PM श्री विद्यालय झकनावदा के छात्रों ने दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण में प्राचीन इतिहास का अनुभव किया
शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य
झकनावदा – PM श्री विद्यालय झकनावदा ने छात्रों के लिए एक दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति और स्थापत्य कला से प्रत्यक्ष रूप में परिचित कराना था। यह भ्रमण न केवल छात्रों के ज्ञान को बढ़ाने का साधन था, बल्कि उन्हें किताबों में पढ़ी गई जानकारी को वास्तविक जीवन में अनुभव करने का अवसर भी प्रदान करता है।
भ्रमण की शुरुआत 25 मार्च को स्कूल परिसर से हुई, जहाँ जनपद उपाध्यक्ष देवकुंवर पड़ियार, मंडल अध्यक्ष जितेन्द्र राठौड़, वरिष्ठ समाजसेवी श्रेंकिक कोठारी, पालक शिक्षक संघ अध्यक्ष एफसी माली, राजेंद्र मिस्त्री, और प्राचार्य रमेश कुमार चौरसिया ने छात्रों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा का पहला पड़ाव पशुपतिनाथ दर्शन और सांवरिया सेठ मंदिर था, जहाँ छात्रों ने मंदिरों की प्राचीन वास्तुकला और धार्मिक महत्व को समझा।
भ्रमण का मुख्य आकर्षण राजस्थान के चित्तौड़गढ़ किला का दौरा रहा, जहाँ छात्रों ने मीराबाई मंदिर, विजय स्तंभ, कीर्ति स्तंभ, पद्मावती महल, गौमुख कुंड और जौहर स्थल सहित कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का अवलोकन किया। इस दौरान छात्रों को गाइड के माध्यम से हर स्थल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी दी गई, जिससे उनकी पढ़ाई में रुचि और ज्ञान दोनों ही बढ़े।
यह यात्रा छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक, अनुभवजन्य और प्रेरणादायक साबित हुई, जिससे उन्होंने इतिहास को जीवंत रूप में देखा और समझा।
यात्रा का शुभारंभ
यात्रा 25 मार्च को स्कूल परिसर से शुरू हुई। इस अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष देवकुंवर पड़ियार, मंडल अध्यक्ष जितेन्द्र राठौड़, वरिष्ठ समाजसेवी श्रेंकिक कोठारी, पालक शिक्षक संघ अध्यक्ष एफसी माली, राजेंद्र मिस्त्री, और प्राचार्य रमेश कुमार चौरसिया ने यात्रा बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
पहला पड़ाव: पशुपतिनाथ और सांवरिया मंदिर
यात्रा का पहला चरण पशुपतिनाथ दर्शन और सांवरिया सेठ के प्राकट्य स्थल मंदिरों का दर्शन था। छात्रों ने मंदिरों की स्थापत्य कला, मूर्तिकला और धार्मिक परंपराओं को देखा और समझा। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने रात्रि विश्राम किया।
दूसरा चरण: चित्तौड़गढ़ का ऐतिहासिक भ्रमण
दूसरे दिन छात्रों ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ किला का दौरा किया। किले में छात्रों को गाइड के माध्यम से प्राचीन इतिहास और साहित्यिक महत्व से परिचित कराया गया।
छात्रों ने निम्नलिखित स्थलों का भ्रमण किया:
- मीराबाई मंदिर
- राधा कृष्ण मंदिर
- विजय स्तंभ
- राजा भोज द्वारा निर्मित महादेव मंदिर
- कीर्ति स्तंभ
- माँ कालिका माता मंदिर
- सूरजपोल
- पद्मावती महल
- जहाँज मंदिर
- गौमुख कुंड
- जौहर स्थल
हर स्थल पर छात्रों को इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी दी गई।

छात्रों का अनुभव
छात्रों ने साझा किया कि जो जानकारी वे किताबों में पढ़ते थे, वे अब वास्तविक रूप में देख और समझ पाए। मीराबाई और राधा कृष्ण मंदिर में भक्ति की गहरी समझ मिली, विजय स्तंभ और कीर्ति स्तंभ ने वीरता और इतिहास का अनुभव कराया, और पद्मावती महल तथा गौमुख कुंड ने प्राचीन स्थापत्य कला और युद्ध की कहानियों को जीवंत किया।
यात्रा का समापन
यात्रा का समापन 25 मार्च को झकनावदा में हुआ। इस दौरान यात्रा के सफल आयोजन में इन लोगों का विशेष योगदान रहा:
रमेश कुमार चौरसिया, संदीप पाटीदार, नारायण दास बैरागी, हेमेन्द्र कुमार जोशी, श्रीकांत यादव, सुरेश प्रजापत, यशपाल घटिया, भंवर सिंह परमार, संतोष कटारा, रिंकू पवार, निलेश मुलेवा, प्रेमलता पाटीदार, पूजा कटरा, लक्ष्मी चौधरी, ज्योति सोलंकी, प्रेमलता चौहान, सोहन चरपोटा, सुरेश राठौड़, अंबाराम राठौड।
शैक्षणिक महत्व
यह शैक्षणिक भ्रमण न केवल छात्रों को इतिहास, संस्कृति और धार्मिक स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव देने में सफल रहा, बल्कि उन्हें अध्ययन और सीखने की रुचि भी बढ़ी।
- छात्रों ने समझा कि पुस्तक में पढ़ी गई बातें वास्तविक जीवन में कितनी जीवंत और प्रेरक हो सकती हैं।
- भ्रमण से छात्रों में टीम वर्क, अनुशासन और संगठन की भावना विकसित हुई।
- यात्रा ने विद्यार्थियों के मानसिक और बौद्धिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निष्कर्ष
PM श्री विद्यालय झकनावदा द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण छात्रों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक और अनुभवजन्य साबित हुआ। छात्रों ने प्राचीन मंदिरों, महलों और ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन कर इतिहास और संस्कृति के महत्व को प्रत्यक्ष रूप में जाना। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के अध्ययन अनुभव को समृद्ध बनाने में सहायक होते हैं और उनकी सोच को व्यापक बनाते हैं।
