BJP Leader Passed Away: सतना के नागौद से पूर्व विधायक यादवेन्द्र सिंह का 73 वर्ष की आयु में निधन। भोपाल के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान ली अंतिम सांस।
BJP Leader Passed Away: पूर्व विधायक यादवेन्द्र सिंह का निधन
मध्यप्रदेश की राजनीति से शनिवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। BJP Leader Passed Away की खबर ने पूरे प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। सतना जिले की नागौद विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे यादवेन्द्र सिंह का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
यादवेन्द्र सिंह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और भोपाल के एक बड़े निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। शनिवार 14 मार्च को इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही भाजपा और अन्य दलों के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं में गहरा दुख फैल गया।
भोपाल अस्पताल में ली अंतिम सांस
BJP Leader Passed Away की खबर शनिवार सुबह सामने आई जब यह जानकारी मिली कि भोपाल के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान यादवेन्द्र सिंह का निधन हो गया।
बताया जा रहा है कि वे पिछले कई दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उन्होंने अंतिम सांस ली।उनकी पार्थिव देह को देर रात तक उनके गृहग्राम कचनार, जिला सतना लाया जाएगा।
नागौद से विधायक रहे यादवेन्द्र सिंह
यादवेन्द्र सिंह सतना जिले की नागौद विधानसभा सीट से पूर्व विधायक थे। वे अपने क्षेत्र में एक सशक्त और जनप्रिय नेता के रूप में जाने जाते थे।वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया था।उनके कार्यकाल के दौरान नागौद क्षेत्र में कई विकास कार्य हुए, जिसके कारण उन्हें जनता का व्यापक समर्थन मिला।हालांकि 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बहुत कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
यादवेन्द्र सिंह का राजनीतिक सफर
BJP Leader Passed Away की खबर के साथ ही लोग उनके लंबे और संघर्षपूर्ण राजनीतिक सफर को भी याद कर रहे हैं।यादवेन्द्र सिंह का जन्म 5 जून 1953 को एक साधारण परिवार में हुआ था।उन्होंने राजनीति की शुरुआत 1978 में ग्राम पंचायत वसुधा के सरपंच के रूप में की थी।इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया—
• 1991-92 – विपणन सहकारी समिति नागौद के अध्यक्ष
• 1993 – जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष
• 1999 – कृषि उपज मंडी समिति के अध्यक्ष
इन पदों पर रहते हुए उन्होंने किसानों और ग्रामीण विकास के लिए कई कार्य किए।
कांग्रेस से भाजपा तक का सफर
यादवेन्द्र सिंह का राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा।
• 1998 में उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा
• 2003 में कांग्रेस पार्टी ने उन्हें टिकट दिया
• 2008 और 2013 में भी कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार बनाया
2013 में उन्होंने विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया।लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उनका टिकट काट दिया। इसके बाद उन्होंने पार्टी से नाराज होकर बसपा से चुनाव लड़ा।उनके चुनाव लड़ने के कारण कांग्रेस को नुकसान हुआ और पार्टी तीसरे स्थान पर रही।इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।
परिवार और सामाजिक पहचान
यादवेन्द्र सिंह केवल राजनीति ही नहीं बल्कि सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे।उनका परिवार भी लंबे समय से सार्वजनिक जीवन से जुड़ा रहा है।
• उनकी पुत्रवधू प्रतिभा यतेंद्र सिंह नगर परिषद नागौद की अध्यक्ष हैं
• उनके पुत्र यतेंद्र सिंह पहले जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं
नागौद क्षेत्र में उनका परिवार सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माना जाता है।
नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जताया शोक
BJP Leader Passed Away की खबर सामने आते ही प्रदेश के कई नेताओं ने दुख व्यक्त किया।भाजपा नेताओं के साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय सिंह ने भी उनके निधन पर शोक जताया।सोशल मीडिया पर भी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।कई लोगों ने कहा कि यादवेन्द्र सिंह एक सरल, मिलनसार और जनता के बीच रहने वाले नेता थे।
नागौद में होगा अंतिम संस्कार
यादवेन्द्र सिंह की पार्थिव देह को भोपाल से उनके गृहग्राम कचनार, जिला सतना लाया जा रहा है।रविवार को नागौद क्षेत्र में पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग और कार्यकर्ता पहुंचने की संभावना है।
क्षेत्रीय राजनीति में बड़ी क्षति
BJP Leader Passed Away की खबर को मध्यप्रदेश की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।यादवेन्द्र सिंह को क्षेत्र में एक जनप्रिय और जमीनी नेता के रूप में जाना जाता था।उन्होंने कई दशकों तक राजनीति में सक्रिय रहते हुए जनता की समस्याओं को उठाया और विकास कार्यों में योगदान दिया।उनके निधन से नागौद और सतना क्षेत्र की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है।
