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पालीताणा चातुर्मास 2026 का भव्य और दिव्य आयोजन, जैन समाज के लिए अद्भुत आध्यात्मिक अवसर

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Published On: 21 April 2026
पालीताणा चातुर्मास 2026
— पालीताणा चातुर्मास 2026

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पालीताणा चातुर्मास 2026 में श्री आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल द्वारा आयोजित भव्य धार्मिक महापर्व, पर्युषण और आराधना का दुर्लभ अवसर।

पालीताणा चातुर्मास 2026 : भव्य धार्मिक आयोजन की पूरी खबर

पालीताणा चातुर्मास 2026 श्री शत्रुंजय तीर्थ की दिव्य छत्रछाया में एक भव्य और आध्यात्मिक आयोजन के रूप में आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन शत्रुंजय तीर्थ की पावन भूमि पर जैन धर्मावलंबियों के आत्मकल्याण हेतु समर्पित है।

चातुर्मास आयोजन का परिचय

पालीताणा चातुर्मास 2026 का आयोजन श्री आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल द्वारा सादड़ी (राणकपुर) के जैन धर्मावलंबियों के लिए किया जा रहा है। यह आयोजन धर्म, साधना और आत्मशुद्धि का अद्भुत संगम है।

आयोजन स्थल एवं तिथि

यह चातुर्मास आयोजन पालीताणा में स्थित अंकीबाई धर्मशाला, राजेंद्र विहार एवं हिम्मत विहार में आयोजित होगा।प्रारंभ तिथि: 28 जुलाई 2026 (आषाढ़ सुदी 14)

आचार्य श्री की पावन निश्रा

इस आयोजन में जैन समाज के पूज्य आचार्य:आचार्य श्री विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी म. सा.की पावन उपस्थिति रहेगी, जो श्रुत भास्कर एवं सरस्वती उपासक के रूप में विख्यात हैं।

पर्युषण पर्व 2026

प्रारंभ: 8 सितंबर 2026

यह पर्व जैन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक उत्सव है, जिसमें तप, साधना और क्षमा की भावना का विशेष महत्व होता है।

आवास एवं व्यवस्थाएं

चातुर्मास के दौरान सभी आराधकों और अतिथियों के लिए:

  • रहने की उत्तम व्यवस्था
  • शुद्ध जैन भोजन
  • आराधना स्थल
    उपलब्ध कराया जाएगा।

दानदाताओं हेतु विशेष लाभ

डायमंड स्तंभ परिवार

  • 4 कक्ष, 16 प्रवेश पत्र
  • पर्युषण में 2 कक्ष
  • नाम एवं फोटो का प्रकाशन

स्वर्ण स्तंभ परिवार

  • 2 कक्ष, 8 प्रवेश पत्र
  • 2 कक्ष (पर्युषण)

रजत स्तंभ परिवार

  • 1 कक्ष, 4 प्रवेश पत्र

कांस्य स्तंभ परिवार

  • 2 प्रवेश पत्र

सहयोगी परिवार

  • 1 प्रवेश पत्र

आवेदन प्रक्रिया

पालीताणा चातुर्मास 2026 में भाग लेने के लिए आवेदन 31 मार्च 2026 तक करना अनिवार्य है।प्राथमिकता:

  • सादड़ी के जैन धर्मावलंबी
  • जिन्होंने पहले चातुर्मास लाभ नहीं लिया

नियम एवं निर्देश

  • प्रतिदिन देव दर्शन एवं प्रवचन में उपस्थिति अनिवार्य
  • सामूहिक चैत्यवंदन में भाग लेना
  • उपवास / एकासणा / आयंबिल करना
  • तीर्थ मर्यादा का पालन
  • अनुशासन एवं सहयोग आवश्यक

चातुर्मास कमिटी 2026

इस आयोजन में प्रमुख सदस्यों का समावेश:वसंत जे रांका, विकास रतनपुरिया, विकास पी. चौहान, श्रेणिक एम. जैन, राजेंद्र एम. रांका, विमल एम. धोका, दिनेश एम. जैन, प्रदीप वी. राका, गिरीश एस. राठौड़, श्रीपाल एम. बाफना, किशोर जे. बाफना, भरत ओ गुंगलिया, दिलीप एस. सुंदेशा, विरेंद्र एस. जोधावत, विजय आर. रांका, विजयराज आर. रांका, विक्रम के. राठौड़, अरुण के. शाह, दिलीप ओ रांका, महेंद्र एम. धोका, पारस पी. मेहता, सुरेश एल बाफना, प्रवीण सी खांटेड, प्रकाश सी. छाजेड़।

चातुर्मास कार्यालय

मोहनलाल बाबूलाल बाफना
मुंबई

निष्कर्ष

पालीताणा चातुर्मास 2026 जैन समाज के लिए केवल एक आयोजन नहीं बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर होने का एक दुर्लभ अवसर है। श्री आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल का यह प्रयास धर्म प्रभावना का एक श्रेष्ठ उदाहरण है।

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