स्वदेशी वस्तुओं के निर्माण और उपयोग से आत्मनिर्भर भारत का संकल्प होगा पूरा : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल
रीवा में मुख्यमंत्री उद्यम योजना अंतर्गत प्रजापति समाज के 110 परिवारों को विद्युत चलित शैला चाक का वितरण
रीवा / भोपाल, 18 अक्टूबर 2025:
आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्य प्रदेश सरकार निरंतर कदम बढ़ा रही है। इस क्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि “स्वदेशी वस्तुओं के निर्माण और उपयोग से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकता है।” प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आज स्वदेशी उत्पादों के माध्यम से न केवल आर्थिक मजबूती प्राप्त कर रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक और परंपरागत पहचान को भी पुनर्जीवित कर रहा है।
रीवा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने मुख्यमंत्री उद्यम योजना के अंतर्गत प्रजापति समाज के 110 परिवारों को विद्युत चलित शैला चाक प्रदान किए। इस पहल का उद्देश्य प्रजापति परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना, पारंपरिक कला को पुनर्जीवित करना और स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।
⚙️ विद्युत चलित शैला चाक से बढ़ेगा स्वरोजगार और स्वदेशी उत्पादन
कार्यक्रम के दौरान श्री शुक्ल ने कहा कि प्रजापति समाज की पहचान उनकी मिट्टी की कला और शिल्प से है। अब जब ये परिवार विद्युत शैला चाक का उपयोग करेंगे, तो उनकी उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। इससे न केवल उनकी आजीविका सशक्त होगी बल्कि वे स्वदेशी उत्पादों के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के “वोकल फॉर लोकल” के आह्वान के बाद देश में स्वदेशी उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। मिट्टी के दीपक, कुल्हड़, हस्तनिर्मित बर्तन और अन्य पारंपरिक वस्तुएँ अब फिर से बाजार में अपनी जगह बना रही हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा के प्रजापति समाज के परिवार अब इस अभियान के अग्रणी बनेंगे।
🌾 आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम
श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत कोई केवल आर्थिक नीति नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक संकल्प है। भारत की ताकत उसकी परंपरागत कारीगरी, लोकशिल्प और स्थानीय उत्पादन में निहित है। उन्होंने कहा कि “जब तक हम अपने गाँवों, कारीगरों और परंपरागत व्यवसायों को मजबूत नहीं करेंगे, तब तक आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य अधूरा रहेगा।”
उन्होंने कहा कि प्रजापति समाज के कारीगर अपने हुनर के माध्यम से मिट्टी की उपयोगी वस्तुएँ बनाते हैं — दीये, कुल्हड़, बर्तन, मूर्तियाँ आदि — जो भारतीय संस्कृति का प्रतीक हैं। अब विद्युत चलित चाक से यह कार्य और सरल, तेज़ तथा आर्थिक रूप से सशक्त होगा।
🎉 धनतेरस पर शुभारंभ, स्वदेशी दीपों से रोशन होंगे घर
कार्यक्रम का आयोजन धनतेरस 2025 के शुभ अवसर पर किया गया। श्री शुक्ल ने कहा कि यह दिन प्रजापति समाज के लिए अत्यंत मंगलकारी सिद्ध हुआ है, क्योंकि इस अवसर पर उन्हें अपने परंपरागत कार्य को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा, “धनतेरस पर जब घर-घर दीप जलेंगे, तब प्रजापति परिवारों द्वारा बनाए गए स्वदेशी मिट्टी के दीपक उस रोशनी का हिस्सा बनेंगे। यह आत्मनिर्भर भारत की सच्ची भावना का प्रतीक है।”
उप मुख्यमंत्री ने स्वयं मंच पर एक विद्युत शैला चाक चलाकर मिट्टी का दीपक बनाया। यह दृश्य उपस्थित जनसमूह के लिए प्रेरणादायक क्षण था। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रतीकात्मक कार्य नहीं, बल्कि स्वदेशी जागरण का मंत्र है जो हर नागरिक को स्थानीय उत्पादों के प्रयोग के लिए प्रेरित करता है।
🙌 प्रजापति समाज को मिली नई ऊर्जा
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक पंचूलाल प्रजापति की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से यह वितरण संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण का प्रतीक है।
प्रजापति समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि अब विद्युत चलित चाक मिलने से उनकी मेहनत कम होगी और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। इससे उनके बच्चों को भी पारंपरिक कारीगरी से जोड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
🏛️ शासन की योजनाएँ और स्थानीय प्रोत्साहन
श्री शुक्ल ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यम योजना के अंतर्गत ऐसे अनेक प्रयास किए जा रहे हैं, जिनसे स्थानीय कारीगर, शिल्पकार और परंपरागत व्यवसायों से जुड़े परिवार आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने रीवा शहर के निपनिया मोहल्ले में भी प्रजापति समाज के लोगों को चाक वितरण के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस व्यापक मिशन का हिस्सा है जिसके माध्यम से मध्य प्रदेश को ‘आत्मनिर्भर भारत’ के मार्ग पर अग्रसर किया जा रहा है।
👥 कार्यक्रम में रही उल्लेखनीय उपस्थिति
इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पांडेय, जिला अध्यक्ष श्री वीरेंद्र गुप्ता, पूर्व विधायक श्रीमती पन्ना बाई, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और प्रजापति समाज के अनेक स्वरोजगारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर आत्मनिर्भर भारत के इस लोकाभियान की सराहना की।



