विद्युत पोल से गिरकर आउटसोर्स कर्मचारी मनीष आर्य की मौत, शव पहुंचते ही रामपुरा में बवाल
नीमच-झालावाड़ रोड पर शव रखकर चक्काजाम, परिजनों ने FIR, ₹1 करोड़ मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की
रामपुरा। विद्युत सुधार कार्य के दौरान पोल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए आउटसोर्स कर्मचारी मनीष आर्य की उपचार के दौरान मौत हो गई। मंगलवार को उनका शव रामपुरा पहुंचते ही परिजनों और समाजजनों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और नीमच-झालावाड़ रोड स्थित कॉलेज गेट के सामने शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की। परिजन मामले में FIR दर्ज करने, परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा देने और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े रहे।
शव पहुंचते ही सड़क पर उतरे परिजन
मनीष आर्य का शव रामपुरा पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और समाजजन एकत्रित हो गए। आक्रोशित लोगों ने नीमच-झालावाड़ मार्ग पर शव रखकर आवागमन रोक दिया।
परिजनों का आरोप है कि विद्युत सुधार कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी में कथित लापरवाही बरती गई, जिसके चलते मनीष आर्य पोल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
FIR और ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखीं। इनमें जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करना, मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा देना और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देना प्रमुख है।
परिजनों का कहना है कि मनीष आर्य की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मृतक के तीन बच्चे हैं, ऐसे में उनके भविष्य की जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है। परिजनों ने सरकार से आर्थिक सहायता के साथ परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने की मांग की है।
नीमच-झालावाड़ मार्ग पर लगा जाम
चक्काजाम के कारण नीमच-झालावाड़ मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। SDM किरण, SDOP निकिता सिंह, तहसीलदार कमलेश डूडवे और थाना प्रभारी नीलेश सोलंकी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
अधिकारियों ने शुरू की बातचीत
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों और समाजजनों से बातचीत शुरू की। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों को उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाने का प्रयास किया गया।
हालांकि, परिजन अपनी प्रमुख मांगों पर ठोस आश्वासन चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई, मुआवजे और नौकरी को लेकर स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
परिवार के भविष्य को लेकर उठे सवाल
मनीष आर्य की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के अनुसार मृतक के तीन बच्चे हैं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी मनीष के ऊपर थी। ऐसे में उनकी मौत के बाद बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
परिजन सरकार से मांग कर रहे हैं कि परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाए और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देकर परिवार को स्थायी सहारा प्रदान किया जाए।
प्रशासन के आश्वासन पर टिकी नजर
फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहे हैं और मौके पर पुलिस बल तैनात है। अधिकारियों की बातचीत के बाद ही चक्काजाम समाप्त होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
मामला अब प्रशासन द्वारा दिए जाने वाले आश्वासन और आगे की कार्रवाई पर टिका है। परिजन हादसे की जांच, जिम्मेदारों पर कार्रवाई और परिवार को राहत दिए जाने की मांग कर रहे हैं।
दैनिक स्वराज वाणी | प्रियंका गुजराती
