—Advertisement—

पोषण पखवाड़ा आंगनवाड़ी कार्यक्रम: बेहद महत्वपूर्ण पहल से बच्चों के समग्र विकास पर जोर, माता-पिता को मिली उपयोगी जानकारी और प्रेरणा

Author Picture
Published On: 16 April 2026
WhatsApp Image 2026 04 16 at 7.11.16 PM

—Advertisement—

पोषण पखवाड़ा आंगनवाड़ी कार्यक्रम के तहत उज्जैन में माता-पिता को बच्चों के समग्र विकास, पोषण, शिक्षा और प्रारंभिक देखभाल की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

पोषण पखवाड़ा आंगनवाड़ी कार्यक्रम: माता-पिता से संवाद, बच्चों के समग्र विकास की दी जानकारी

खरसोद खुर्द:-(राहुल शर्मा)

महिला एवं बाल विकास विभाग, उज्जैन द्वारा पोषण पखवाड़ा आंगनवाड़ी कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को ग्राम उटवास में माता-पिता के लिए ईसीसीई (प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा) और प्रारंभिक देखभाल विषय पर एक जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।

पोषण पखवाड़ा आंगनवाड़ी कार्यक्रम का उद्देश्य

पोषण पखवाड़ा आंगनवाड़ी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के पोषण, शिक्षा और समग्र विकास को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से माता-पिता को यह समझाया जाता है कि प्रारंभिक अवस्था में बच्चों की देखभाल कितनी महत्वपूर्ण होती है।

कार्यक्रम का आयोजन और संचालन

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मिशन नीव कार्यक्रम के जिला समन्वयक लोकेन्द्र तंवर ने बताया कि यह आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक राजेश मेहरा तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी बृजेश त्रिपाठी के मार्गदर्शन में किया गया।

इस कार्यक्रम का संचालन परियोजना अधिकारी हरिदेश हरदेनिया के नेतृत्व में तथा पर्यवेक्षक पुष्पा शर्मा की उपस्थिति में किया गया।

ईसीसीई और प्रारंभिक देखभाल का महत्व

ईसीसीई (Early Childhood Care and Education) बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास की नींव है। इस सत्र में माता-पिता को बताया गया कि:

  • बच्चों की शुरुआती शिक्षा खेल-खेल में होनी चाहिए
  • देखभाल में स्नेह और सुरक्षा जरूरी है
  • सही पोषण से बच्चों का मस्तिष्क तेजी से विकसित होता है

माता-पिता की भूमिका क्यों जरूरी

सत्र में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि माता-पिता ही बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं।उनके द्वारा दी गई प्रारंभिक शिक्षा और व्यवहार बच्चों के:

  • मानसिक विकास
  • सामाजिक व्यवहार
  • भावनात्मक संतुलन

पर गहरा प्रभाव डालते हैं।

बच्चों के पहले 6 वर्षों का महत्व

पोषण पखवाड़ा आंगनवाड़ी कार्यक्रम के दौरान यह बताया गया कि बच्चों के जीवन के पहले 6 वर्ष सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।इसी समय:

  • मस्तिष्क का तेजी से विकास होता है
  • सीखने की क्षमता बढ़ती है
  • व्यक्तित्व का निर्माण होता है

समग्र विकास के मुख्य पहलू

कार्यक्रम में माता-पिता को बच्चों के समग्र विकास के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई:

1. शारीरिक विकास

संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच

2. मानसिक विकास

कहानियां, खेल और संवाद

3. सामाजिक विकास

अन्य बच्चों के साथ सहभागिता

4. भावनात्मक विकास

स्नेह और सकारात्मक वातावरण

पोषण और शिक्षा का संतुलन

आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को पोषण और शिक्षा दोनों समान रूप से दिए जाते हैं।इस कार्यक्रम में यह बताया गया कि:

  • केवल भोजन ही नहीं, सही शिक्षा भी जरूरी है
  • पोषण और शिक्षा मिलकर बच्चे का भविष्य बनाते हैं

मिशन नीव कार्यक्रम की भूमिका

मिशन नीव कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के प्रारंभिक मस्तिष्क विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।इसका उद्देश्य है:

  • बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करना
  • माता-पिता को जागरूक बनाना
  • आंगनवाड़ी सेवाओं को प्रभावी बनाना

जागरूकता सत्र के मुख्य बिंदु

कार्यक्रम के दौरान माता-पिता को निम्नलिखित जानकारी दी गई:

  • बच्चों की स्नेहपूर्ण देखभाल
  • सुरक्षा का महत्व
  • खेल-खेल में शिक्षा
  • संतुलित पोषण
  • सक्रिय सहभागिता

निष्कर्ष

पोषण पखवाड़ा आंगनवाड़ी कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि बच्चों के विकास में माता-पिता और आंगनवाड़ी दोनों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।यह पहल न केवल बच्चों के उज्जवल भविष्य की नींव रखती है बल्कि समाज के समग्र विकास में भी योगदान देती है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp