LPG Cylinder Price Today :Petrol-Diesel में बढ़ोतरी, LPG कीमतें स्थिर
Petrol-Diesel की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी
देश में Petrol-Diesel की कीमतों में आज एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आज प्रति लीटर कीमत में लगभग 2.71 रुपये की वृद्धि की गई है। यह पिछले 10 दिनों के भीतर चौथी बार किया गया इजाफा है, जिससे आम जनता पर महंगाई का दबाव और अधिक बढ़ गया है। इससे पहले 15 मई को लगभग 3 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी, उसके बाद 19 मई को करीब 90 पैसे और 23 मई को भी लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। लगातार हो रही इन वृद्धि ने ईंधन की कीमतों को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है और परिवहन लागत पर भी सीधा असर डाला है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव और भू-राजनीतिक परिस्थितियां इस बढ़ोतरी के प्रमुख कारण हो सकते हैं। लगातार बढ़ते दामों का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव वस्तुओं की ढुलाई, बाजार मूल्य और दैनिक जीवन की आवश्यक वस्तुओं पर भी पड़ता है।
LPG उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच LPG उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। आज देशभर में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। LPG की कीमतें पहले के स्तर पर ही स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम परिवारों को कुछ राहत मिली है।
रसोई गैस के दाम स्थिर रहने से घरेलू बजट पर तत्काल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है, जो वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई के बीच उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण राहत मानी जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार की स्थिति को देखते हुए भविष्य में कीमतों में बदलाव की संभावना बनी रह सकती है।
देश के प्रमुख शहरों में LPG सिलेंडर की कीमतें
देश के विभिन्न शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:
दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹913.0 और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3071.5 है। मुंबई में घरेलू सिलेंडर ₹912.5 और कमर्शियल ₹3024.0 में उपलब्ध है। कोलकाता में यह कीमत क्रमशः ₹939.0 और ₹3202.5 है। बेंगलुरु में घरेलू सिलेंडर ₹915.5 और कमर्शियल ₹3152.0 में मिल रहा है। चेन्नई में कीमत ₹928.5 और ₹3237.0 दर्ज की गई है। जयपुर में घरेलू सिलेंडर ₹916.5 और कमर्शियल ₹3099.0 है। लखनऊ में यह ₹950.5 और ₹3194.0 है। पटना में घरेलू सिलेंडर ₹1002.5 और कमर्शियल ₹3347.0 है, जो सूची में सबसे अधिक है। भोपाल में घरेलू सिलेंडर ₹918.5 और कमर्शियल ₹3077.0 में उपलब्ध है।
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में परिवहन लागत और कर संरचना के कारण कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। महानगरों में आमतौर पर कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रहती हैं, जबकि कुछ राज्यों में टैक्स और लॉजिस्टिक्स के कारण कीमतें अधिक हो जाती हैं।
मार्च 2026 में हुई थी आखिरी बड़ी बढ़ोतरी
रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बार 7 मार्च 2026 को लगभग 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। उसके बाद से अब तक घरेलू LPG की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।
यह स्थिरता ऐसे समय में देखने को मिल रही है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार काफी अस्थिर बना हुआ है। पश्चिम एशिया में तनाव, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर जोखिम और सप्लाई चेन की अनिश्चितता के कारण ऊर्जा बाजार पर लगातार दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं के लिए LPG की कीमतों को स्थिर रखना सरकार और तेल कंपनियों की एक संतुलन नीति के रूप में देखा जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव और होर्मुज जलसंधि की भूमिका
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में हाल के दिनों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसका मुख्य कारण मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से जुड़ी शिपिंग चिंताएं हैं। यह मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
यदि इस क्षेत्र में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होती है तो इसका सीधा असर वैश्विक LPG और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और इसका असर समय-समय पर भारतीय बाजार में भी दिखाई देता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार अब केवल आर्थिक कारकों पर नहीं बल्कि राजनीतिक परिस्थितियों पर भी निर्भर हो गया है, जिससे कीमतों में अनिश्चितता बढ़ गई है।
कमर्शियल सेक्टर पर बढ़ता दबाव
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में इस महीने की शुरुआत में ही भारी बढ़ोतरी की गई थी, जिसमें लगभग 900 रुपये से अधिक का इजाफा दर्ज किया गया। इस वृद्धि का सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और छोटे व्यवसायों पर पड़ा है।
कमर्शियल उपयोगकर्ताओं के लिए ईंधन लागत बढ़ने का मतलब है कि सेवा और उत्पादों की कीमतों में भी वृद्धि की संभावना बढ़ जाती है। इससे उपभोक्ता बाजार में महंगाई का दबाव और अधिक महसूस किया जाता है।
हालांकि इसके बाद कमर्शियल LPG की कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं, जिससे कुछ हद तक राहत जरूर मिली है, लेकिन पहले की बढ़ोतरी का असर अब भी व्यवसायों पर देखा जा रहा है।
तेल कंपनियों की रणनीति और राहत का प्रयास
रिपोर्ट के अनुसार, देश की प्रमुख तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम वैश्विक बाजार में बढ़ती कीमतों के बावजूद घरेलू LPG उपभोक्ताओं पर अधिक बोझ न पड़े, इसके लिए कुछ वित्तीय नुकसान स्वयं वहन कर रही हैं।
इन कंपनियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घरेलू रसोई गैस की कीमतें स्थिर रहें और आम जनता को अनावश्यक आर्थिक दबाव का सामना न करना पड़े। यह नीति विशेष रूप से उन परिस्थितियों में महत्वपूर्ण हो जाती है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ रही हों।
उपभोक्ताओं पर प्रभाव और आर्थिक स्थिति
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा प्रभाव आम जनता की जेब पर पड़ता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ती है, जिसका असर अंततः खाद्य पदार्थों, किराना वस्तुओं और अन्य आवश्यक सेवाओं पर पड़ता है।
हालांकि LPG की कीमतें स्थिर रहने से घरेलू बजट पर कुछ राहत बनी हुई है, लेकिन पेट्रोल-डीजल की बढ़ोतरी इस राहत को आंशिक रूप से कम कर देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह रुझान जारी रहता है तो आने वाले समय में महंगाई दर पर भी इसका प्रभाव दिखाई दे सकता है।
निष्कर्ष
25 मई की स्थिति में जहां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, वहीं LPG उपभोक्ताओं के लिए यह राहत की खबर है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं के बावजूद सरकार और तेल कंपनियों द्वारा कीमतों को नियंत्रित रखने का प्रयास जारी है।
आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और कच्चे तेल के बाजार पर निर्भर करते हुए ईंधन की कीमतों में बदलाव संभव है। फिलहाल उपभोक्ताओं को LPG के मोर्चे पर राहत जरूर मिली है, लेकिन पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं।
