Raisen Jail Firing Case: रायसेन जेल गोलीकांड में बड़ी कार्रवाई, कार्यवाहक अधीक्षक आर.के. चौरे निलंबित; घायल प्रहरी का भोपाल एम्स में इलाज
जेल गेट पर ड्यूटी के दौरान प्रहरी दिग्विजय सिंह को गोली लगने के बाद जेल मुख्यालय की कार्रवाई, प्रारंभिक जांच में प्रबंधन स्तर पर शिथिल नियंत्रण और गंभीर लापरवाही का उल्लेख
रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन जिला जेल में बुधवार सुबह हुई गोलीबारी की घटना के बाद जेल मुख्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला जेल के कार्यवाहक अधीक्षक आर.के. चौरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जेल मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में प्रारंभिक जांच के आधार पर जेल प्रबंधन के स्तर पर शिथिल नियंत्रण और कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही का उल्लेख किया गया है।
घटना बुधवार, 2 सितंबर 2026 की सुबह करीब 9 बजे की बताई गई है। जेल मुख्यालय के आदेश के मुताबिक जिला जेल के लाल गेट और सिल्वर गेट के बीच जेल गेट पर ड्यूटी कर रहे प्रहरी दिग्विजय सिंह को गोली लगी। घायल प्रहरी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर उपचार के लिए भोपाल एम्स भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। मामला सामने आने के बाद जेल मुख्यालय ने प्रारंभिक स्तर पर जांच कराई और इसके बाद कार्यवाहक अधीक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
सुबह करीब 9 बजे जेल गेट पर हुई घटना
जेल मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में घटना का समय सुबह करीब 9 बजे बताया गया है। उस समय प्रहरी दिग्विजय सिंह जेल परिसर के लाल गेट और सिल्वर गेट के बीच ड्यूटी पर तैनात थे।
इसी दौरान गोली चलने की घटना हुई और प्रहरी घायल हो गए। आदेश में इस घटना के संबंध में बंदी नीलेश और उसके पिता निर्भय सिंह का उल्लेख किया गया है। मामले की विस्तृत परिस्थितियों और हथियार जेल गेट क्षेत्र तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है।
घायल प्रहरी का भोपाल एम्स में उपचार
गोली लगने के बाद प्रहरी दिग्विजय सिंह को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया गया। बाद में उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए भोपाल स्थित एम्स रेफर किया गया।
फिलहाल उनका उपचार जारी बताया जा रहा है। घटना के बाद जेल विभाग और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी ली।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
जिला जेल जैसी संवेदनशील जगह पर गोली चलने की घटना सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़ा हुआ है। जेल परिसर और प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जांच की व्यवस्था होने के बावजूद हथियार संबंधित क्षेत्र तक कैसे पहुंचा, यह जांच का महत्वपूर्ण बिंदु माना जा रहा है।
जेल मुख्यालय ने भी घटना को गंभीरता से लिया है। प्रारंभिक जांच में प्रबंधन के स्तर पर नियंत्रण और कर्तव्य निर्वहन को लेकर कमियां सामने आने की बात आदेश में कही गई है।
यह भी जांच का विषय है कि सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई और क्या निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया जा रहा था।
कार्यवाहक अधीक्षक आर.के. चौरे निलंबित
घटना के बाद जेल मुख्यालय ने जिला जेल के कार्यवाहक अधीक्षक आर.के. चौरे के खिलाफ कार्रवाई की है। जारी आदेश के अनुसार उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि प्रारंभिक जांच में जेल प्रबंधन के स्तर पर शिथिल नियंत्रण और कर्तव्य-दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही सामने आने के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
निलंबन प्रशासनिक कार्रवाई है और मामले में आगे की जांच के आधार पर जिम्मेदारी से जुड़े अन्य पहलुओं का निर्धारण किया जा सकता है।
मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई
जेल मुख्यालय के आदेश के अनुसार आर.के. चौरे को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जेल मुख्यालय भोपाल निर्धारित किया गया है। आदेश के अनुसार उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
जेल मुख्यालय की इस त्वरित कार्रवाई से स्पष्ट है कि विभाग ने घटना को सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला माना है।
हथियार जेल तक कैसे पहुंचा, जांच का अहम सवाल
पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण सवाल हथियार को लेकर है। जिला जेल में सुरक्षा के कई स्तर होते हैं और आने-जाने वालों की जांच भी की जाती है। ऐसे में कथित हथियार जेल गेट के संवेदनशील हिस्से तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
घटना में इस्तेमाल हथियार, उसे लाने वाले व्यक्ति और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल से ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच में यह भी देखा जा सकता है कि घटना के समय किन कर्मचारियों की ड्यूटी थी और सुरक्षा संबंधी निर्धारित प्रक्रियाओं का किस हद तक पालन किया गया।
जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की हो सकती है विस्तृत समीक्षा
रायसेन जिला जेल में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की आवश्यकता भी सामने आई है। जेल में बंदियों की सुरक्षा के साथ वहां तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा भी जेल प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
घटना के बाद प्रवेश द्वारों पर जांच व्यवस्था, हथियारों की रोकथाम, मुलाकात प्रक्रिया और सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती जैसे बिंदुओं की समीक्षा की जा सकती है।
विस्तृत जांच से सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल जेल मुख्यालय की ओर से कार्यवाहक अधीक्षक आर.के. चौरे के निलंबन की कार्रवाई की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह प्रशासनिक कदम उठाया गया है।
मामले की विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गोलीबारी की घटना किन परिस्थितियों में हुई, हथियार जेल के संवेदनशील क्षेत्र तक कैसे पहुंचा और सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई।
घायल जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह का भोपाल एम्स में उपचार जारी है। वहीं जेल मुख्यालय की कार्रवाई के बाद रायसेन जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था और घटना की जांच पर अब निगाहें टिकी हुई हैं।
