करोड़ों की लूट के फरार आरोपी को रतलाम पुलिस ने दबोचा, 80 लाख का माल बरामद
बिलपांक थाना क्षेत्र में सराफा व्यापारी से हुई लूट का मामला; आरोपी के कब्जे से 502 ग्राम सोने और 1.270 किलो चांदी के जेवरात बरामद
Ratlam । बिलपांक थाना क्षेत्र में सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों रुपये की लूट के मामले में रतलाम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी गौरव गुर्जर पिता भागीरथ गुर्जर, निवासी हरसोला, इंदौर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से उसके हिस्से में आए 502 ग्राम सोने के जेवरात और 1 किलो 270 ग्राम चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। बरामद आभूषणों की कुल कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश और लूटे गए शेष माल की बरामदगी की दिशा में जांच आगे बढ़ी है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि लूट की वारदात में उसकी क्या भूमिका थी और लूटे गए अन्य आभूषणों के संबंध में उसे क्या जानकारी है।
बस में सराफा व्यापारी से हुई थी लूट
पुलिस के अनुसार घटना 13 अगस्त 2026 की है। फरियादी अर्पित पिता ललित कुमार चोरड़िया, निवासी जैन कॉलोनी रतलाम, बड़नगर में अपना व्यापारिक कार्य पूरा करने के बाद बस से रतलाम लौट रहे थे।
रात करीब 9:15 से 9:30 बजे के बीच जब बस हनुमान चौकी, उमरथाना फंटा क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी आरोपियों ने बस में व्यापारी के साथ मारपीट की और आभूषणों से भरा बैग लूट लिया।
घटना के बाद व्यापारी की शिकायत पर बिलपांक थाने में अपराध क्रमांक 534/2026 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच आगे बढ़ने के दौरान पुलिस ने मामले में डकैती और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं का भी इजाफा किया।
300 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
घटना की गंभीरता को देखते हुए रतलाम पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल एवं राकेश पंद्रो के मार्गदर्शन और एसडीओपी रतलाम ग्रामीण किशोर पाटनवाला के निर्देशन में पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाया।
पुलिस टीमों ने घटनास्थल से लेकर बड़नगर तक आरोपियों की आवाजाही के संभावित रास्तों पर लगे 300 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
CCTV फुटेज के अलावा पुलिस ने साइबर तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी स्तर पर की गई जांच का भी सहारा लिया। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।

पहले सात आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक इस मामले में इससे पहले ही सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में लूटे गए आभूषण बरामद किए गए थे।
पुलिस ने पूर्व में आरोपियों के पास से 4.167 किलोग्राम सोने के 238 नग जेवरात और 4.047 किलोग्राम चांदी के 183 नग जेवरात, डिब्बों सहित बरामद किए थे।
इससे मामले में लूटे गए आभूषणों की बरामदगी को लेकर पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली थी। हालांकि प्रकरण में एक आरोपी गौरव गुर्जर फरार चल रहा था।
विशेष टीम ने फरार आरोपी को पकड़ा
फरार आरोपी गौरव गुर्जर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार प्रयास कर रही थी। पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय रखा था।
शनिवार सुबह पुलिस को आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए गौरव गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर आरोपी के हिस्से में आए लूट के आभूषण बरामद किए गए।
80 लाख रुपये के जेवरात बरामद
पुलिस के अनुसार आरोपी गौरव गुर्जर के कब्जे से 502 ग्राम सोने के जेवरात और 1 किलो 270 ग्राम चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं।
बरामद आभूषणों की कुल कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बरामद माल को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस बरामदगी को पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे लूट की वारदात में शामिल फरार आरोपी तक पहुंचने के साथ उसके हिस्से में आए माल को भी बरामद किया जा सका है।
लूट की पूरी साजिश को लेकर पूछताछ जारी
गिरफ्तार आरोपी से पुलिस अब लूट की पूरी वारदात को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात की योजना किस तरह बनाई गई थी, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और लूट के बाद आभूषणों को किस तरह आपस में बांटा गया।
इसके अलावा पुलिस लूटे गए शेष मशरूके के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे और कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका
फरार आरोपी की गिरफ्तारी और लूटे गए आभूषणों की बरामदगी में बिलपांक थाना प्रभारी निरीक्षक अय्यूब खान के नेतृत्व वाली टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्रवाई में प्रधान आरक्षक राहुल जाट, नरेन्द्र चावड़ा, निलेश पाठक, दिलीप रावत तथा आरक्षक संजय सोनी, रोशन राठौर और माखन सिंह की भूमिका भी सराहनीय रही।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी और 80 लाख रुपये के आभूषणों की बरामदगी के बाद पुलिस अब लूट के शेष माल और मामले में शामिल अन्य लोगों से जुड़ी जानकारी जुटाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
बिलपांक क्षेत्र में हुई इस बड़ी लूट की जांच में 300 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज, साइबर तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस की मैदानी जांच ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि मामले में बरामदगी और पूछताछ की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

दैनिक स्वराज वाणी | प्रियंका गुजराती
