उज्जैन में संघ का ऐतिहासिक पथ संचलन: शताब्दी वर्ष में हर परिवार से एक सदस्य को जोड़ने का लक्ष्य
उज्जैन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने शताब्दी वर्ष को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुटा है। इस कड़ी में आगामी विजयादशमी पथ संचलन इस बार खास होगा। परंपरागत तौर पर दशहरे के दिन सुबह निकलने वाला यह संचलन अबकी बार 5 अक्टूबर, रविवार को शाम 4 बजे आयोजित होगा। संघ ने इस अवसर पर यह लक्ष्य रखा है कि हर परिवार से कम से कम एक सदस्य संचलन या विजय उत्सव में शामिल हो।
हर नगर से निकलेगा संचलन
संघ के विभाग कार्यवाह पारस गेहलोत ने जानकारी दी कि उज्जैन महानगर के सातों नगरों से पथ संचलन निकलेगा। अब तक औसतन प्रति नगर 1000 स्वयंसेवक शामिल होते रहे हैं, लेकिन इस बार का लक्ष्य कहीं अधिक रखा गया है। अनुमान है कि प्रत्येक नगर से ढाई से तीन हजार स्वयंसेवक शामिल होंगे और कुल मिलाकर करीब 20 हजार स्वयंसेवक इस ऐतिहासिक संचलन का हिस्सा बनेंगे।
संचलन से पहले स्वयंसेवक समता प्रयोग (पीटी-आसन) का प्रदर्शन करेंगे और उसके बाद विभिन्न नगरों में संघ पदाधिकारियों द्वारा बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पंच परिवर्तन पर रहेगा फोकस
संघ के शताब्दी वर्ष का यह आयोजन केवल परंपरा निभाने तक सीमित नहीं रहेगा। इस बार संचलन का मुख्य संदेश होगा ‘पंच परिवर्तन’—
- कुटुंब प्रबोधन
- समरसता
- पर्यावरण संरक्षण
- नागरिक कर्तव्य
- स्वभाव जागरण
इन्हीं बिंदुओं पर संघ समाज को जागरूक करने का प्रयास करेगा।
तैयारी और बैठकें
पथ संचलन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए संघ ने चिंतामन मार्ग स्थित होटल सॉलिटियर में विभिन्न सहयोगी संगठनों के साथ विस्तृत बैठक की। इसमें संघ की ओर से अशोक सोहनी और पारस गेहलोत, भाजपा की ओर से सांसद अनिल फिरोजिया, निगम सभापति कलावती यादव, भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, महामंत्री जगदीश पांचाल, पूर्व विधायक पारस जैन, पूर्व यूडीए अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, पूर्व निगमाध्यक्ष सोनू गेहलोत सहित लगभग 300 लोग मौजूद रहे।
बैठक में यह तय किया गया कि—
- प्रत्येक पदाधिकारी कम से कम 5 लोगों से व्यक्तिगत संपर्क कर उन्हें संचलन में आमंत्रित करेगा।
- हर समाज, हर वर्ग और हर उम्र की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
- डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, व्यापारी, समाजसेवी, नौकरीपेशा और उद्योगपति वर्ग को विशेष रूप से जोड़ा जाएगा।
यहां से निकलेंगे संचलन
- केशवनगर – पुराना माधव कॉलेज, देवासगेट
- विक्रमादित्य नगर – क्षीरसागर स्टेडियम
- मधुकर नगर – गुमानदेव हनुमान मंदिर, पीपलीनाका
- सुदर्शन नगर – सेंटपाल स्कूल मैदान
- माधव नगर – दशहरा मैदान स्टेडियम
- राजेंद्र नगर – शास्त्री नगर मैदान
- कालिदास नगर – स्पोर्ट्स एरिना, महानंदानगर
गणवेश वितरण पर जोर
इस वर्ष बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के जुड़ने के कारण संघ ने 7 हजार नई गणवेश वितरित करने का लक्ष्य तय किया है। अब तक करीब 3 हजार गणवेश तैयार हो चुकी हैं, जबकि शेष का कार्य तेजी से चल रहा है।
उत्साह चरम पर
संघ के महानगर प्रचार प्रमुख ओजस व्यास ने बताया कि इस बार स्वयंसेवकों में भारी उत्साह है। युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही हैं ताकि यह संचलन संघ के शताब्दी वर्ष का यादगार आयोजन बन सके।

