पृथ्वी दिवस किसान प्रशिक्षण नागदा के तहत चंबल फर्टिलाइजर्स द्वारा किसानों को मृदा स्वास्थ्य, संतुलित पोषण और सतत कृषि के प्रभावी तरीके सिखाए गए।
पृथ्वी दिवस किसान प्रशिक्षण नागदा – धरती माँ को स्वस्थ बनाने की दिशा में प्रेरक पहल
पृथ्वी दिवस किसान प्रशिक्षण नागदा
नागदा जंक्शन, 22 अप्रैल
“पृथ्वी दिवस किसान प्रशिक्षण नागदा” के अवसर पर किसानों को धरती माँ को स्वस्थ एवं उपजाऊ रखने के तरीके बताये गए।
विश्व पृथ्वी दिवस अभियान के अवसर पर चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (सीएफसीएल) द्वारा उत्तम संतुलित पोषण अभियान (USPA) के अंतर्गत आज गांव भाटीसूडा में धरती माँ को स्वस्थ और उपजाऊ बनाये रखने के तरीकों को समझाने के किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में किसानों ने भाग लेकर मृदा स्वास्थ्य, संतुलित पोषण एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझा।
कार्यक्रम का उद्देश्य और महत्व
“पृथ्वी दिवस किसान प्रशिक्षण नागदा” का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।
श्री अजय चैधरी सर (डीएमएम-उज्जैन) ने अपने संबोधन में बताया कि यह कार्यक्रम पृथ्वी दिवस अभियान के अवसर पर मृदा संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और सतत कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में चम्बल का एक महत्वपूर्ण कदम हैं।उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही स्वस्थ फसल और समृद्ध किसान की आधारशिला है।
किसानों की सहभागिता और प्रतिक्रिया
“पृथ्वी दिवस किसान प्रशिक्षण नागदा” में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
किसानों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी को अत्यंत उपयोगी बताया और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों की आवश्यकता जताई।
विशेषज्ञों के महत्वपूर्ण सुझाव
प्रतिनिधि महेश सोन्ती (उत्तम रिसर्च कॉर्डिनेटर नागदा जंक्शन) ने किसानों को महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी प्रदान की, जिसमें शामिल हैं:
- मिट्टी नमूना लेने की सही विधि
- फसल अवशेष प्रबंधन
- मिट्टी जांच आधारित उर्वरक उपयोग
उन्होंने बताया कि संतुलित पोषण अपनाकर न केवल उत्पादन बढ़ाया जा सकता है बल्कि भूमि की उर्वराशक्ति भी लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकती है।
मृदा स्वास्थ्य और संतुलित पोषण का महत्व
“पृथ्वी दिवस किसान प्रशिक्षण नागदा” के माध्यम से किसानों को यह समझाया गया कि:
- मृदा स्वास्थ्य का सीधा संबंध उत्पादन से है
- रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग आवश्यक है
- जैविक उत्पादों का उपयोग मिट्टी को दीर्घकालीन लाभ देता है
खेती में अब किसानों भाईयों को उत्तम जैविक उत्पादों एवं संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाकर धरती माँ को स्वस्थ और उपजाऊ बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
सतत कृषि की दिशा में पहल
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसानों को व्यवहारिक समाधान भी प्रदान किए गए।कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा मौके पर ही किया गया।
कंपनी की किसान हितैषी पहल
चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (सीएफसीएल) द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं, जिससे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिलती है।कंपनी ने किसानों को अपनी विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी, जो कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक हैं।
निष्कर्ष
“पृथ्वी दिवस किसान प्रशिक्षण नागदा” एक सराहनीय पहल है, जिसने किसानों को न केवल जागरूक किया बल्कि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान किया।इस प्रकार के कार्यक्रम भविष्य में कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
