रेखा परमार सम्मान भीBhinmal: भीनमाल में सुप्रसिद्ध भजन गायिका रेखा परमार का नामदेव छीपा समाज ने भव्य स्वागत एवं सम्मान किया। साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में नरेश सोलंकी, मुकेश सोलंकी, विनोद सोलंकी, विशाल सोलंकी, गिरीश नामा, अमृत परमार, चेतन कुमार सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। पढ़ें पूरी खबर।
रेखा परमार सम्मान Bhinmal : नामदेव छीपा समाज ने साफा पहनाकर किया भव्य स्वागत, भावुक संबोधन से सभी हुए भावविभोर
भीनमाल | संवाददाता: मुकेश सोलंकी
भीनमाल में रेखा परमार सम्मान Bhinmal कार्यक्रम के दौरान हिंदू सनातनी भजनों की सुप्रसिद्ध गायिका एवं नामदेव छीपा समाज की गौरवशाली पहचान रेखा परमार का भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। स्थानीय क्षेमंकरी माताजी तलहटी परिसर में आयोजित इस सम्मान समारोह में समाज के प्रबुद्धजनों ने माल्यार्पण कर तथा पारंपरिक साफा पहनाकर उनका अभिनंदन किया। पूरे कार्यक्रम में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला।रेखा परमार शहर में आयोजित एक विशाल भजन संध्या में भाग लेने के लिए भीनमाल पहुंची थीं। इसी दौरान नामदेव छीपा समाज द्वारा उनका सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन एवं युवा उपस्थित रहे।
रेखा परमार सम्मान Bhinmal : समाज ने किया भव्य अभिनंदन
रेखा परमार सम्मान Bhinmal कार्यक्रम में नामदेव छीपा समाज के सदस्यों ने रेखा परमार का फूलमालाओं से स्वागत किया। इसके बाद पारंपरिक राजस्थानी साफा पहनाकर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने उनके भजनों, सामाजिक योगदान और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में निभाई जा रही भूमिका की मुक्तकंठ से सराहना की।समाज के लोगों ने कहा कि रेखा परमार ने अपनी मधुर भजन गायकी के माध्यम से पूरे देश में नामदेव समाज का नाम रोशन किया है। उनके भजन लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने हुए हैं।
रेखा परमार ने समाज के प्रति जताया गहरा सम्मान
सम्मान समारोह के दौरान रेखा परमार भावुक नजर आईं। उन्होंने महाकवि माघ की ऐतिहासिक नगरी भीनमाल में मिले सम्मान के लिए पूरे नामदेव छीपा समाज का आभार व्यक्त किया।अपने संबोधन में उन्होंने कहा—
“मैं ईश्वर से यही प्रार्थना करती हूँ कि यदि मेरा पुनर्जन्म हो, तो मुझे फिर से इसी नामदेव छीपा समाज में ही जन्म मिले।”
उनके इस भावुक वक्तव्य के बाद कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित समाजबंधु भी भावुक हो गए।
महाकवि माघ की धरती का किया गौरवगान
रेखा परमार ने अपने संबोधन में भीनमाल को महाकवि माघ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरती बताते हुए कहा कि यहां के लोगों का प्रेम और सम्मान जीवनभर याद रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज की एकता, संस्कार और अपनापन पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।उन्होंने कहा कि कलाकारों को जब अपने समाज का आशीर्वाद मिलता है तो उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
भजन संध्या से पहले हुआ सम्मान
रेखा परमार Bhinmal में आयोजित विशाल भजन संध्या में अपनी प्रस्तुति देने पहुंची थीं। कार्यक्रम से पूर्व नामदेव छीपा समाज ने विशेष सम्मान समारोह आयोजित कर उनका अभिनंदन किया।समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने में रेखा परमार का योगदान अत्यंत सराहनीय है। उनके भजनों से नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जुड़ रही है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित
इस सम्मान समारोह में नामदेव छीपा समाज के अनेक पदाधिकारी एवं युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।मुख्य रूप से उपस्थित रहे—
- नरेश सोलंकी (अध्यक्ष, नामदेव सेवा मंडल)
- मुकेश सोलंकी (जिला महामंत्री, नामदेव युवा परिषद)
- विनोद सोलंकी
- विशाल सोलंकी
- गिरीश नामा
- अमृत परमार
- चेतन कुमार
इसके अलावा समाज के अनेक वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा एवं गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
समाज ने किया उज्ज्वल भविष्य की कामना
समारोह के अंत में समाज के प्रतिनिधियों ने रेखा परमार को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं तथा कहा कि वे इसी प्रकार अपनी भजन गायकी से सनातन संस्कृति का प्रचार-प्रसार करती रहें और समाज का नाम देशभर में रोशन करती रहें।
निष्कर्ष
रेखा परमार सम्मान Bhinmal कार्यक्रम केवल एक सम्मान समारोह नहीं बल्कि समाज की एकजुटता, संस्कृति और कलाकारों के प्रति सम्मान का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। रेखा परमार के भावुक संबोधन ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया। समाज के लोगों ने उन्हें भविष्य में भी इसी प्रकार सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए शुभकामनाएं दीं।
