पलेरा महाविद्यालय में रेड रिबन क्लब का जागरूकता कार्यक्रम, एचआईवी और रक्तदान पर दी जानकारी
पलेरा। शासकीय महाविद्यालय पलेरा में सोमवार को रेड रिबन क्लब के तत्वावधान में एकदिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को एचआईवी/एड्स, संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों और रक्तदान के महत्व की जानकारी दी गई। माहवारी, यौन विविधता एवं लैंगिक समानता जैसे विषयों पर भी संवाद हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
मुख्य अतिथि के रूप में बीएमओ पलेरा डॉ. अजय गौतम एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता उपस्थित रहे। चिकित्सकों ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी विषयों से परिचित कराया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। विभिन्न सत्रों के माध्यम से स्वास्थ्य और समानता से जुड़े विषय प्रस्तुत किए गए।
चिकित्सकों ने एचआईवी/एड्स पर दिया मार्गदर्शन
बीएमओ डॉ. अजय गौतम एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता ने छात्र-छात्राओं को एचआईवी/एड्स के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने संक्रमण के कारणों और उससे बचाव के उपायों पर चर्चा की। विद्यार्थियों को विषय की समझ विकसित करने के लिए चिकित्सकीय जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम का यह सत्र युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने पर केंद्रित रहा। चिकित्सकों ने एचआईवी/एड्स से संबंधित विषयों को विद्यार्थियों के समक्ष रखा। संक्रमण और बचाव की जानकारी को आयोजन का प्रमुख हिस्सा बनाया गया, ताकि छात्र-छात्राएं इस विषय से परिचित हो सकें।
रक्तदान के महत्व की जानकारी दी
चिकित्सकों ने एचआईवी/एड्स संबंधी जानकारी के साथ रक्तदान के महत्व पर भी प्रकाश डाला। छात्र-छात्राओं को रक्तदान के विषय से परिचित कराते हुए इसके प्रति जागरूक किया गया। स्वास्थ्य संबंधी इस संवाद में विद्यार्थियों को जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
रेड रिबन क्लब के आयोजन में रक्तदान को एक महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल किया गया। एचआईवी जागरूकता और रक्तदान संबंधी जानकारी एक ही कार्यक्रम में प्रस्तुत की गई। चिकित्सकों की उपस्थिति में हुए इस सत्र में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
माहवारी को प्राकृतिक स्वास्थ्य चक्र बताया
सुश्री शाहिस्ता परवीन ने ‘माहवारी कोई बीमारी नहीं, यह एक प्राकृतिक स्वास्थ्य चक्र है’ विषय पर छात्राओं को जागरूक किया। उन्होंने माहवारी को स्वास्थ्य से जुड़े प्राकृतिक विषय के रूप में प्रस्तुत किया।
इस सत्र के माध्यम से छात्राओं को विषय की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में माहवारी संबंधी जागरूकता को विशेष स्थान दिया गया, जिससे छात्राएं इसके प्राकृतिक स्वरूप को समझ सकें। शाहिस्ता परवीन का सत्र छात्राओं के स्वास्थ्य संबंधी विषय पर केंद्रित रहा और आयोजन के विभिन्न जागरूकता सत्रों का हिस्सा बना।
यौन विविधता और लैंगिक समानता पर चर्चा
सुश्री गुरनार खातून ने ‘यौन विविधता एवं लैंगिक समानता’ विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने विद्यार्थियों को इन विषयों से परिचित कराया। स्वास्थ्य जागरूकता के साथ सामाजिक समानता से जुड़े विषय को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया।
इस सत्र ने आयोजन के विषयों को व्यापक स्वरूप दिया। एचआईवी/एड्स, रक्तदान और माहवारी के साथ यौन विविधता एवं लैंगिक समानता पर जानकारी मिलने से छात्र-छात्राओं को अलग-अलग विषयों को समझने का अवसर प्राप्त हुआ।
प्राध्यापकों और महाविद्यालय स्टाफ की उपस्थिति
कार्यक्रम में डॉ. बलराम अग्निहोत्री, डॉ. सुरजन भादव, डॉ. विभा दुबे, डॉ. किशन मंडूरी, डॉ. शरद पाराशर तथा डॉ. ज्योतिर्मय दत्ता उपस्थित रहे। जितेन्द्र घोषी, एनएसएस प्रभारी सुश्री नेहा दुबे एवं अरमान अहमद ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
महाविद्यालय स्टाफ के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। प्राचार्य डॉ. अवधेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता और चिकित्सकों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न स्वास्थ्य एवं सामाजिक विषयों की जानकारी दी गई।
स्वयंसेवकों ने किया कार्यक्रम का संचालन
रेड रिबन क्लब के स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम का संचालन किया। एकदिवसीय आयोजन में चिकित्सकों और अन्य वक्ताओं ने अपने-अपने विषयों पर जानकारी प्रस्तुत की। विद्यार्थियों की सहभागिता के बीच जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
अंत में अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं तक एचआईवी/एड्स, रक्तदान, माहवारी और लैंगिक समानता से संबंधित जानकारी पहुंचाई गई।
