बीजेपी विधायक द्वारा जैन मंदिर पर कब्जे की कथित साज़िश पर जैन समाज में गहरा आक्रोश | जैन समाज की सुरक्षा पर सवाल
दिल्ली। राजधानी दिल्ली के राजेंद्र नगर स्थित जैन जिनालय में हुए कथित विवाद ने पूरे देश के जैन समाज में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, शकूरबस्ती से भाजपा विधायक करनैल सिंह कुछ लोगों के साथ अचानक जिनालय पहुंचे और कथित रूप से खुले मंदिर को जबरन बंद करवाने का प्रयास किया। इस दौरान मंदिर में मौजूद दर्शनार्थियों और स्टाफ को डराने–धमकाने तथा जबरन ताला लगाने की घटना सामने आई है।
जैन समाज के अनुसार, यह घटना न केवल श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं पर आघात है, बल्कि दिल्ली की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा देती है। घटना के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जैन संगठनों ने इसे “अत्यंत निंदनीय और चिंताजनक” बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ और विश्व जैन संगठन का विरोध—“यह गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं”
इस घटना की जानकारी प्राप्त होते ही राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ और विश्व जैन संगठन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। संगठन के प्रख्यात प्रचारक राजेश जैन दद्दू और मयंक जैन ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा:
“राजधानी दिल्ली में जैन मंदिर में घुसकर दर्शनार्थियों को धमकाना, जबरन मंदिर बंद करवाना और अपनी राजनीतिक शक्ति का दुरुपयोग करना लोकतंत्र और धर्मस्थलों की मर्यादा के खिलाफ है। अब यह गुंडागर्दी जैन समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।”
दद्दू ने कहा कि मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार का दबाव, कब्ज़ा या हस्तक्षेप अस्वीकार्य है। यह कृत्य पूरे अल्पसंख्यक जैन समाज की धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा पर सीधा हमला है।
केंद्र सरकार और BJP नेतृत्व से कार्रवाई की मांग
राजेश जैन दद्दू ने इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार, गृहमंत्रालय और भाजपा नेतृत्व से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी—
“यदि भाजपा विधायक करनैल सिंह पर कड़ी कानूनी कार्रवाई, तत्काल गिरफ्तारी और उनकी विधायकी निरस्त कर पार्टी से बाहर करने की कार्रवाई नहीं की जाती, तो देशभर का जैन समाज आंदोलन करने को बाध्य होगा।”
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ दिल्ली का मुद्दा नहीं है, बल्कि देशभर के जैन समुदाय की पहचान, सुरक्षा और धर्मस्थलों की गरिमा का प्रश्न है।
देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी—“जिम्मेदारी सरकार की होगी”
दद्दू ने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो जैन समाज दिल्ली ही नहीं बल्कि समग्र भारत में आंदोलन करेगा। इसकी पूर्ण जिम्मेदारी केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, पुलिस प्रशासन और BJP नेतृत्व की होगी।
उन्होंने कहा कि जैन समाज शांतिप्रिय है, लेकिन धार्मिक स्थलों के अपमान पर सरकार की चुप्पी स्वीकार नहीं की जाएगी।
इंदौर दिगंबर जैन समाज ने भी जताया कड़ा विरोध
राजेंद्र नगर जैन मंदिर प्रकरण की गूंज दिल्ली से निकलकर देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंच चुकी है। मध्य प्रदेश के इंदौर दिगंबर जैन समाज ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
इंदौर के वरिष्ठ समाजजन—
डॉ. जैनेन्द्र जैन, अमित कासलीवाल, टीके वेद, हंसमुख गांधी, नरेंद्र वेद, सुशील पांड्या, सुभाष काला, मनोहर झांझरी, विनय जैन, तथा श्रीमती पुष्पा कासलीवाल, श्रीमती रेखा जैन सहित अनेक सदस्यों ने इस मामले को बेहद शर्मनाक बताया।
उन्होंने कहा—
“जैन मंदिरों पर ऐसे हमले और कब्जे के प्रयास असहनीय हैं। समाज सरकार से अपेक्षा करता है कि आरोपी विधायक पर तुरंत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।”
इंदौर जैन समाज ने यह भी कहा कि यदि दिल्ली प्रशासन ने न्याय नहीं दिया, तो देशभर के जैन समाज एक स्वर में व्यापक आंदोलन करेंगे।
जैन समाज की संस्कृति, धरोहर और गुरु–भगवानों के प्रति अपमान अस्वीकार्य
जैन समुदाय का मानना है कि मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत हैं। किसी भी व्यक्ति द्वारा ऐसे स्थलों पर कब्ज़ा करने, डराने–धमकाने या राजनीतिक शक्ति का दुरुपयोग करने का प्रयास अक्षम्य है।
राजेश जैन दद्दू और अन्य संगठनों ने कहा कि—
“जैन मंदिर हमारी आस्था का केंद्र हैं। चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, गुरुओं और धरोहर पर अत्याचार अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
जैन समाज का स्पष्ट संदेश—“न्याय दो, कार्रवाई करो, मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित करो”
जैन समाज ने मांग की है कि:
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आरोपी विधायक पर तुरंत FIR व गिरफ्तारी हो
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राजेंद्र नगर जैन मंदिर की सुरक्षा बढ़ाई जाए
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पुलिस प्रशासन मामले की निष्पक्ष जांच करे
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जैन मंदिरों पर किसी भी प्रकार के कब्जे या हस्तक्षेप को लेकर सख्त नीति लागू की जाए
समाज का कहना है कि जब तक कार्रवाई नहीं होती, यह मुद्दा शांत नहीं होगा।
