प्रभु पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव मेवानगर पेटलावद में ऐतिहासिक आयोजन
प्रभु पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव मेवानगर पेटलावद में इस वर्ष अत्यंत भव्य और दिव्य स्वरूप में मनाया जाएगा। पौष सुदी दशमी, रविवार 14 दिसंबर 2025 को जैन समाज के 23वें तीर्थंकर, विश्व कल्याण सुधाकर भगवान पार्श्वनाथजी का जन्म कल्याणक महोत्सव संपूर्ण श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ आयोजित होगा।
मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के मेवानगर (पेटलावद) को राजस्थान के प्रसिद्ध नाकोड़ा तीर्थ की तर्ज पर विकसित करने का संकल्प श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव ट्रस्ट मंडल द्वारा लिया गया है। इसी उद्देश्य के अंतर्गत यह विशाल धार्मिक आयोजन किया जा रहा है।
प्रभु पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव की पावन शुरुआत
प्रातः काल दामोदर कॉलोनी में समस्त श्रद्धालुओं के लिए नवकारसी का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात सुबह 9 बजे से बैंड-बाजों, 11 ढोल और 21 बगियों के साथ विशाल वरघोड़ा निकाला जाएगा।
इस वरघोड़े की विशेषता यह रहेगी कि प्रथम बग्गी में भगवान पार्श्वनाथजी विराजमान रहेंगे, जबकि अन्य बगियों में लाभार्थी परिवार सवार होंगे। पुरुष एवं महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में यात्रा की शोभा बढ़ाएंगे।
21 बगियों संग भव्य वरघोड़ा – आयोजन की मुख्य विशेषता
प्रभु पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव मेवानगर पेटलावद का यह वरघोड़ा पूरे डूंगर मालवा प्रांत के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। धार्मिक ध्वज, भक्ति संगीत, ढोल-नगाड़ों की गूंज और जयकारों से पूरा क्षेत्र धर्ममय वातावरण में रंग जाएगा।
ट्रस्ट मंडल द्वारा सभी श्रीसंघों और भक्त परिवारों को अधिक से अधिक संख्या में पधारने का आमंत्रण दिया गया है।
108 दीपक से महाआरती – विशेष पुण्य अवसर
दोपहर शुभ मुहूर्त में ठीक 12:39 बजे भगवान पार्श्वनाथजी की 108 दीपकों से महाआरती की जाएगी। यह महाआरती आयोजन का आध्यात्मिक शिखर होगी, जिसमें श्रद्धालु भाव-विभोर होकर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
दादा के आदेशानुसार लाभार्थी परिवारों द्वारा चढ़ावे अर्पित किए जाएंगे और दिनभर धार्मिक अनुष्ठान चलते रहेंगे।
रात्रि में भव्य भजन संध्या का आयोजन
रात्रि में विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया है, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक त्रिलोक मोदी (नारायणगढ़, मंदसौर) अपनी मधुर वाणी से दादा को रिझाएंगे।
इस भजन संध्या के लाभार्थी श्रेयांश दख एवं संभव भंडारी अपनी पूरी टीम के साथ भक्ति रस की गंगा बहाएंगे। यह संध्या श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आनंद का विशेष अवसर होगी।
डूंगर मालवा प्रांत में दिया गया आमंत्रण
ट्रस्ट मंडल के प्रमुख ट्रस्टी मनीष कुमट, निखिल भंडारी, सूरजमल भंडारी, आशीष भांगु, दीपक पिपाड़ा, अभय पिपाड़ा, नवदीप गुगलिया, जितेंद्र भंडारी सहित अन्य सदस्यों ने थांदला सहित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर श्रीसंघों को आमंत्रण पत्र व आयोजन बैनर प्रदान किए।
मीडिया प्रभारी पीयूष पटवा ने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि मेवानगर को एक बड़े जैन तीर्थ के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रभु पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव का आध्यात्मिक महत्व
प्रभु पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव मेवानगर पेटलावद केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अहिंसा, करुणा और आत्मकल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। इस आयोजन में सहभागिता कर श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा, शांति और पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
निष्कर्ष
मेवानगर पेटलावद में आयोजित होने वाला यह महोत्सव जैन समाज के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायक सिद्ध होगा। 21 बगियों का वरघोड़ा, 108 दीपक महाआरती और भजन संध्या इसे अविस्मरणीय बनाएंगे।
प्रभु पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव मेवानगर पेटलावद में शामिल होकर धर्म, भक्ति और पुण्य का लाभ अवश्य प्राप्त करें। 🙏

