साध्वीश्री आदि ठाणा चार का मोहनखेड़ा म्यूजियम की ओर उग्र विहार—तीन दिवसीय अट्ठम तप (तेले) महोत्सव में करेंगे निश्रा प्रदान
झकनावदा।
परम पूज्य पुण्य सम्राट के पट्ठधर, वर्तमान गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी महाराज साहब एवं आचार्य श्रीमद् विजय जयरत्न सूरीश्वरजी महाराज साहब की आज्ञानुवर्ती साध्वीश्री स्नेहलता श्रीजी महाराज साहब की सुशिष्या—साध्वीश्री तत्त्वलता श्रीजी महाराज साहब आदि ठाणा चार इन दिनों अपने पावन विहार से जैन समाज को धर्म, चर्या और तप की प्रेरणा प्रदान कर रही हैं।
इसी क्रम में साध्वीश्री आदि ठाणा चार की पावन निश्रा में सारंगी जिनालय में भव्य ध्वजारोहण समारोह संपन्न हुआ। ध्वजारोहण के उपरांत साध्वीश्री ने सारंगी जिनालय का उत्थापन करते हुए धर्मभावना से परिपूर्ण उग्र विहार प्रारंभ किया। विहार के दौरान करवड़, पेटलावद एवं रायपुरिया श्रीसंघों को धार्मिक गतिविधियों से जोड़ते हुए साध्वीश्री ने समाजजनों को संयम, साधना और धर्ममार्ग के प्रति जागरूक किया।
झकनावदा में मंगल प्रवेश—गुरु भक्ति से सराबोर रहा वातावरण
शनिवार प्रातः 8 बजे साध्वीश्री आदि ठाणा चार का झकनावदा में मंगल प्रवेश हुआ। प्रवेश के समय पूरे नगर में धर्ममय वातावरण छा गया। समाजजन, बालक–बालिकाएँ और महिला मंडल भक्ति गीतों, प्रभु स्मरण और मंगल कलशों के साथ विहार स्वागत हेतु उपस्थित थे।
झकनावदा में ठहराव के दौरान साध्वीश्री ने धर्मसभा में उपस्थिति गुरु भक्तों को तत्वज्ञान, तप और सेवा के महत्व पर प्रेरक संदेश दिए। उन्होंने बताया कि आत्मकल्याण का मार्ग संयम, सादगी और परस्पर प्रेम से होकर गुजरता है।
मोहनखेड़ा श्री राज राजेंद्र जयंतसेन म्यूजियम की ओर भव्य विहार
रविवार को साध्वीश्री का विहार झकनावदा से मोहनखेड़ा तीर्थ स्थित श्री राज राजेंद्र जयंतसेन म्यूजियम की ओर रहा। विहार के दौरान समाजजन लगातार उनके साथ चलकर धर्मलाभ लेते रहे।
अखिल भारतीय श्री राज राजेंद्र नवयुवक परिषद के प्रांतीय सह मीडिया प्रभारी मनीष कुमट (झकनावदा) ने साध्वीश्री से धर्मचर्चा करते हुए विहार का विस्तृत विवरण प्राप्त किया।
साध्वीश्री तत्त्वलता श्रीजी ने बताया कि—
8 से 10 दिसंबर
साध्वीश्री का राजगढ़ में मंगल प्रवेश एवं स्थिरता रहेगी।
11 से 16 दिसंबर
मोहनखेड़ा महातीर्थ स्थित श्री राज राजेंद्र जयंतसेन म्यूजियम में स्थिरता रहेगी।
मोहनखेड़ा में 13 से 15 दिसंबर—तीन दिवसीय सामूहिक अट्ठम तप (तेले) महोत्सव
मोहनखेड़ा महातीर्थ में 13 से 15 दिसंबर तक शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान के नाम पर सामूहिक अट्ठम तप (तेले) महोत्सव का आयोजन रखा गया है। यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा, तप, संयम और आत्मशुद्धि का महापर्व होगा।
- साध्वीश्री तत्त्वलता श्रीजी महाराज साहब
- साध्वीश्री आदि ठाणा चार
की पावन निश्रा में यह तीन दिवसीय तप महोत्सव धार्मिक उल्लास और भक्ति से संपन्न होगा।
इस अवसर पर शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान के
- जीवन कल्याणक,
- जन्म कल्याणक,
- दीक्षा कल्याणक
का भव्य और अलौकिक आयोजन भी किया जाएगा।
आयोजन में संगीतकार, विधिकारक एवं अनेक गुरुभक्त उपस्थिति रहेंगे, जो इस आयोजन को दिव्य और अविस्मरणीय बनाएंगे।
आयोजन में परिषदों और ट्रस्टों की संयुक्त भूमिका
अट्ठम तप महोत्सव के आयोजन में निम्न संस्थाओं का संयुक्त प्रयास विशेष रूप से उल्लेखनीय है—
- श्री राज राजेंद्र जैन श्वेतांबर तीर्थ दर्शन पंच123 ट्रस्ट
- राज राजेंद्र जयंतसेन म्यूजियम, मोहनखेड़ा तीर्थ
- अखिल भारतीय श्री राज राजेंद्र नवयुवक परिषद
- तरुण परिषद
- महिला परिषद
इन सभी संस्थाओं ने समस्त गुरु भक्तों, तप साधकों और धर्मानुरागियों से आह्वान किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मोहनखेड़ा में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें।
धर्मप्रेमियों के लिए विशेष आमंत्रण
जो साधक अट्ठम तप या महोत्सव से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, वे आयोजन समिति से संपर्क कर सकते हैं:
📞 98260 98512
पवित्र मोहनखेड़ा महातीर्थ में साध्वीश्री आदि ठाणा चार की पावन सन्निधि में यह भव्य आयोजन जैन समाज के लिए एक महाधर्म अवसर है, जहाँ तप, भक्ति, संयम और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
