रजत जयंती महोत्सव Kota के अंतर्गत श्री मारवाड़ी अग्रवाल दिगम्बर जैन समाज, श्रीपुरा द्वारा आयोजित 25 वर्षों की दिव्य महायात्रा में भव्य शोभायात्रा, अभिषेक, शांतिधारा और संगीतमय विधान का आयोजन हुआ। जानिए पूरी खबर।
रजत जयंती महोत्सव Kota: 25 वर्षों की दिव्य महायात्रा का भव्य आयोजन
कोटा।
रजत जयंती महोत्सव Kota के अंतर्गत श्री मारवाड़ी अग्रवाल दिगम्बर जैन समाज, श्रीपुरा के तत्वावधान में आयोजित श्री आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक महोत्सव के 25 वर्ष पूर्ण होने पर समाज द्वारा भव्यतिभव्य रजत जयंती महोत्सव का आयोजन किया गया। यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम बनकर सामने आया।
विगत 35 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले राष्ट्र गौरव पारस जैन “पार्श्वमणि” पत्रकार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रातः 7 बजे श्रीजी को सुसज्जित रथ में विराजमान कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया। श्रावकों द्वारा रथ को खींचते हुए, 8 बग्गियों में आकर्षक परिधान में सजे इंद्र-इंद्राणी, शहर के दो प्रमुख बैंड, घोड़ी पर धर्म ध्वजा लेकर चलते राजकुमार, भक्ति नृत्य करती महिला मंडल एवं युवाओं के जोश ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
रजत जयंती महोत्सव Kota का भव्य शुभारंभ
रजत जयंती महोत्सव Kota का शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं में उत्साह का वातावरण दिखाई दिया। श्रीजी को आकर्षक एवं सुसज्जित रथ में विराजमान किया गया। जैसे ही शोभायात्रा प्रारंभ हुई, पूरा वातावरण जयकारों और भक्ति संगीत से गूंज उठा।
श्रावकों ने पूरे समर्पण भाव से रथ को खींचते हुए धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर आयोजन की गरिमा को और अधिक बढ़ाया।
शोभायात्रा ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
यह भव्य शोभायात्रा श्रीपुरा से प्रारंभ होकर सब्जी मंडी, गीता भवन, सरोवर, पुरानी धानमंडी, अग्रसेन बाजार, पुरानी सब्जी मंडी होते हुए मारवाड़ी मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
8 बग्गियों में आकर्षक परिधान में सजे इंद्र-इंद्राणी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। शहर के दो प्रमुख बैंडों की मधुर धुनों ने धार्मिक वातावरण को और अधिक उल्लासमय बना दिया। घोड़ी पर धर्म ध्वजा लेकर चलते राजकुमार ने शोभायात्रा को राजसी स्वरूप प्रदान किया।
महिला मंडल द्वारा प्रस्तुत भक्ति नृत्य ने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वहीं युवाओं का जोश और अनुशासन आयोजन की सफलता का प्रतीक बना।
धार्मिक अनुष्ठानों का दिव्य आयोजन
शोभायात्रा के पश्चात ध्वजारोहण, वेदी पर मूलनायक भगवान आदिनाथ को उच्चासन पर विराजमान करने, अभिषेक-शांतिधारा एवं संगीतमय विधान का आयोजन किया गया।
यह सभी धार्मिक अनुष्ठान पंडित जितेन्द्र शास्त्री एवं अदिति दीदी के सानिध्य में सम्पन्न हुए। धार्मिक वातावरण में श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार और भक्ति के माध्यम से आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।
अभिषेक एवं शांतिधारा के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर दिखाई दिया। संगीतमय विधान ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
समाज की ऐतिहासिक पहचान और गौरव
कार्यक्रम संयोजक कैलाश चंद जैन (नासिरदा) ने बताया कि बाबा आदिनाथ भगवान की कृपा से मारवाड़ी समाज आज पूरे हाड़ौती क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है।
उन्होंने कहा कि समाज हमेशा धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। यही कारण है कि रजत जयंती महोत्सव कोटा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज की एकता और संगठन शक्ति का प्रतीक बन गया।
मुख्य अतिथि ने की आयोजन की प्रशंसा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनिल कुमार अग्रवाल (संभागीय आयुक्त) ने अपने संबोधन में समाज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की।उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में संस्कृति, आध्यात्मिकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है।
विभिन्न मंडलों का विशेष योगदान
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में कई सामाजिक एवं धार्मिक मंडलों का विशेष योगदान रहा।विशेष रूप से:
- श्री जैन नवरत्न ग्रुप
- श्रीमारवाड़ी णमोकार ग्रुप
- श्रीपुरा
- श्रीपद्मप्रभु महिला मंडल, बालिता रोड
इन सभी संगठनों ने आयोजन की व्यवस्थाओं से लेकर धार्मिक कार्यक्रमों तक हर स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समाज अध्यक्ष ने दी शुभकामनाएं
श्रीमारवाड़ी समाज के अध्यक्ष विनोद कुमार कालेड़ा ने समाज बंधुओं को कार्यक्रम की भव्यता के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता और सहयोग भावना के कारण ही इतना विशाल आयोजन सफल हो पाया। समाज के प्रत्येक सदस्य ने तन-मन-धन से सहयोग देकर आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
आयोजन समिति की अथक मेहनत लाई रंग
आयोजन समिति के संयोजक गणेश लाल जैन एवं जवाहर जैन (मसाला वाले) ने बताया कि लगभग दो माह के अथक परिश्रम से इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई।उन्होंने कहा कि समाज के सभी लोगों के सहयोग और समर्पण के परिणामस्वरूप यह रजत जयंती महोत्सव कोटा एक ऐतिहासिक आयोजन बन सका।कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में अनुशासन, स्वच्छता और भव्यता विशेष रूप से देखने को मिली, जिसकी सभी श्रद्धालुओं ने सराहना की।
क्यों खास रहा रजत जयंती महोत्सव Kota
1. 25 वर्षों की गौरवशाली यात्रा
यह आयोजन केवल उत्सव नहीं बल्कि 25 वर्षों की धार्मिक परंपरा और सामाजिक समर्पण का प्रतीक बना।
2. भव्य शोभायात्रा
सुसज्जित रथ, बग्गियां, बैंड और धार्मिक झांकियों ने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया।
3. समाज की एकता
हर आयु वर्ग के लोगों की सहभागिता ने समाज की एकजुटता का संदेश दिया।
4. सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
इस आयोजन के माध्यम से जैन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य किया गया।
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर छाया आयोजन
रजत जयंती महोत्सव Kota की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को “ऐतिहासिक”, “अद्भुत” और “अविस्मरणीय” बताया।Instagram, Facebook और YouTube पर आयोजन की भव्य झलकियों को लोगों द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है।
पारस जैन “पार्श्वमणि” पत्रकार
कोटा – 9414764980

