सुरक्षित कार्य संस्कृति निर्माण में सामूहिक प्रयास आवश्यक: नागदा के युवा संगम प्रशिक्षण कार्यक्रम में डायरेक्टर नमिता तिवारी का संदेश
नागदा।
कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण और श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं—यह संदेश बुधवार को नागदा में आयोजित सुरक्षित कार्य संस्कृति प्रशिक्षण अभियान (युवा संगम) के शुभारंभ अवसर पर मध्य प्रदेश औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा विभाग की डायरेक्टर श्रीमती नमिता तिवारी ने दिया।
ग्रेसिम बिरला हाउस सभागृह में आयोजित इस एकदिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के अधिकारियों और कर्मचारियों को उन्नत सुरक्षा मानकों, स्वास्थ्य संरक्षण उपायों और आधुनिक औद्योगिक सुरक्षा तकनीकों के बारे में प्रशिक्षित करना था।
नमिता तिवारी ने कहा – “सुरक्षा संस्कृति सामूहिक आचरण से बनती है”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती तिवारी ने कहा कि केवल नियम और कानून सुरक्षित वातावरण नहीं बना सकते, बल्कि सभी की जागरूकता, भागीदारी और सतत प्रयास ही एक मजबूत सुरक्षा संस्कृति की नींव रखते हैं।
उन्होंने कहा—
“परिवार, समाज, उद्योग और राष्ट्र—हर स्तर पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है। कार्यस्थल पर सुरक्षित कार्य संस्कृति तभी स्थापित होती है जब प्रत्येक व्यक्ति जिम्मेदारी के साथ इसका पालन करे।”
साथ ही उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के हितों, कल्याण योजनाओं और कार्यस्थल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई नवाचारपूर्ण पहलें की हैं। कार्यक्रम में उन्होंने इन योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी साझा की।
130 से अधिक अधिकारियों ने लिया प्रशिक्षण में हिस्सा
ग्रेसिम जनसंपर्क अधिकारी श्री कमल सेठी ने बताया कि सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक चले इस विस्तृत प्रशिक्षण में प्रदेश के कई जिलों—नागदा, रतलाम, उज्जैन, खोर, नीमच, मेघनगर और इंदौर—की औद्योगिक इकाइयों से कुल 130 अधिकारी शामिल हुए।
अतिथि वक्ताओं डॉ. एस. बी. मिश्रा और सुश्री भावना कस्तूरिया ने स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रबंधन, औद्योगिक जोखिमों की पहचान, आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना, रासायनिक पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, तथा आधुनिक सुरक्षा मानकों पर विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य सत्रों में हुए महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श
कार्यक्रम के दौरान निम्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया—
- प्रोसेस सेफ्टी मैनेजमेंट (PSM)
- विजन जीरो हार्म सुरक्षा मॉडल
- ऑक्युपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड 2020
- रासायनिक पदार्थों का सुरक्षित भंडारण एवं हैंडलिंग (Storage & Handling of Chemicals)
- इमरजेंसी प्रिपेयरडनेस एवं रिस्पांस सिस्टम
इन सत्रों का उद्देश्य उद्योगों में दुर्घटनाओं को रोकने के साथ आधुनिक तकनीक और प्रक्रियाओं के माध्यम से सुरक्षा स्तरों को और सुदृढ़ करना था।
उद्योग जगत के वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में क्षेत्र की कई प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे—
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ग्रेसिम इकाई प्रमुख और अध्यक्ष श्री शांतनु कुलकर्णी
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लैंक्सेस इकाई प्रमुख श्री सुनील गुलाटी
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गुलब्रांडसन इकाई प्रमुख श्री राजीव पाठक
इन अधिकारियों ने अपने संबोधन में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर उद्योगों में किए जा रहे प्रयासों, अनुभवों और चुनौतियों पर अपने विचार रखे।
भोपाल गैस त्रासदी दिवस पर रखा गया मौन
कार्यक्रम का आयोजन जिस दिन हुआ, वही दिन भोपाल गैस त्रासदी दिवस भी था। इस अवसर पर सभी उपस्थित अधिकारियों ने एक मिनट का मौन रखकर इस भीषण दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी।
साथ ही यह संकल्प लिया गया कि देश में भविष्य में ऐसी किसी भी दुखद घटना की पुनरावृत्ति न हो और उद्योग जगत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
सुरक्षा शपथ के साथ बढ़ाया सुरक्षा जागरूकता का संदेश
ग्रेसिम मानव संसाधन प्रबंधन महाप्रबंधक श्री अंकुर पारीक ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को सुरक्षा शपथ दिलाई।
शपथ का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रत्येक अधिकारी सुरक्षा नियमों को न केवल स्वयं अपनाए, बल्कि अपने अधीनस्थ कर्मचारियों तक भी इसे गंभीरता से लागू कराए।
ग्रेसिम की ओर से आभार और सहयोग
ग्रेसिम मानव संसाधन प्रबंधन उपाध्यक्ष श्री सुधीर कुमार सिंह ने मध्य प्रदेश औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत नागदा से करने पर विभाग का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा—
“यह पहल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों को सुरक्षा के उच्चतम मानकों तक ले जाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
ग्रेसिम केमिकल डिवीजन मानव संसाधन प्रबंधन के उपाध्यक्ष श्री विनोद कुमार मिश्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में टीम का महत्वपूर्ण योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में जिन अधिकारियों और विभागों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उनमें प्रमुख थे—
- सुरक्षा वरिष्ठ महाप्रबंधक श्री जयंत कुमार
- एडमिन महाप्रबंधक श्री राहुल राजू
- ग्रेसिम HRM की पूर्ण टीम
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेंद्र मीणा और दीप्ति रघुवंशी ने कुशलता से किया।
नागदा संवाददाता जीवन लाल जैन की इस रिपोर्ट में युवा संगम के माध्यम से औद्योगिक सुरक्षा और जागरूकता के जिस व्यापक संदेश को प्रस्तुत किया गया, वह प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा संस्कृति को और अधिक मजबूत करेगा।




