Pachmarhi Road Accident: पचमढ़ी-पिपरिया मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, 8 वर्षीय मासूम समेत 5 लोगों की मौत, दो गंभीर घायल
पचमढ़ी में दर्दनाक सड़क हादसा, एक ही परिवार के तीन लोगों की गई जान
Pachmarhi Road Accident : मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पचमढ़ी के पास सोमवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। मटकुली-पिपरिया मार्ग पर तेज रफ्तार बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर पहले सड़क किनारे पेड़ से टकराया और फिर कई बार पलटते हुए करीब 20 फीट दूर जाकर गिर गया। हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई।
मृतकों में एक 8 वर्षीय मासूम बच्चा, उसके माता-पिता सहित कुल पांच लोग शामिल हैं। वहीं दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए।
ओवरटेक करने के दौरान हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बोलेरो वाहन पचमढ़ी से पिपरिया की ओर जा रहा था। इसी दौरान वाहन चालक ने सड़क पर आगे चल रहे एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि ओवरटेकिंग के दौरान चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया।
नियंत्रण खोने के बाद बोलेरो सड़क से उतरकर सीधे एक बड़े पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन कई बार पलटता हुआ सड़क किनारे जा गिरा। हादसे के दौरान वाहन में सवार लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी थी। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई और राहत कार्य शुरू किया।
राहगीरों ने दिखाई मानवता, बोलेरो में फंसे लोगों को निकाला बाहर
हादसे के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों ने मदद के लिए आगे आकर वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। बोलेरो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी, जिसके कारण अंदर फंसे लोगों को निकालना बेहद मुश्किल हो रहा था।
स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
हालांकि पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। जबकि दो घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
मृतकों की पहचान हुई
पुलिस ने मृतकों की पहचान कर ली है। हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग नर्मदापुरम जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी बताए जा रहे हैं।
मृतकों में शामिल हैं:
- प्रदीप धुर्वे (48 वर्ष), निवासी बंजारा ड्रीम, नर्मदापुरम
- ज्योति धुर्वे, पत्नी प्रदीप धुर्वे
- अक्षत धुर्वे (8 वर्ष), पुत्र प्रदीप और ज्योति धुर्वे
- पंचम ठाकुर (55 वर्ष), निवासी समनापुर
- कुलदीप ठाकुर (40 वर्ष), निवासी झिरपा करेर
इन सभी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
एक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने धुर्वे परिवार को पूरी तरह झकझोर दिया है। परिवार के मुखिया प्रदीप धुर्वे, उनकी पत्नी ज्योति धुर्वे और उनका 8 वर्षीय बेटा अक्षत धुर्वे इस दुर्घटना का शिकार हो गए।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत से परिजनों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई है। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और रिश्तेदार घटनास्थल तथा अस्पताल पहुंचने लगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्षत बेहद होनहार और चंचल स्वभाव का बच्चा था। उसकी असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया है।
दो लोग अस्पताल में भर्ती
हादसे में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों की पहचान आकाश धुर्वे और शरद उइके के रूप में हुई है।
दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। उनकी स्थिति को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
परिजनों और परिचितों की निगाहें अब घायलों के स्वास्थ्य पर टिकी हुई हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में ओवरटेकिंग के दौरान वाहन के अनियंत्रित होने की बात सामने आई है, लेकिन अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर मार्ग कायम कर लिया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पचमढ़ी-पिपरिया मार्ग पर पहले भी हो चुके हैं हादसे
स्थानीय लोगों का कहना है कि मटकुली-पिपरिया मार्ग पर पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। यह मार्ग घुमावदार होने के साथ-साथ कई स्थानों पर संकरा भी है।
पर्यटन सीजन के दौरान इस सड़क पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। ऐसे में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने पर दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं के पीछे तेज गति, गलत ओवरटेकिंग और लापरवाही प्रमुख कारण होते हैं।
वाहन चालकों को विशेष रूप से पहाड़ी और घुमावदार मार्गों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
प्रशासन समय-समय पर सड़क सुरक्षा अभियान चलाता है, लेकिन इसके बावजूद दुर्घटनाओं में कमी नहीं आ रही है।
क्षेत्र में शोक का माहौल
हादसे की खबर फैलते ही नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के घरों पर लोगों का तांता लग गया। परिजन और परिचित इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया है। लोगों ने मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
दुर्घटना के बाद प्रशासन ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित गति से वाहन चलाने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि विशेष रूप से पहाड़ी और वन क्षेत्रों से गुजरने वाले मार्गों पर ओवरटेकिंग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
प्रशासन का कहना है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी कई परिवारों की खुशियां छीन सकती है। इसलिए वाहन चलाते समय सतर्कता और जिम्मेदारी बेहद जरूरी है।
हादसे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। दुर्घटना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे केवल चालक की गलती थी या कोई अन्य तकनीकी कारण भी जिम्मेदार था।
इस दर्दनाक सड़क हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सड़क पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। एक पल की चूक ने पांच लोगों की जिंदगी छीन ली और कई परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया।
