पालीताणा चातुर्मास 2026 में धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी म.सा. का सानिध्य, आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल सादड़ी की ऐतिहासिक तैयारियां, श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था।
दीपक जैन
पालीताणा चातुर्मास 2026 का आध्यात्मिक महत्व
पालीताणा चातुर्मास 2026 जैन समाज के लिए एक अत्यंत पुण्यदायी और ऐतिहासिक अवसर बनकर सामने आया है। वर्ष 2026 में परम पूज्य गच्छाधिपति श्री धर्म धुरंधर सूरीश्वरजी म.सा. का चातुर्मास पावन शत्रुंजय तीर्थ, पालीताणा में होने जा रहा है, जिससे देशभर के जैन धर्मावलंबियों में उत्साह का वातावरण है।
यह चातुर्मास केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, तप, स्वाध्याय और जिनवाणी श्रवण का दुर्लभ संगम होगा।
पावन शत्रुंजय तीर्थ की दिव्यता
शाश्वत सिद्धक्षेत्र शत्रुंजय को जैन धर्म में मोक्षभूमि का दर्जा प्राप्त है। मान्यता है कि यहां की प्रत्येक शिला साधना की ऊर्जा से स्पंदित है। ऐसे पवित्र स्थल पर पालीताणा चातुर्मास 2026 का आयोजन होना समाज के लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है।
धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी म.सा. — विरल विद्वत्ता के धनी
परम पूज्य श्री जंबूविजयजी म.सा. के सानिध्य में दीक्षित
45 आगमों के संशोधनकर्ता
श्रुत भास्कर
पाली, माधवी, प्राकृत, संस्कृत सहित अनेक प्राचीन भाषाओं के ज्ञाता
सरस्वती उपासक
श्रुत ज्ञान मंदिर के संरक्षक
धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी वर्तमान जैन परंपरा के उन विरले आचार्यों में गिने जाते हैं जिन्होंने शास्त्र और साधना का अद्भुत समन्वय किया है।
आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल, सादड़ी (राणकपुर) को मिला चातुर्मास लाभ
पालीताणा चातुर्मास 2026 का लाभ
श्री आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल, सादड़ी (राणकपुर) को प्राप्त हुआ है।
मंडल ने इसे ऐतिहासिक बनाने हेतु व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं, ताकि अधिकाधिक श्रद्धालु साधना का लाभ ले सकें।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
लगभग 500 से अधिक आराधकों को ध्यान में रखते हुए मंडल द्वारा आवास व्यवस्था की गई है:
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अंकीबाई भवन
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सादड़ी भवन
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हिम्मत विहार
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राजेंद्र विहार
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बी.एस. संघवी धर्मशाला
240 से अधिक कमरों की व्यवस्था
भोजन, निवास एवं साधना हेतु पूर्ण सुविधाएं
पर्युषण में साधना का दुर्लभ अवसर
सादड़ी सहित देशभर के जैन धर्मावलंबी पर्युषण पर्व के दौरान पालीताणा पहुंचकर:
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आराधना
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स्वाध्याय
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तप
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प्रवचन श्रवण
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जिनशासन प्रभावना
का पुण्य अर्जित कर सकेंगे।
आठ दशकों की सेवा परंपरा
आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल पिछले 80 वर्षों से निरंतर समाजसेवा में सक्रिय है।
प्रमुख सेवाएं:
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साधार्मिक सहायता कार्यक्रम
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चिकित्सा सहयोग
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शिक्षा सहायता
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आवास एवं जीवन-निर्वाह सहयोग
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धार्मिक आयोजन एवं यात्रा संघ संचालन
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फेलोशिप ग्रुप टूर
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लीडरशिप समिट
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स्नेह सम्मेलन
दानदाताओं के सहयोग से करोड़ों रुपये की सहायता समाजजनों तक पहुंचाई गई है।
सर्वसमावेशी जैन समाज की सुंदर मिसाल
मंडल की विशेषता यह रही है कि इसमें सभी वर्गों का समावेश है:
श्वेतांबर मूर्तिपूजक
स्थानकवासी
ओसवाल
पोरवाल
आज मंडल के 1300+ सदस्य इस सेवा परंपरा पर गर्व अनुभव करते हैं।
आवेदन प्रक्रिया (पालीताणा चातुर्मास 2026)
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चातुर्मास हेतु आवेदन पत्र शीघ्र उपलब्ध होंगे
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जिनका पालीताणा में प्रथम चातुर्मास होगा, उन्हें प्राथमिकता
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सीमित स्थान — पूर्व पंजीकरण आवश्यक
क्यों विशेष है पालीताणा चातुर्मास 2026?
पालीताणा चातुर्मास 2026 केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं —
यह आत्मपरिवर्तन की साधना यात्रा है।
यहां आने वाला साधक:
- बाह्य जीवन से भीतर की यात्रा करता है
- जिनवाणी से जीवन दृष्टि पाता है
- तप से आत्मबल अर्जित करता है
