MP: भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में पेट्रोल-डीजल की अफवाह प्रशासन ने जताया भरोसा स्टॉक पर्याप्त
भोपाल, MP – मध्य प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल और डीजल की कमी की अफवाह फैलने से जनता में चिंता और घबराहट देखने को मिली। खासकर राजधानी भोपाल और इंदौर में कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म होने की खबरें सामने आने के बाद लोगों ने लंबी कतारों में खड़े होकर ईंधन भरवाने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो वायरल होने से अफवाह और अधिक तेज़ी से फैली। हालांकि, प्रशासन और तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त मात्रा मौजूद है और कोई संकट नहीं है।
अफवाहों के चलते आम जनता की प्रतिक्रिया
अचानक फैल रही अफवाहों ने भोपाल और इंदौर सहित अन्य शहरों में लोगों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी। लोग सुबह-सुबह पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर ईंधन लेने लगे। सोशल मीडिया पर लंबी कतारों की तस्वीरें और वीडियो ने आम जनता में विश्वास पैदा कर दिया कि वास्तव में ईंधन की कमी हो रही है।
हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन अस्थायी रूप से खत्म होने की खबरें आ रही थीं, जो नए भुगतान सिस्टम और तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण थीं। केवल पांच प्रतिशत पंपों में यह समस्या देखी गई, लेकिन यह किसी तरह के वास्तविक ईंधन संकट का संकेत नहीं है।
प्रशासन का स्पष्ट बयान
MP भोपाल जिले के फूड कंट्रोलर, चंद्रभान सिंह जादौन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “भोपाल में लगभग 58.79 लाख किलोलीटर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक मौजूद है, जो अगले ढाई से तीन महीने तक शहर की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त है। पेट्रोल पंपों को रोजाना भौंरी स्थित इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डिपो से नियमित रूप से 12 लाख लीटर डीजल और 9 लाख लीटर पेट्रोल की आपूर्ति की जाती है। इसलिए किसी तरह की आपूर्ति में कमी की स्थिति नहीं है।”
प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लें।
तेल आपूर्ति व्यवस्था
MP में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति तीन प्रमुख तेल कंपनियों – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) – द्वारा नियंत्रित की जाती है। ये कंपनियां राज्य के सभी प्रमुख शहरों और कस्बों के पेट्रोल पंपों को नियमित रूप से ईंधन उपलब्ध कराती हैं।
भोपाल में 192 पेट्रोल पंपों को रोजाना पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और अन्य शहरों में भी यही व्यवस्था लागू है। अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति प्रणाली पूरी तरह सुचारू रूप से चल रही है और कोई भी अस्थायी व्यवधान सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
सोशल मीडिया की भूमिका
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल अफवाह इस बात का उदाहरण है कि सोशल मीडिया पर छोटी-छोटी घटनाओं को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया जा सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट ने आम जनता को अनावश्यक रूप से भयभीत किया। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि वे केवल विश्वसनीय और आधिकारिक समाचार स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
नए भुगतान सिस्टम की वजह से अस्थायी व्यवधान
कुछ पेट्रोल पंपों पर नए एडवांस भुगतान सिस्टम के कारण अस्थायी व्यवधान देखने को मिला। इस नई व्यवस्था के तहत ग्राहकों को ईंधन भरवाने से पहले डिजिटल भुगतान या एडवांस पेमेंट करना होता है। अधिकारियों ने कहा कि यह बदलाव केवल तकनीकी है और इससे आपूर्ति प्रणाली प्रभावित नहीं हुई है।
नागरिकों के लिए प्रशासनिक संदेश
प्रशासन ने सभी पेट्रोल पंपों को निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों को ईंधन की उपलब्धता के बारे में स्पष्ट जानकारी दें। साथ ही जनता से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और आवश्यकता से अधिक ईंधन न खरीदें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति स्थिर है और आने वाले समय में किसी तरह की कमी नहीं आएगी।
प्रमुख बातें
- भोपाल और अन्य शहरों में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह फैलने से panic की स्थिति पैदा हुई।
- भोपाल में लगभग 58.79 लाख किलोलीटर ईंधन उपलब्ध है, जो 2.5 से 3 महीने तक पर्याप्त है।
- कुछ पेट्रोल पंपों पर एडवांस भुगतान प्रणाली के कारण अस्थायी व्यवधान देखा गया।
- MP पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन ने स्टॉक पर्याप्त होने की पुष्टि की।
- जनता को अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील।
- तेल आपूर्ति की प्रणाली सुचारू रूप से चल रही है और सभी प्रमुख शहरों में नियमित आपूर्ति होती है।
अंत में प्रशासन ने जनता से आग्रह किया कि वे घबराएं नहीं और सामान्य रूप से ईंधन का उपयोग करें। पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में मौजूद है और सभी पेट्रोल पंप नियमित रूप से अपने ग्राहकों की सेवा कर रहे हैं।
