रिपोर्ट : राहुल राठौर भीमपुर
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान PMSMA शिविर में 1173 गर्भवती महिलाओं की जांच, 484 हाई रिस्क चिन्हित
गर्भावस्था संबंधी जटिलताओं की समय पर पहचान और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित हुए विशेष जांच शिविर
बैतूल। गर्भावस्था से संबंधित जटिलताओं का समय पर पता लगाने, गर्भवती महिलाओं को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत विशेष जांच शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में कुल 1173 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें 484 महिलाओं को हाई रिस्क गर्भावस्था की श्रेणी में चिन्हित किया गया।
प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. जगदीश घोरे ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत प्रतिमाह 9 एवं 25 तारीख को गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच की जाती है। अभियान का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान संभावित जोखिमों की पहचान कर समय रहते उपचार, चिकित्सकीय परामर्श और सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। शिविर में महिलाओं की आवश्यक स्वास्थ्य जांच के साथ खून एवं जीडीएम की जांच भी की गई।
जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर हुई व्यापक जांच
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसदेही में चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र धाकड़ द्वारा 42 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें 40 महिलाएं हाई रिस्क पाई गईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आठनेर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रूपल श्रीवास्तव ने 111 महिलाओं की जांच की, जिनमें 47 महिलाओं को हाई रिस्क चिन्हित किया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भीमपुर में स्त्री रोग चिकित्सक डॉ. तरुणा काकोड़िया एवं डॉ. रीकेश काकोड़िया द्वारा 138 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें 56 महिलाएं हाई रिस्क पाई गईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर में चिकित्सा अधिकारी डॉ. महिमा सिंह ने 110 गर्भवती महिलाओं की जांच की, जिनमें 53 महिलाओं को हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेहरा में चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक बारस्कर द्वारा 325 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें 80 महिलाओं को हाई रिस्क चिन्हित किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभात पट्टन में स्त्री रोग चिकित्सक डॉ. सोनाली मरकाम ने 56 गर्भवती महिलाओं की जांच की, जिनमें 34 महिलाएं हाई रिस्क पाई गईं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मासोद में स्त्री रोग चिकित्सक डॉ. अंकिता बास्कले द्वारा 105 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें 31 महिलाएं हाई रिस्क पाई गईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिचोली में स्त्री रोग चिकित्सक डॉ. मनीषा वर्मा द्वारा 111 गर्भवती
महिलाओं की जांच की गई, जिनमें 67 महिलाएं हाई रिस्क चिन्हित हुईं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोड़ाडोंगरी में स्त्री रोग चिकित्सक डॉ. कविता कोरी ने 83 गर्भवती महिलाओं की जांच की, जिनमें 61 महिलाएं हाई रिस्क पाई गईं। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुलताई में स्त्री रोग चिकित्सक डॉ. सरिता कालभोर द्वारा 92 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमें 48 महिलाओं को हाई रिस्क श्रेणी में चिन्हित किया गया।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शिविर का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व अवस्था में आवश्यक जांच, चिकित्सकीय परीक्षण और परामर्श उपलब्ध कराना है। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान के बाद उनका उचित प्रबंधन एवं नियमित निगरानी करते हुए सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अभियान के माध्यम से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के साथ गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
