राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महिदपुर नगर में गुरु पूजन उत्सव संपन्न
पांचों बस्तियों में आयोजित हुए गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम
महिदपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नगर महिदपुर द्वारा गुरु पूर्णिमा उत्सव के अंतर्गत गुरु पूजन कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। प्रांत की रचना के अनुसार नगर की पांचों बस्तियों में अलग-अलग स्थानों पर गुरु पूजन कार्यक्रम संपन्न हुए। कार्यक्रमों में संघ कार्यकर्ताओं एवं समाजजनों ने सहभागिता करते हुए प्रथम गुरु भगवा ध्वज का पूजन किया और राष्ट्र, संस्कृति एवं आदर्शों के प्रति समर्पण का संकल्प लिया।
शिवाजी, माधव, मधुकर, केशव और बजरंग बस्ती में हुए आयोजन
गुरु पूजन कार्यक्रम नगर की विभिन्न बस्तियों में आयोजित किए गए।
- शिवाजी बस्ती में श्रीराम मंदिर, औदीच्य ब्राह्मण समाज धर्मशाला में कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- माधव बस्ती में श्री गोपाल धर्मशाला, पुराना बस स्टैंड पर गुरु पूजन किया गया।
- मधुकर बस्ती में स्नेह सिटी कॉलोनी गार्डन मंदिर परिसर में आयोजन हुआ।
- केशव बस्ती में आंजना धर्मशाला, बिनपुरा रोड पर कार्यक्रम संपन्न हुआ।
- बजरंग बस्ती में श्री मेवाड़ा माली समाज धर्मशाला, भीमाखेड़ा में गुरु पूजन किया गया।
इन सभी स्थानों पर बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं नागरिक उपस्थित रहे।
बौद्धिक में व्यक्ति पूजा से मुक्ति और तत्वनिष्ठा पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ जनों द्वारा बौद्धिक प्रस्तुत किया गया। वक्ताओं ने व्यक्ति पूजा से मुक्ति और तत्वनिष्ठा के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का विचार था कि कोई भी व्यक्ति कितना भी महान क्यों न हो, उसमें मानवीय सीमाएं और अपूर्णताएं हो सकती हैं। व्यक्ति समय के साथ बदल सकता है, लेकिन विचार, सिद्धांत और तत्व सदैव स्थायी रहते हैं।
उन्होंने बताया कि संघ में व्यक्ति विशेष के स्थान पर आदर्शों और मूल्यों को महत्व दिया जाता है। यही कारण है कि भगवा ध्वज को गुरु के रूप में स्वीकार किया गया है।
भगवा ध्वज भारतीय संस्कृति, त्याग और शौर्य का प्रतीक
कार्यक्रम में भगवा ध्वज के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि भगवा रंग भारतीय संस्कृति में त्याग, तपस्या, शौर्य, ज्ञान और बलिदान का प्रतीक रहा है।
इतिहास में छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोबिंद सिंह और महाराणा प्रताप जैसे महान योद्धाओं ने भगवा ध्वज को प्रेरणा का स्रोत माना। यह ध्वज राष्ट्र के प्रति समर्पण, साहस और कर्तव्य भावना का संदेश देता है।
वक्ताओं ने कहा कि भारतीय परंपरा में भगवा रंग सदैव धर्म, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहा है।
संघ कार्यकर्ताओं ने किया गुरु पूजन
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, महिदपुर नगर द्वारा गुरु पूजन उत्सव श्रद्धा और अनुशासन के वातावरण में आयोजित किया गया। नगर की पांचों बस्तियों में निर्धारित स्थानों पर कार्यक्रम संपन्न हुए, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ जनों ने बौद्धिक प्रस्तुत करते हुए संघ की विचारधारा, तत्वनिष्ठा और व्यक्ति पूजा से मुक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि व्यक्ति समय के साथ बदल सकता है, लेकिन आदर्श, सिद्धांत और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना सदैव स्थायी रहती है।
स्वयंसेवकों ने संघ के प्रथम गुरु भगवा ध्वज को नमन कर विधि-विधान से पूजन किया। इस अवसर पर भगवा ध्वज के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि भगवा रंग त्याग, शौर्य, ज्ञान और बलिदान का प्रतीक है, जो समाज को राष्ट्र सेवा और संस्कारों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
गुरु पूजन उत्सव के माध्यम से स्वयंसेवकों ने अनुशासन, संगठन भावना और समाजहित में कार्य करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम ने सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
आदर्शों और संस्कारों को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित स्वयंसेवकों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
गुरु पूर्णिमा उत्सव ने स्वयंसेवकों को अपने जीवन में अनुशासन, सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। महिदपुर नगर में आयोजित यह आयोजन धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा।
