प्रताप विद्या निकेतन बदनावर सेवानिवृत्ति समारोह में 40 वर्षों की सेवा पूर्ण करने पर सुश्री फरीदा बोहरा का भव्य सम्मान किया गया। समारोह में शिक्षा, सेवा, त्याग और संस्कारों पर प्रेरणादायी उद्बोधन हुआ। पढ़ें पूरी खबर।
प्रताप विद्या निकेतन बदनावर सेवानिवृत्ति समारोह: 40 वर्षों की प्रेरणादायी सेवा पर सुश्री फरीदा बोहरा का भव्य सम्मान
रिपोर्ट: जिला ब्यूरो विजय द्विवेदी
बदनावर। प्रताप विद्या निकेतन बदनावर सेवानिवृत्ति समारोह विद्यालय परिवार और नगरवासियों के लिए भावनाओं, सम्मान और प्रेरणा से भरा यादगार अवसर बन गया। विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका सुश्री फरीदा बोहरा के 40 वर्षों के समर्पित शैक्षणिक जीवन को सम्मानित करते हुए भव्य सेवानिवृत्ति समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर शिक्षा जगत, सामाजिक क्षेत्र, पत्रकारिता तथा विद्यालय परिवार से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम के दौरान सुश्री फरीदा बोहरा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि—
“महानता की असली पहचान उसके गुणों से होती है, ना कि उसके बड़े होने से। तालाब बड़ा होकर भी प्यास नहीं बुझाता, जबकि कुआँ छोटा होकर भी जीवन देता है। इंसान की पहचान उसके कद से नहीं, बल्कि उसके चरित्र की गहराई, विचारों की शुद्धता, संघर्ष और त्याग से होती है।”
उनके इन विचारों ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया और सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
प्रताप विद्या निकेतन बदनावर सेवानिवृत्ति समारोह बना यादगार
प्रताप विद्या निकेतन बदनावर सेवानिवृत्ति समारोह में विद्यालय परिवार ने अपनी वरिष्ठ शिक्षिका सुश्री फरीदा बोहरा के शिक्षा क्षेत्र में दिए गए चार दशक लंबे योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया। कार्यक्रम में पूर्व छात्र, वर्तमान विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक एवं नगर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
40 वर्षों की गौरवशाली सेवा यात्रा
सुश्री फरीदा बोहरा ने अपने उद्बोधन में बताया कि वर्ष 1984 में विद्यालय की स्थापना के बाद 14 अगस्त 1985 से उन्होंने प्रताप विद्या निकेतन में अपनी सेवाएं प्रारंभ की थीं। तब से लेकर आज तक लगातार 40 वर्षों तक उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन और संस्कारों के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य किया।उन्होंने विद्यालय के संस्थापकों, संचालकों, सहयोगी शिक्षकों, अधिकारियों तथा विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय उनके लिए केवल कार्यस्थल नहीं बल्कि परिवार रहा है।
सुश्री फरीदा बोहरा का प्रेरणादायी संदेश
प्रताप विद्या निकेतन बदनावर सेवानिवृत्ति समारोह में अपने भावुक संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि—
“जीवन में संघर्ष, सेवा और त्याग ही वास्तविक पूंजी हैं। पद और प्रतिष्ठा समय के साथ बदल जाते हैं, लेकिन चरित्र और संस्कार हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहते हैं।”
उन्होंने वर्तमान नवनियुक्त प्राचार्य श्रीमती पूर्व सिंह राठौर को शुभकामनाएं देते हुए विद्यालय की निरंतर प्रगति की कामना की।
कार्यक्रम में रहे प्रमुख अतिथि
समारोह के मुख्य अतिथि श्री देवनारायण गुजराती रहे।विशिष्ट अतिथियों में शामिल रहे—
- नई दुनिया के सहायक संपादक प्रदीप दीक्षित
- आज तक के संवाददाता हरीश पवार
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय संचालक श्री जी.पी. सिंह राठौर ने की।
इन वक्ताओं ने रखे अपने विचार
कार्यक्रम में अनेक वक्ताओं ने सुश्री फरीदा बोहरा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके योगदान की सराहना की।इनमें प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
- परीतोष सिंह राठौर (बंजी बना)
- लक्ष्मण सिंह पवार (पूर्व छात्र एवं शिक्षक)
- पोपसिंह राठौर (पप्पी बना)
- मनीष शर्मा
- सोहन पाटीदार
- महिपाल सिंह सोनगरा
- भूपेंद्र सिंह
- ओ.एस. काजी
- टीकम सिंह डोडिया
- अजय सर
- भानु प्रताप सिंह
- विवेक पवार
सभी वक्ताओं ने फरीदा बोहरा के चार दशक के समर्पण, अनुशासन और शिक्षा के प्रति उनके योगदान को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
बच्चों ने प्रस्तुत किए रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम
विद्यालय के विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समारोह को और भी यादगार बना दिया। गीत, नृत्य एवं विभिन्न प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी अतिथियों का मन मोह लिया।
संचालक मंडल में किया गया शामिल
समारोह के दौरान विद्यालय प्रबंधन ने सुश्री फरीदा बोहरा के अनुभव एवं मार्गदर्शन को देखते हुए उन्हें प्रताप विद्या निकेतन के संचालक मंडल में शामिल करने की घोषणा की। इस घोषणा का सभी उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ स्वागत किया।
स्वागत, संचालन एवं आभार
कार्यक्रम का स्वागत भाषण अभिषेक सिंह राठौर (टिंकू बना) ने दिया।अभिनंदन पत्र का वाचन एडवोकेट हर्षवर्धन सिंह राठौर द्वारा किया गया।कार्यक्रम का प्रभावी संचालन राम श्रीवास्तव ने किया।अंत में श्रीमती सुषमा श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों, पत्रकारों एवं उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
निष्कर्ष
प्रताप विद्या निकेतन बदनावर सेवानिवृत्ति समारोह केवल एक विदाई समारोह नहीं था, बल्कि शिक्षा, सेवा, समर्पण और संस्कारों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर भी था। 40 वर्षों तक विद्यार्थियों का भविष्य संवारने वाली सुश्री फरीदा बोहरा की सेवाएं विद्यालय परिवार और समाज के लिए सदैव प्रेरणा बनी रहेंगी।


