UNSC में पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ का भाषण वायरल: उच्चारण में चूकें बनीं चर्चा का केंद्र
नई दिल्ली, 27 सितंबर 2025 — संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के AI Innovation Dialogue में पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा महम्मद आसिफ का भाषण उनके विचारों से ज्यादा उनकी उच्चारण में हुई चूक के कारण चर्चा में आ गया। समाचार एजेंसी ANI द्वारा साझा किए गए वीडियो में कम से कम सात बार शब्दों के गलत उच्चारण (mispronunciations) देखे गए, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके वीडियो को व्यापक रूप से ट्रोल किया गया।
प्रमुख उच्चारण ग़लतियाँ
- उन्होंने “breathtaking pace” कहने के बजाय “breathtaking space” कहा और तुरंत सुधार किया।
- सामान्य शब्दों जैसे risk को उन्होंने “riks”, development को “developend” और first time को “sirst time” कहा।
- “Six pillars” गिनाते समय अचानक वे “six pip-pillars” कह बैठे।
- कठिन शब्दों जैसे instability और technological disparities पर भी उनकी बोली लड़खड़ाई।
भाषण का उद्देश्य
आसिफ ने भाषण में AI के संभावित खतरों और भारत-पाकिस्तान क्षेत्रीय तनावों के संदर्भ में नए जोखिमों पर ध्यान दिलाने की कोशिश की। उनके अनुसार, AI युद्ध निर्णय की प्रक्रिया को तेज़ कर सकता है और कूटनीतिक विकल्पों को सीमित कर सकता है। हालांकि, मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर उनके उच्चारण की चूकें अधिक सुर्खियाँ बटोर गईं।
सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद यूज़र्स ने मज़ेदार और कटाक्षपूर्ण टिप्पणियाँ कीं। कुछ ने लिखा:
- “ऑपरेशन सिंदूर ने इन्हें हिला दिया है”
- “बोलते वैसे ही हैं जैसे उनकी क्रिकेट टीम खेलती है”
कुछ गंभीर टिप्पणियों में कहा गया कि उम्रदराज नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर बोलने से पहले संन्यास पर विचार करना चाहिए, क्योंकि बार-बार हुई चूकें उनकी साख और देश की छवि पर असर डाल सकती हैं।
पृष्ठभूमि और पूर्व विवाद
यह कोई पहली घटना नहीं है जब ख्वाजा आसिफ के बयानों पर विवाद हुआ हो।
- पाकिस्तान में हाल ही में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने जनता से अपील की थी कि पानी को कंटेनरों और टबों में स्टोर किया जाए, जिसे सोशल मीडिया ने लेकर आलोचना की।
- कुछ महीने पहले उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान के साइबर वॉरियर्स ने भारत में आईपीएल मैच के दौरान स्टेडियम की फ्लडलाइट बंद कर दी थी। विशेषज्ञों ने इसे असंभव बताया।
विशेषज्ञ टिप्पणी
विशेषज्ञों के अनुसार, सार्वजनिक मंच पर उच्चारण की त्रुटियाँ सामान्य हैं, विशेषकर जब वक्ता गैर-मूल भाषी हों या दबाव में हों। लेकिन UNSC जैसे वैश्विक मंच पर भाषण देते समय पर्याप्त तैयारी, स्क्रिप्टेड भाषण और प्रूफरीडिंग आवश्यक है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि हालांकि delivery में कमी रही, लेकिन AI से जुड़े उनके substantive बिंदुओं पर ध्यान देना ज़रूरी है।
