—Advertisement—

PM मोदी ने कहा- दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर सम्मान और अनुभव साझा करना ही लोकतंत्र की असली ताकत है

Author Picture
Published On: 18 March 2026
pm

—Advertisement—

राज्यसभा से रिटायरमेंट: एक यादगार विदाई सत्र

राज्यसभा में आज कई वरिष्ठ सदस्य रिटायर हो रहे हैं। इन सीटों पर कुछ सदस्य निर्विरोध चुने जा चुके हैं। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सभी रिटायर होने वाले सांसदों के संसदीय जीवन और कार्यकाल को रेखांकित किया। उनके योगदान और अनुभव को सम्मान देते हुए उन्होंने सदन में उनका परिचय और उपलब्धियों का सारांश प्रस्तुत किया।

PM मोदी की प्रशंसा

PM नरेंद्र मोदी ने रिटायर हो रहे सभी सांसदों की भूमिका को लोकतंत्र को मजबूत करने वाला बताया। पीएम ने कहा कि राज्यसभा केवल सांसदों की सभा नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी “ओपन यूनिवर्सिटी” है जहाँ नए सांसदों को सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने सभी से कहा कि सांसद अपने अनुभव को साझा करें और लोकतंत्र की परंपराओं को मजबूत करें।

पीएम मोदी ने कहा, “सदन में कई विषयों पर चर्चा होती है, हर सदस्य का योगदान महत्वपूर्ण होता है। कभी-कभी खट्टे-मीठे अनुभव भी होते हैं, लेकिन सभी को पार्टी की भावना से ऊपर उठकर लोकतंत्र के हित में काम करना चाहिए।”

विदाई सत्र का भावुक माहौल

विदाई सत्र में सांसदों के योगदान और उनके संसदीय जीवन पर चर्चा करते हुए संसद में भावुक माहौल देखने को मिला। रिटायर होने वाले नेताओं ने भी अपने संसदीय अनुभव साझा किए। सांसदों की विदाई के अवसर पर सदन में सम्मान और कृतज्ञता का भाव स्पष्ट दिखाई दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ सांसद फिर से सदन में लौट सकते हैं, जबकि कुछ सामाजिक जीवन में अपने अनुभव का उपयोग करेंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति में कभी फुल स्टॉप नहीं होता। उनका योगदान हमेशा देश के लिए मूल्यवान रहेगा। उन्होंने सभी सांसदों से अनुरोध किया कि वे दलीय सीमाओं से ऊपर उठकर एक-दूसरे का सम्मान करें और अनुभव साझा करें।

पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा की सराहना

प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ नेताओं के योगदान की भी प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, मल्लिकार्जुन खरगे और शरद पवार का उल्लेख किया। पीएम ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा संसदीय सेवा में समर्पित किया और नए सांसदों को उनसे सीखना चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा, “समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाना हर सांसद का कर्तव्य है। वरिष्ठ नेताओं के अनुभव से नई पीढ़ी सांसदों को प्रेरणा मिलती है।”

उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की प्रशंसा

प्रधानमंत्री ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि हरिवंश जी ने सदन की कार्यवाही को शांत और संतुलित तरीके से संचालित किया। उनकी मेहनत और ईमानदारी देशभर में किए गए प्रतिनिधि कार्यों में भी दिखाई देती है। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे नेता संसदीय लोकतंत्र की ताकत हैं और उनके मार्गदर्शन से नए सांसद सीख सकते हैं।

सदन में योगदान और अनुभव का महत्व

संसद में अनुभव का महत्व अत्यधिक होता है। रिटायर हो रहे सांसदों ने न केवल विधायी कामकाज में योगदान दिया, बल्कि नए सांसदों को सीखने का अवसर भी दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने में अनुभवी नेताओं का मार्गदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी सांसदों से आग्रह किया कि वे सदन की गरिमा बनाए रखें और अपने अनुभव से लोकतंत्र को सशक्त करें।

लोकतंत्र को मजबूत करने वाली भूमिका

पीएम मोदी ने रिटायर हो रहे सांसदों की भूमिका को लोकतंत्र को मजबूत करने वाला बताते हुए कहा कि प्रत्येक सांसद का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि संसद केवल विधायी कार्य के लिए नहीं है, बल्कि यह सीखने और अनुभव साझा करने का मंच भी है। नए सांसदों को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।

राजनीतिक अनुभव और नैतिक जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति में अनुभव और नैतिक जिम्मेदारी हमेशा साथ चलते हैं। रिटायर सांसदों के अनुभव से नई पीढ़ी को सीखने और बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलती है। पीएम ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन से लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखा जा सकता है।

विदाई समारोह का संदेश

विदाई समारोह ने सभी सांसदों को याद दिलाया कि उनकी सेवा केवल कार्यकाल तक सीमित नहीं है। उनके योगदान का प्रभाव लंबे समय तक रहेगा। पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति में कभी फुल स्टॉप नहीं होता, और रिटायर हो रहे सांसद भविष्य में भी समाज के लिए मूल्यवान योगदान दे सकते हैं।

निष्कर्ष

आज का विदाई सत्र राज्यसभा के लिए महत्वपूर्ण था। वरिष्ठ नेताओं का सम्मान और उनके अनुभव से नए सांसदों को सीखने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिटायर हो रहे सांसदों की सराहना करते हुए लोकतंत्र की मजबूती में उनके योगदान को याद किया। विदाई समारोह ने यह संदेश दिया कि संसदीय अनुभव और मार्गदर्शन लोकतंत्र की रीढ़ हैं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp