500 वर्ष बाद अयोध्या श्री राम मंदिर पर ध्वजारोहण – नागदा में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ व भव्य आरती के साथ भक्तिमय उत्सव
नागदा जं. (निप्र)।
अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में 500 वर्षों के लंबे इंतज़ार के बाद ऐतिहासिक ध्वजारोहण होने का क्षण पूरे देश ही नहीं, दुनिया भर के करोड़ों रामभक्तों के लिए दिव्य और अविस्मरणीय बन गया। इसी पावन प्रसंग की आस्था-लहर नागदा नगर में भी संपूर्ण शक्ति के साथ उमड़ी। नगर के भक्तों ने इसे एक धार्मिक पर्व की तरह मनाते हुए सामूहिक भक्ति, वंदन और आराधना से वातावरण को पूर्णतः राममय कर दिया।
इसी श्रृंखला में जय बजरंगी भक्त मंडल, नागदा द्वारा रेलवे कॉलोनी स्थित श्री मनसा पूर्ण महादेव मंदिर में प्रतिमंगलवार होने वाले सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ को इस बार विशेष उत्सव के रूप में आयोजित किया गया। ध्वजारोहण की प्रेरणा और श्रीराम के प्रति अनन्य भक्तिभाव ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
भक्ति–उल्लास से सराबोर हुआ श्री मनसा पूर्ण महादेव परिसर
मंगलवार, 25 नवंबर, रात्रि 8:40 बजे, जैसे ही सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ प्रारंभ हुआ, पूरा मंदिर परिसर “जय श्री राम” और “बजरंग बली की जय” के जयघोषों से गूंज उठा। ढोल-नगाड़ों की ताल, शंखनाद और भक्तों के ऊँचे स्वर में गूँजती चौपाइयों ने वातावरण को पवित्र और ऊर्जावान बना दिया।
500 वर्ष बाद श्री राम मंदिर पर ध्वजारोहण की महिमा से जुड़े इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने अत्यंत भावुकता और उत्साह के साथ सहभागिता की।
मंदिर प्रांगण में दीपों की रोशनी, धूप–अगरबत्ती की सुगंध और भक्तों की उपस्थिति से यह आयोजन दिव्य उत्सव का रूप ले चुका था।
सामूहिक हनुमान चालीसा—भक्ति का अद्वितीय संगम
हनुमान चालीसा के 40 दोहों के गूंजते स्वर जब मंदिर की ऊँची छत व आसपास के वातावरण में प्रतिध्वनित हुए, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो संपूर्ण रेलवे कॉलोनी भक्ति में डूब गई हो। हर आयु वर्ग के भक्त—बालक, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग—सभी ने एक भाव, एक स्वर और एक लक्ष्य के साथ भगवान हनुमान की वंदना की।
इस आयोजन में उपस्थित लोगों ने कहा कि अयोध्या में ध्वजारोहण के बाद इस तरह का सामूहिक कार्यक्रम आयोजित करना धर्म, समाज और संस्कृति की एकता का प्रतीक है। यह भक्ति का ऐसा क्षण था जिसने लोगों को आध्यात्मिक रूप से गहराई तक छुआ।
ढोल–नगाड़े और दीपों के बीच भव्य आरती
हनुमान चालीसा पाठ के उपरांत ढोल के साथ भव्य आरती संपन्न हुई।
आरती का धर्म लाभ श्री सत्तू जी पोरवाल एवं संदीप जी पोरवाल परिवार द्वारा अत्यंत श्रद्धा के साथ लिया गया।
आरती के दौरान प्रज्ज्वलित दीपों, ऊँचे उठते केसरिया ध्वज और भक्तों की झूमती पंक्तियों ने यह संदेश दिया कि रामभक्ति सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की जीवनरेखा है। आरती के अंत में प्रसाद वितरण हुआ, जिससे आयोजन का पावन स्वरूप और भी भव्य हो उठा।
बड़ी संख्या में धर्मप्रेमियों की सहभागिता
कार्यक्रम में नगर के सैकड़ों रामभक्त, बजरंग दल कार्यकर्ता, महिला मंडल, युवा वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों ने पहुँचकर अपनी आस्था प्रकट की।
हर चेहरे पर श्रीराम के प्रति प्रेम और बाला जी के प्रति समर्पण झलक रहा था।
स्थानीय स्तर पर यह आयोजन नागदा में रामभक्ति के बढ़ते प्रभाव और धार्मिक जागरण की निरंतरता का संदेश देता है।
कार्यक्रम की जानकारी
इस भव्य आयोजन की विस्तृत जानकारी मनोज सोनी द्वारा दी गई।
रिपोर्ट – संवाददाता जीवन लाल जैन

