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जैन समाज पर्यूषण पर्व 2025 : ब्रह्मचारी अंशु भैया का प्रवचन – अहंकार से मानवता का पतन

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Published On: 29 August 2025
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उत्तम मार्दव धर्म का पालन ही सच्ची महानता – ब्रह्मचारी अंशु भैया

इंदौर, अगस्त 2025।
दिगंबर जैन समाज में चल रहे पर्यूषण पर्व के अवसर पर दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर में दूसरे दिन “उत्तम मार्दव धर्म” पर विशेष प्रवचन का आयोजन हुआ। इस प्रवचन में सांगानेर (राजस्थान) से पधारे युवा विद्वान ब्रह्मचारी अंशु भैया ने कहा कि –

👉 “मनुष्य के जीवन और व्यवहार में विनम्रता का भाव और अहंकार का अभाव होना ही सच्चे अर्थों में मार्दव धर्म है।
आचार्यों ने मान (अभिमान) को महाविष कहा है। व्यक्ति के जीवन में स्वाभिमान तो होना चाहिए, लेकिन अभिमान और अहंकार व्यक्तित्व के विकास में सबसे बड़ी बाधा बनते हैं। महान वही बनता है, जो विनम्र रहकर मार्दव धर्म का पालन करता है।”

अहंकार से मानवता का पतन

ब्रह्मचारी अंशु भैया ने कहा कि आज समाज में मान और अभिमान के कारण मानवता क्षीण हो रही है।

  • कुल,

  • वंश,

  • जाति,

  • रूप,

  • बल,

  • ज्ञान
    और पद का अभिमान ही दुर्गति का कारण है।

उन्होंने संदेश दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को विनम्रता और सरलता अपनाकर, अहंकार का त्याग करना चाहिए तथा मार्दव धर्म को जीवन में आत्मसात करना चाहिए।

जिनालय में धार्मिक अनुष्ठान

प्रवचन से पूर्व चार स्वर्ण कलशों से श्रीजी का अभिषेक किया गया।
इस अभिषेक का सौभाग्य

  • डॉ. जैनेंद्र,

  • राजेश जैन दद्दू,

  • डी.एल. जैन,

  • कमल जैन टेलीफोन
    तथा अमन कासलीवाल को प्राप्त हुआ।

वहीं, शांति धारा का सौभाग्य

  • अनिल जैन
    और

  • अरविंद अखिलेश सोधिया
    ने प्राप्त किया।

समाजजनों की उपस्थिति

इस अवसर पर

  • जिनालय ट्रस्ट अध्यक्ष भूपेंद्र जैन,

  • ब्रह्मचारी शुभांशु भैया,

  • डॉ. वी.सी. जैन,

  • नीलेश जैन
    सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

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