Pitru Paksha 2025: श्राद्ध के समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना नाराज हो सकते हैं पितर
Pitru Paksha 2025: हिंदू धर्म में पितृपक्ष (श्राद्ध पक्ष) का विशेष महत्व है। यह अवधि हर साल भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि से आश्विन अमावस्या तक चलती है। पौराणिक मान्यता है कि इन 15 दिनों में पितर पृथ्वी पर आते हैं और अपने वंशजों द्वारा किए गए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान से प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं। लेकिन अगर नियमों का पालन न किया जाए तो पितर नाराज हो सकते हैं और इसका असर घर-परिवार पर पड़ सकता है।
पितृपक्ष में क्या करें? (Things to Do in Pitru Paksha)
✅ श्राद्ध और तर्पण – हर साल पितरों की आत्मा की शांति और आशीर्वाद के लिए श्राद्ध और तर्पण अवश्य करें। यह आपके कृतज्ञता भाव का प्रतीक माना जाता है।
✅ योग्य ब्राह्मण से श्राद्ध कराएं – श्राद्ध कर्म हमेशा योग्य और विद्वान ब्राह्मण से करवाना शुभ माना गया है।
✅ सात्विक भोजन ग्रहण करें – इस अवधि में शुद्ध सात्विक भोजन करें और संयमित जीवन जीएं।
✅ जीव-जंतुओं और अतिथियों को भोजन कराएं – गाय, कुत्ता, कौवा और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना पुण्यकारी माना जाता है।
✅ दान-पुण्य करें – ब्राह्मणों, गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दान देना पितरों को प्रसन्न करता है।
पितृपक्ष में क्या न करें? (Things to Avoid in Pitru Paksha)
❌ तामसिक भोजन व नशा न करें – मांस, शराब और अशुद्ध भोजन का सेवन वर्जित है।
❌ मांगलिक कार्य न करें – विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ जैसे शुभ कार्य इस दौरान नहीं करने चाहिए।
❌ नई संपत्ति या वाहन न खरीदें – पितृपक्ष में नया घर, जमीन या गाड़ी खरीदना अशुभ माना जाता है।
❌ बाल, नाखून और दाढ़ी न काटें – ऐसा करना पितरों का अपमान माना जाता है।
❌ जमीन में उगने वाली कुछ सब्जियां न खाएं – आलू, बैंगन, खीरा, मूली, अरबी और साग का सेवन निषिद्ध है।
❌ भूखे जीव-जंतु न लौटाएं – अगर घर की चौखट पर गाय, काला कुत्ता या कौवा आ जाए तो उसे भोजन अवश्य कराएं।
निष्कर्ष
Pitru Paksha 2025 का समय पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे शुभ अवसर माना जाता है। इस दौरान किए गए श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। लेकिन नियमों का उल्लंघन करने पर पितरों की कृपा बाधित हो सकती है। इसलिए पितृपक्ष में बताए गए कार्यों को अवश्य करें और वर्जित चीजों से बचें।

