रक्षाबंधन पर 2 लाख का एक्सीडेंटल बीमा देने की अनूठी पहल नागदा में कांग्रेस नेता चेतन फूलचंद यादव ने की है। 15 हजार बहनों को साड़ी, दुर्घटना बीमा और जरूरतमंद महिलाओं को जीरो बैलेंस बैंक खाते की सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है।
रक्षाबंधन पर कांग्रेस नेता यादव की अनूठी पहल, बहनों को साड़ी के साथ मिलेगा ₹2 लाख का एक्सीडेंटल बीमा कवर
नागदा जंक्शन। रक्षाबंधन पर 2 लाख का एक्सीडेंटल बीमा देने की अनूठी पहल नागदा क्षेत्र में सामने आई है। पवित्र भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन इस बार नागदा क्षेत्र की बहनों और भांजियों के लिए सिर्फ पारंपरिक स्नेह ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और आर्थिक संबल का उपहार भी लेकर आया है। सामाजिक सरोकार और जनकल्याण की दिशा में कदम उठाते हुए कांग्रेस नेता चेतन फूलचंद यादव ने रक्षा पर्व के अवसर पर बहनों को 2 लाख रुपए का नि:शुल्क एक्सीडेंटल बीमा उपहार स्वरूप देने का निर्णय लिया है।
रक्षाबंधन पर 2 लाख का एक्सीडेंटल बीमा देने की पहल
रक्षाबंधन से लेकर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत जो भी बहनें चेतन यादव को रक्षासूत्र बांधेंगी, उन्हें सम्मान स्वरूप पारंपरिक साड़ी के साथ-साथ 2 लाख रुपए का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर प्रदान किया जाएगा।
पारंपरिक उपहारों से आगे बढ़कर सुरक्षा और वित्तीय संरक्षण की यह पहल शहर व ग्रामीण अंचलों में चर्चा का विषय बनी हुई है। रक्षाबंधन पर 2 लाख का एक्सीडेंटल बीमा मिलने से अभियान को सामाजिक सुरक्षा के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पिछले वर्ष करीब 11 हजार बहनों ने बांधा था रक्षासूत्र
इस आयोजन को लेकर पिछले वर्ष भी महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला था। पिछले वर्ष लगभग 11 हजार बहनों ने रक्षासूत्र बांधा था। इस वर्ष आयोजन को और व्यापक बनाने की तैयारी की गई है।
आयोजकों के अनुसार इस बार उत्साह को देखते हुए करीब 15 हजार बहनों को इस सुरक्षा योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को दुर्घटना बीमा सुरक्षा से जोड़ने की योजना के कारण आयोजन का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है।
15 हजार बहनों को सुरक्षा योजना से जोड़ने का लक्ष्य
अभियान के माध्यम से बहनों को केवल त्योहार का पारंपरिक उपहार देने के बजाय उनके भविष्य की सुरक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। व्यक्तिगत दुर्घटना की स्थिति में बीमा कवर आर्थिक सहायता का माध्यम बन सकता है।
इसी उद्देश्य से रक्षाबंधन पर 2 लाख का एक्सीडेंटल बीमा कवर देने का निर्णय लिया गया है। योजना के तहत बहनों को साड़ी के साथ बीमा संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं भी पूरी कराई जाएंगी।
HDFC, ICICI और Yes Bank के साथ समन्वय
इस कार्य को सुगम बनाने के लिए HDFC Bank, ICICI Bank और Yes Bank के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। जिन बहनों का पहले से बैंक खाता मौजूद नहीं है, उनका जीरो बैलेंस यानी शून्य शेष पर नया खाता खोलने की व्यवस्था की जाएगी।
तीनों बैंकों ने 5-5 हजार खाते खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस प्रकार कुल 15 हजार महिलाओं को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी है।
इस पहल से बीमा सुरक्षा के साथ महिलाओं को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। बैंक खाता होने से महिलाएं भविष्य में विभिन्न वित्तीय और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की दिशा में भी आगे बढ़ सकेंगी।
बहनों को साड़ी के साथ मिलेगा ₹2 लाख का सुरक्षा कवर
रक्षाबंधन के अवसर पर आमतौर पर भाई अपनी बहनों को वस्त्र, मिठाई, नकद राशि या अन्य उपहार देते हैं। नागदा में इस बार पारंपरिक साड़ी के साथ दुर्घटना बीमा को भी उपहार में शामिल करने की तैयारी की गई है।
आयोजन का उद्देश्य रक्षा के भाव को केवल त्योहार तक सीमित न रखते हुए उसे आर्थिक सुरक्षा से जोड़ना बताया गया है। दुर्घटना जैसी अप्रत्याशित परिस्थिति में बीमा राशि परिवार के लिए आर्थिक संबल साबित हो सकती है।
मुख्य आयोजन में बहनों के लिए विशेष इंतजाम
मुख्य आयोजन किरण टॉकीज चौराहे पर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान बहनों के सम्मान, राखी बांधने के अनुष्ठान, बीमा संबंधी औपचारिकताओं और बैंक खाता खोलने के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे।
आयोजन स्थल पर व्यवस्थाएं इस प्रकार किए जाने की तैयारी है कि बड़ी संख्या में पहुंचने वाली बहनों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। बीमा और बैंक खातों से संबंधित प्रक्रिया को भी व्यवस्थित रूप से पूरा कराने की योजना है।
सुरक्षा और आर्थिक संबल से जोड़ा रक्षाबंधन
रक्षा का वास्तविक अर्थ संकट के समय सुरक्षा और संबल प्रदान करना है। आमतौर पर त्योहारों पर वस्त्र या मिठाइयों के पारंपरिक उपहार दिए जाते हैं, लेकिन संकट के समय आर्थिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक व्यावहारिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
रक्षाबंधन पर 2 लाख का एक्सीडेंटल बीमा देने की इस पहल से महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही उन्हें बैंकिंग से जोड़ने की कोशिश भी की जा रही है।
महिलाओं में बढ़ेगी बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता
जिन महिलाओं के पास बैंक खाता नहीं है, उनके जीरो बैलेंस खाते खोले जाने से उन्हें औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे महिलाओं के भीतर वित्तीय जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
बैंकिंग से जुड़ने के कारण महिलाएं बचत, डिजिटल लेनदेन और विभिन्न वित्तीय सेवाओं के प्रति अधिक जागरूक हो सकती हैं। इस तरह अभियान का उद्देश्य रक्षाबंधन के पारंपरिक रिश्ते को सामाजिक और आर्थिक जिम्मेदारी से जोड़ना भी है।
नागदा में चर्चा का विषय बनी अनूठी पहल
नागदा में शुरू किया गया यह सुरक्षा अभियान भाई-बहन के रिश्ते को एक नए सामाजिक दायित्व से जोड़ रहा है। पिछले वर्ष 11 हजार बहनों की भागीदारी के बाद इस वर्ष 15 हजार बहनों को जोड़ने का लक्ष्य इसकी व्यापकता को दर्शाता है।
साड़ी, दुर्घटना बीमा और बैंकिंग सुविधा को एक साथ जोड़ने के कारण यह पहल शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी चर्चा में है। अब आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में बहनों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
रिपोर्टर: जीवनलाल जैन, नागदा जंक्शन

