PAN Card New Rules 2026: 1 जून से लागू हुए पैन कार्ड के 5 बड़े बदलाव, जानिए नए नियमों का आप पर क्या होगा असर
केंद्र सरकार ने वित्तीय लेन-देन को अधिक पारदर्शी बनाने और टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से पैन कार्ड (PAN Card) से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव किया है। नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 और इनकम टैक्स रूल्स 2026 के तहत ये बदलाव 1 जून 2026 से पूरे देश में लागू कर दिए गए हैं। इन नए नियमों का असर नए पैन कार्ड आवेदन, पुराने पैन में सुधार, बैंकिंग लेन-देन और बड़े वित्तीय सौदों पर सीधे तौर पर देखने को मिलेगा।
यदि आपके पास पहले से पैन कार्ड है या आप नया पैन बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो इन नियमों की जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं पैन कार्ड से जुड़े पांच बड़े बदलावों के बारे में।
केवल आधार से नहीं बनेगा काम, जन्मतिथि के लिए अलग दस्तावेज जरूरी
अब तक कई लोग केवल आधार कार्ड के माध्यम से इंस्टेंट ई-पैन (Instant e-PAN) प्राप्त कर लेते थे। आधार कार्ड को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में भी स्वीकार किया जाता था। हालांकि, नए नियमों के लागू होने के बाद केवल आधार कार्ड पर्याप्त नहीं होगा।
अब नए पैन कार्ड के आवेदन या पैन में किसी प्रकार के संशोधन के लिए आवेदक को जन्मतिथि का अलग प्रमाण देना अनिवार्य होगा। इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट, वोटर आईडी या अन्य मान्य दस्तावेज जमा करने होंगे। सरकार का मानना है कि इससे रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगेगी।
पुराने फॉर्म 49A और 49AA हुए बंद, लागू हुए चार नए आवेदन फॉर्म
PAN Card आवेदन प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया गया है। लंबे समय से उपयोग में आ रहे Form 49A और Form 49AA को अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
नए नियमों के अनुसार भारतीय नागरिकों को पैन कार्ड के लिए Form 93 भरना होगा, जबकि भारतीय कंपनियों और संस्थाओं के लिए Form 94 निर्धारित किया गया है। इसी तरह विदेशी नागरिकों के लिए Form 95 और विदेशी कंपनियों के लिए Form 96 लागू किया गया है।
आयकर विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि पुराने फॉर्म के माध्यम से किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसलिए नए आवेदकों को आवेदन करने से पहले सही फॉर्म का चयन करना आवश्यक होगा।
आधार और पैन की जानकारी में मामूली अंतर भी बन सकता है परेशानी
PAN Card आवेदन प्रक्रिया को अब पूरी तरह डिजिटल और स्वचालित सत्यापन प्रणाली से जोड़ दिया गया है। इसके तहत आवेदक की जानकारी सीधे आधार डेटाबेस से मिलान की जाएगी।
अब नाम, जन्मतिथि और जेंडर जैसी जानकारी आधार रिकॉर्ड से अक्षर-दर-अक्षर मेल खाना जरूरी होगा। यदि नाम की स्पेलिंग में मामूली अंतर, अतिरिक्त स्पेस या किसी भी प्रकार की छोटी गलती पाई जाती है, तो आवेदन तुरंत अस्वीकार किया जा सकता है।
इसलिए आवेदन करने से पहले आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों में दर्ज जानकारी की अच्छी तरह जांच कर लेना जरूरी है।
प्रॉपर्टी और वाहन खरीदने वालों को मिली राहत
सरकार ने कुछ वित्तीय लेन-देन में राहत भी प्रदान की है। पहले अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री में 10 लाख रुपये से अधिक के सौदे पर पैन कार्ड अनिवार्य था। नई व्यवस्था के तहत यह सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है।
इसके अलावा वाहनों की खरीद पर भी नियमों में संशोधन किया गया है। अब केवल 5 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले वाहनों की खरीद पर पैन कार्ड अनिवार्य होगा। इस श्रेणी में दोपहिया वाहन भी शामिल किए गए हैं। हालांकि, ट्रैक्टर को इस नियम के दायरे से बाहर रखा गया है।
वहीं होटल, बैंक्वेट हॉल और इवेंट मैनेजमेंट सेवाओं में नकद भुगतान की सीमा को भी बढ़ाया गया है। पहले 50 हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर पैन की आवश्यकता होती थी, जबकि अब यह सीमा बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है।
Form 60 की जगह आया नया Form 97, नकद लेन-देन पर बढ़ी निगरानी
जिन लोगों के पास PAN Card नहीं होता था, वे अब तक विभिन्न वित्तीय लेन-देन के लिए Form 60 का उपयोग करते थे। लेकिन 1 जून 2026 से इसकी जगह नया Form 97 लागू कर दिया गया है।
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि 45 लाख रुपये से अधिक मूल्य वाली किसी भी संपत्ति खरीद-बिक्री में पैन कार्ड अनिवार्य रहेगा। ऐसे मामलों में Form 97 का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
इसके अलावा नकद जमा और निकासी के नियमों में भी बदलाव किया गया है। पहले एक दिन में 50 हजार रुपये से अधिक की नकद जमा पर पैन की आवश्यकता होती थी। अब विभाग दैनिक सीमा के बजाय पूरे वित्तीय वर्ष में नकद लेन-देन पर नजर रखेगा। यदि किसी व्यक्ति के खाते में सालभर के दौरान 10 लाख रुपये से अधिक नकद जमा या निकासी होती है, तो उस पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
क्या करें पैन धारक?
विशेषज्ञों का मानना है कि सभी पैन धारकों को अपने आधार और पैन रिकॉर्ड की जानकारी का मिलान कर लेना चाहिए। यदि नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरणों में कोई अंतर है, तो उसे जल्द से जल्द अपडेट करा लेना बेहतर होगा। साथ ही नया पैन आवेदन करने वाले लोगों को आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए ताकि आवेदन अस्वीकृत होने की संभावना कम हो सके।
नए नियमों का उद्देश्य वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाना है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक के लिए इन बदलावों की जानकारी रखना और नियमों का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
