Pune Ketan Agrawal Murder Case: हत्या नहीं, पहले हादसे में अपाहिज बनाने की थी साजिश! जांच में बड़े खुलासे
पुणे के चर्चित Ketan Agrawal हत्याकांड की जांच में नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी की शुरुआती योजना केतन अग्रवाल की हत्या करना नहीं थी, बल्कि एक ऐसा सुनियोजित हादसा करवाना था जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाए। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस साजिश का मकसद 6 जून को प्रस्तावित बाली ट्रिप और दोनों की शादी को बिना किसी संदेह के रद्द कराना था।
पहले हादसा, फिर शादी रुकवाने की योजना
पुलिस जांच के अनुसार, सिया गोयल अपने परिवार के सामने शादी तोड़ने के लिए कोई मजबूत कारण तलाश रही थी। जांच में सामने आया कि उसका मानना था कि यदि केतन किसी हादसे में अपाहिज हो जाता है, तो परिवार को शादी रद्द करने के लिए आसानी से राजी किया जा सकता है।
इसी उद्देश्य से सिया और चेतन ने सड़क दुर्घटना, लूटपाट या अन्य किसी दुर्घटना का नाटक रचने पर विचार किया। योजना ऐसी थी कि हादसा पूरी तरह वास्तविक लगे और किसी को हत्या या साजिश का संदेह न हो।
गूगल सर्च और स्लो पॉइजन पर भी जांच
जांच एजेंसियों को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों में यह भी जानकारी मिली है कि सिया गोयल ने कथित तौर पर इंटरनेट पर यह सर्च किया था कि “क्या स्लो पॉइजन का पता लगाया जा सकता है?” पुलिस इस डिजिटल साक्ष्य की फॉरेंसिक जांच भी कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि आरोपी हर उस तरीके पर विचार कर रहे थे जिससे अपराध को प्राकृतिक दुर्घटना या सामान्य मौत जैसा दिखाया जा सके।
कई जगहों की रेकी के बाद चुना लोहागढ़ किला
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वारदात के लिए कई संभावित स्थानों का निरीक्षण किया। इनमें टाइगर पॉइंट, विसापुर किला और अन्य पर्यटन स्थल शामिल थे। कई दौर की रेकी के बाद उन्होंने लोहागढ़ किला को सबसे उपयुक्त स्थान माना।
जांच में सामने आया कि 31 मई से पहले ही दोनों ने केतन को लोहागढ़ किले से धक्का देने की योजना बना ली थी। हालांकि 31 मई को सिया और केतन किले पहुंचे, लेकिन उस दिन सिया ने केवल इलाके का निरीक्षण किया और वारदात को अंजाम नहीं दिया।
14 जून को भी नहीं मिला मौका
पुलिस के मुताबिक 14 जून को सिया और केतन एक बार फिर लोहागढ़ किले पहुंचे। जांच एजेंसियों का दावा है कि उस दिन भी सिया अपनी योजना को अंजाम नहीं दे सकी। बाद में उसने सांप दिखाई देने का बहाना बनाकर वहां से लौटने का फैसला किया।
जांचकर्ताओं का मानना है कि आरोपी लगातार ऐसा अवसर तलाश रहे थे, जहां घटना दुर्घटना जैसी लगे और किसी प्रकार का प्रत्यक्ष गवाह मौजूद न हो।
जन्मदिन ट्रिप से पहले बदली योजना
पुलिस जांच के अनुसार, केतन अग्रवाल ने 19 जून को सिया का जन्मदिन महाबलेश्वर के एक रिजॉर्ट में मनाने की योजना बनाई थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस यात्रा से पहले ही सिया और चेतन ने 18 जून को दोबारा लोहागढ़ जाने का निर्णय लिया, ताकि अपनी योजना को अंजाम दिया जा सके।
पुलिस का कहना है कि इसी दौरान दोनों के बीच लगातार संपर्क बना रहा और योजना को अंतिम रूप दिया गया।
धक्का देने की रिहर्सल का दावा
जांच में यह भी सामने आया है कि 14 जून से 18 जून के बीच सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पुणे के बेवर्ली हिल्स इलाके में कई बार किसी व्यक्ति को धक्का देने जैसी गतिविधियों की कथित रिहर्सल की। पुलिस इन दावों की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले में डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य फॉरेंसिक रिपोर्टों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत होने के बाद ही आरोपों की अंतिम पुष्टि होगी।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में हर नए खुलासे के साथ जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है और पुलिस सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है।
