रीवा जनसुनवाई में जमीन की समस्या बताते हुए रो पड़ी महिला, कलेक्टर ने तहसीलदार को फोन पर लगाई फटकार
दैनिक स्वराज वाणी | रीवा
रीवा जिले के महसांव में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जमीन से जुड़ी परेशानी बताते हुए एक महिला रो पड़ी। महिला की बात सुनने के बाद कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने मौके से ही गुढ़ तहसीलदार अरुण कुमार यादव को फोन लगाया और प्रकरण को लेकर नाराजगी जताई। बातचीत के दौरान कलेक्टर ने तहसीलदार से कहा, “ज्यादा उड़ रहे हो, अभी जमीन में उतार दूंगा।” इस घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद जनसुनवाई और महिला की शिकायत चर्चा में है।
जमीन की समस्या बताते समय भावुक हुई महिला
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला जनसुनवाई में जमीन से संबंधित अपनी समस्या लेकर पहुंची थी। अधिकारियों के सामने परेशानी बताते हुए वह रोने लगी। महिला की शिकायत सुनकर कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदार से तत्काल फोन पर बात की। जनसुनवाई में मौजूद लोगों के सामने हुई इस बातचीत ने मामले की ओर ध्यान खींचा।
एक अन्य प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, महिला का कहना था कि उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है, लेकिन जमीन से जुड़े प्रकरण में स्थगन होने के कारण वह आवास का निर्माण नहीं करा पा रही है। इस दावे की स्थिति और राजस्व प्रकरण के दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
तहसीलदार से फोन पर जताई नाराजगी
महिला की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर सूर्यवंशी ने गुढ़ तहसीलदार अरुण कुमार यादव को फोन लगाया। सामने आई खबरों के अनुसार, उन्होंने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार के कामकाज पर नाराजगी जताई। इसी बातचीत में कलेक्टर ने “ज्यादा उड़ रहे हो, अभी जमीन में उतार दूंगा” कहा। रिपोर्टों में उनके इस बयान का उल्लेख है; बातचीत का पूरा संदर्भ जानने के लिए मूल वीडियो और प्रकरण के रिकॉर्ड देखना आवश्यक होगा।
कलेक्टर की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि उन्होंने महिला की शिकायत पर मौके से ही संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा। हालांकि, फोन पर हुई बातचीत और शिकायत पर अंतिम कार्रवाई अलग बातें हैं। महिला को राहत मिली है या राजस्व प्रकरण में कोई नया आदेश हुआ है, इसकी पुष्ट जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।
आवास निर्माण से जुड़ा है शिकायत का सवाल
यदि महिला की जमीन से संबंधित प्रकरण पर स्थगन लागू है, तो उसके कारण और दायरे को समझना इस मामले में अहम होगा। यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि स्थगन किस आदेश के तहत लगा है, वह किस भूमि पर लागू होता है और उससे आवास निर्माण पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। महिला की ओर से सामने आई शिकायत के आधार पर फिलहाल इतना ही कहा जा सकता है कि वह जमीन की समस्या को अपने आवास निर्माण में बाधा बता रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने के बाद भी निर्माण शुरू न हो पाना महिला के लिए परेशानी का विषय है। शिकायत का समाधान संबंधित राजस्व रिकॉर्ड, आदेश और पात्रता संबंधी दस्तावेजों की जांच से ही तय हो सकेगा। प्रशासन की ओर से इस विशेष प्रकरण में जांच या निराकरण की समयसीमा घोषित किए जाने की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
वीडियो के बाद कार्रवाई पर नजर
जनसुनवाई का उद्देश्य लोगों को अपनी समस्या सीधे प्रशासन के सामने रखने का अवसर देना है। महसांव में महिला ने इसी मंच पर अपनी शिकायत रखी और कलेक्टर ने तत्काल तहसीलदार से संपर्क किया। अब इस मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम शिकायत की दस्तावेजों के आधार पर जांच और महिला को निर्णय की जानकारी देना होगा।
इस घटनाक्रम का वीडियो चर्चा में है, लेकिन महिला की शिकायत का परिणाम अभी स्पष्ट नहीं है। तहसीलदार का पक्ष, जमीन से जुड़े स्थगन आदेश का विवरण और प्रशासन की आगे की कार्रवाई सामने आने पर ही प्रकरण की पूरी स्थिति साफ हो सकेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, महिला ने जनसुनवाई में जमीन की समस्या बताई, वह रो पड़ी और कलेक्टर ने गुढ़ तहसीलदार को फोन कर नाराजगी जताई।
