आस्था की जीत, स्वच्छता का संदेश: बोर्डिया कुआं हनुमान मंदिर परिसर से हटा कचरा अड्डा, पौधारोपण और सम्मान समारोह के साथ मनाई खुशी
नगर पालिका की त्वरित कार्रवाई से धार्मिक स्थल हुआ स्वच्छ, हनुमान भक्त मंडल और क्षेत्रवासियों ने अधिकारियों एवं सफाई कर्मियों का किया सम्मान
रिपोर्ट: पवन धाकड़ | जावरा
जावरा। धार्मिक आस्था, जनभागीदारी और प्रशासनिक संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण जावरा शहर में देखने को मिला, जहां श्री हनुमान मंदिर, बोर्डिया कुआं के समीप नगर पालिका द्वारा बनाए गए मिनी ट्रेंचिंग ग्राउंड (कचरा अड्डा) को हटाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी और संतोष का माहौल है। लंबे समय से मंदिर परिसर के आसपास कचरा जमा होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय रहवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब नगर पालिका प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से न केवल मंदिर परिसर स्वच्छ हुआ है, बल्कि क्षेत्र में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का सकारात्मक संदेश भी गया है।
इस उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए हनुमान भक्त मंडल एवं स्थानीय रहवासियों ने मंदिर परिसर में पौधारोपण एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम में नगर पालिका के अधिकारियों, सफाई कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों का शाल, माला और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।
मंदिर के समीप कचरा अड्डे से श्रद्धालु थे परेशान
श्री हनुमान मंदिर बोर्डिया कुआं क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर के समीप नगर पालिका द्वारा बनाए गए मिनी ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरा एकत्र होने से आसपास गंदगी, दुर्गंध और अस्वच्छ वातावरण की स्थिति बन गई थी।
स्थानीय लोगों का कहना था कि धार्मिक स्थल के पास कचरे का ढेर होने से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही थीं। विशेष रूप से सुबह-शाम पूजा-अर्चना के समय लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता था।
शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंचे पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष
क्षेत्रवासियों द्वारा समस्या की जानकारी मिलने पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा स्वयं बोर्डिया कुआं स्थित श्री हनुमान मंदिर पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंदिर परिसर के आसपास फैली गंदगी और कचरा अड्डे की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इसे गंभीर विषय मानते हुए तत्काल मुख्य नगरपालिका अधिकारी से मोबाइल पर चर्चा की और धार्मिक स्थल के समीप बने कचरा अड्डे को हटाने की मांग रखी।
अनिल दसेड़ा ने कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है तथा मंदिर परिसर के आसपास स्वच्छ वातावरण होना आवश्यक है।
नगर पालिका ने दिखाई तत्परता
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा समस्या उठाए जाने के बाद नगर पालिका प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
लगभग 10 दिनों के भीतर मंदिर परिसर के समीप स्थित मिनी ट्रेंचिंग ग्राउंड को हटाकर पूरे क्षेत्र की सफाई कर दी गई। इसके बाद वहां नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे आसपास का वातावरण पहले की तुलना में कहीं अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाई देने लगा।
नगर पालिका की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों ने खुलकर सराहना की।
स्वच्छता के साथ दिया हरियाली का संदेश
कचरा अड्डा हटने के बाद हनुमान भक्त मंडल और क्षेत्रीय रहवासियों ने इस अवसर को केवल उत्सव तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से मंदिर परिसर में पौधारोपण भी किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए और सभी उपस्थित लोगों ने उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लिया।
आयोजकों ने कहा कि स्वच्छता और हरियाली दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि शहर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना है तो अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा करने की आवश्यकता है।
सफाई टीम और जनप्रतिनिधियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक क्षण वह रहा जब नगर पालिका के सफाई विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का सम्मान किया गया।
उत्कृष्ट कार्य के लिए—
- सफाई इंचार्ज दशरथ चौहान
- दरोगा मांगीलाल
- मेट निलेश
- पार्षद प्रतिनिधि दशरथ धाकड़
- आमिर भाई
का शाल, माला एवं श्रीफल भेंट कर अभिनंदन किया गया।
आयोजकों ने कहा कि स्वच्छ शहर के निर्माण में सफाई कर्मचारियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण होता है और उनके कार्य का सम्मान समाज को प्रेरणा देता है।
प्रशासन और जनता के सहयोग से संभव हुआ समाधान
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि किसी भी शहर का विकास केवल प्रशासन के प्रयासों से संभव नहीं होता, बल्कि उसमें आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक होती है।
बोर्डिया कुआं क्षेत्र का यह उदाहरण दर्शाता है कि यदि नागरिक अपनी समस्या को जिम्मेदारी के साथ प्रशासन तक पहुंचाएं और प्रशासन संवेदनशीलता से कार्य करे, तो समस्याओं का समाधान शीघ्र संभव है।
धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी
हनुमान भक्त मंडल के सदस्यों ने कहा कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र भी होते हैं।
ऐसे स्थानों की स्वच्छता बनाए रखना केवल नगर पालिका की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से अपील की कि मंदिर परिसर और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा न फैलाएं तथा स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका का जताया आभार
कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने नगर पालिका परिषद, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, सफाई विभाग तथा सभी सफाई कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने समय रहते उचित निर्णय लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान किया है। इससे न केवल धार्मिक स्थल की गरिमा बनी है बल्कि पूरे क्षेत्र का वातावरण भी स्वच्छ और सुंदर हुआ है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इसी प्रकार प्रशासन और नागरिक मिलकर कार्य करते रहे तो जावरा शहर को स्वच्छ और आदर्श नगर बनाने का सपना अवश्य पूरा होगा।
जनहित में उठाया गया सराहनीय कदम
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक स्थलों के आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखना शहर की पहचान और सांस्कृतिक विरासत दोनों के लिए आवश्यक है।
नगर पालिका द्वारा समय पर की गई कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन नागरिकों की भावनाओं और जनहित के मुद्दों के प्रति गंभीर है।
इस पहल से अन्य क्षेत्रों के लिए भी सकारात्मक संदेश गया है कि सार्वजनिक समस्याओं का समाधान संवाद और सहयोग से संभव है।
भविष्य में भी जारी रहेगी स्वच्छता की मुहिम
हनुमान भक्त मंडल एवं क्षेत्रीय नागरिकों ने कार्यक्रम के समापन पर संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करेंगे।
उन्होंने नियमित स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण तथा जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की भी बात कही।
सभी ने एक स्वर में कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं बल्कि जीवनशैली बननी चाहिए। यदि प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाए रखना कठिन नहीं है।
सामूहिक प्रयास बना प्रेरणा
बोर्डिया कुआं हनुमान मंदिर परिसर से कचरा अड्डा हटाने की यह पहल केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि जनसहभागिता, धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
नगर पालिका प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, सफाई कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों के सामूहिक प्रयास ने यह साबित कर दिया कि जब समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करते हैं तो सकारात्मक परिवर्तन निश्चित रूप से संभव होता है।
यह पहल आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगी और स्वच्छता के प्रति लोगों की सोच को मजबूत करेगी।
