनुशासनहीनता
जैसी स्थितियाँ बनती थीं।
इसलिए यह निर्णय तीर्थ के धार्मिक माहौल को शांति एवं सुरक्षा देने हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
“अब बिना व्यवधान वंदना कर सकेंगे तीर्थयात्री” — प्रशासन का स्पष्ट संदेश
अभियान के बाद पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से घोषणा की:
“वंदना मार्ग पर अब किसी भी स्थिति में बाइक का प्रवेश नहीं होगा। सभी श्रद्धालु सुरक्षित और शांत वातावरण में वंदना कर सकेंगे।”
यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
जैन समाज में खुशी — इंदौर और अन्य शहरों के पदाधिकारियों ने जताया आभार
विश्व जैन संगठन इंदौर के अध्यक्ष मयंक जैन, वरिष्ठ जैन जन डॉ. जैनेन्द्र जैन, हंसमुख गांधी, टीके वेद, सुशील पांड्या, प्रदीप बड़जात्या, रेखा जैन, श्रीफल जैन सहित कई जैन समुदाय के प्रतिनिधियों ने स्थानीय प्रशासन का धन्यवाद व्यक्त किया।
जैन समाज ने अनुरोध किया कि:
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इस आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाए
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वंदना मार्ग को स्थायी रूप से वाहन मुक्त रखा जाए
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आवश्यकता पड़ने पर निगरानी बढ़ाई जाए
निष्कर्ष
सम्मेद शिखरजी पारसनाथ वंदना मार्ग पर बाइक परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध जैन समाज की एक बड़ी और ऐतिहासिक जीत है। यह कदम तीर्थ की पवित्रता, वंदना की शांति और श्रद्धालु यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद आवश्यक था।
यह निर्णय भविष्य में शिखरजी को पूरी तरह वाहन-मुक्त धार्मिक जोन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
