Petrol-Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर, पिछले दिनों की बढ़ोतरी के बाद राहत की स्थिति; जानें ताजा रेट और पूरा अपडेट
Petrol-Diesel Price Today: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर आज राहत भरी स्थिति देखने को मिली है। बुधवार, 10 जून को तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। यानी आज भी पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं। इससे पहले हाल के दिनों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली थी, जिसके बाद आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ा था।
तेल विपणन कंपनियां (OMCs) हर दिन सुबह 6 बजे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों, विदेशी मुद्रा विनिमय दर और स्थानीय टैक्स संरचना को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत रोजाना कीमतों में बदलाव या स्थिरता दर्ज की जाती है।
हाल के दिनों में बढ़ी थीं कीमतें
बीते कुछ हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली थी। रिपोर्ट के अनुसार, 25 मई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में 2.50 रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद 15 मई से लेकर अब तक कुल मिलाकर ईंधन की कीमतों में लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हो चुका है।
इस बढ़ोतरी के बाद देश के कई हिस्सों में पेट्रोल-डीजल के दाम पिछले दो वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव इसका मुख्य कारण रहा है।
मई 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर कीमतें
भारत में ईंधन की कीमतें मई 2022 के बाद से लंबे समय तक स्थिर रही थीं, हालांकि बीच-बीच में मामूली बदलाव देखने को मिले। मार्च 2024 में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती भी की गई थी, लेकिन हाल के महीनों में स्थिति बदल गई है।
वर्तमान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच चुकी हैं। इसका सीधा असर परिवहन लागत, खाद्य वस्तुओं और दैनिक उपयोग की चीजों पर पड़ रहा है, जिससे महंगाई का दबाव भी बढ़ा है।
वैश्विक कारणों का असर
तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव का एक बड़ा कारण पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को भी माना जा रहा है। इस संघर्ष के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत अपने कच्चे तेल का लगभग 40 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस का 65 प्रतिशत और एलपीजी का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
आज के ताजा रेट के अनुसार प्रमुख शहरों में कीमतें इस प्रकार हैं:
- दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12, डीजल ₹95.20 प्रति लीटर
- मुंबई: पेट्रोल ₹111.18, डीजल ₹97.83 प्रति लीटर
- कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47, डीजल ₹99.82 प्रति लीटर
- चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77, डीजल ₹99.55 प्रति लीटर
- बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93, डीजल ₹98.80 प्रति लीटर
- भोपाल: पेट्रोल ₹114.54, डीजल ₹99.64 प्रति लीटर
- भुवनेश्वर: पेट्रोल ₹108.98, डीजल ₹100.71 प्रति लीटर
- चंडीगढ़: पेट्रोल ₹101.51, डीजल ₹89.47 प्रति लीटर
- कोहिमा: पेट्रोल ₹104.39, डीजल ₹95.91 प्रति लीटर
भोपाल में पेट्रोल की कीमत 114 रुपये के पार बनी हुई है, जो देश के प्रमुख शहरों में सबसे अधिक दरों में से एक है।
आम जनता पर बढ़ता बोझ
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें भी प्रभावित हो रही हैं। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों के बजट पर अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है।
कई क्षेत्रों में टैक्सी, ऑटो और मालवाहक सेवाओं की लागत भी बढ़ी है, जिसका असर अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक विरोध भी तेज हो गया है। कर्नाटक के कालाबुरगी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कीमतें कम करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती कीमतों से गरीब और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द ईंधन की कीमतों में राहत देनी चाहिए ताकि आम जनता को महंगाई से राहत मिल सके।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। हालांकि हाल के दिनों में हुई लगातार बढ़ोतरी के कारण ईंधन अभी भी महंगा बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार और भू-राजनीतिक स्थिति पर आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा निर्भर करेगी।
