शादी के कई रिश्ते और सही जीवनसाथी की तलाश: शेमारूमी पर आई ‘एक कन्या कुँवारी’
जाह्नवी गुरनानी और रौनक कामदार की सीरीज़ में परिवार की उम्मीदों और अपनी पसंद के बीच उलझी शिवानी की कहानी
मुंबई। शादी के लिए सही जीवनसाथी चुनना कई बार केवल दो लोगों का फैसला नहीं रह । रिश्ते की तलाश, पहली मुलाकात, परिवार के सवाल और अलग-अलग लोगों की राय के बीच अपनी पसंद को समझना भी चुनौती बन जाता है। इसी अनुभव को हास्य और पारिवारिक भावनाओं के साथ पेश करने वाली हिंदी सीरीज़ ‘एक कन्या कुँवारी’ का प्रीमियर 22 अक्टूबर 2026 को शेमारूमी पर हुआ। सीरीज़ में जाह्नवी गुरनानी और रौनक कामदार मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।
वडोदरा की पृष्ठभूमि पर बनी इस कहानी की मुख्य पात्र शिवानी दवे है। वह मध्यमवर्गीय परिवार से आती है और बैंक में काम करती है। शादी के लिए एक के बाद एक रिश्ते देखने के दौरान शिवानी अपने परिवार की उम्मीदों और अपनी पसंद के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती है। हर नए रिश्ते के साथ उसके सामने एक अलग तरह की परिस्थिति आती है।
हर मुलाकात में नया रिश्ता और नई उलझन
सीरीज़ में शिवानी की रिश्तों को लेकर होने वाली मुलाकातों को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाया गया है। किसी मुलाकात में कारोबारी अपने जड़ी-बूटियों से बने खास मरहम को चमत्कारी बताता है, तो किसी रिश्ते में विदेश में रहने वाले लड़के के पिता और परिवार के अन्य सदस्य वीडियो कॉल के जरिए बातचीत में शामिल हो जाते हैं। ऐसी स्थितियां शिवानी के लिए कभी असहज तो कभी मजेदार बन जाती हैं।
हर कड़ी में नया रिश्ता और अलग विचार सामने आता है। परिवार शादी को लेकर अपनी अपेक्षाएं रखता है, जबकि शिवानी अपनी पसंद और जीवन के बारे में सोचती है। इस प्रक्रिया में उसे यह समझने की कोशिश करनी पड़ती है कि सामने वाले व्यक्ति के साथ उसकी सोच और भावनाएं कितनी मेल खाती हैं।
शादी, परिवार और अपनी पसंद के सवाल
‘एक कन्या कुँवारी’ रिश्तों के साथ आर्थिक बराबरी, आपसी समझ, भावनात्मक तालमेल, आत्मसम्मान और शादी के दबाव जैसे विषयों को भी छूती है। कहानी यह दिखाती है कि विवाह का निर्णय लेते समय केवल परिवार की राय या सामाजिक अपेक्षाएं ही नहीं, बल्कि दो लोगों की आपसी समझ और पसंद भी मायने रखती है।
सीरीज़ में माता-पिता की उम्मीदों और नई पीढ़ी की सोच के बीच का अंतर भी सामने आता है। शिवानी अपने परिवार की भावनाओं को समझते हुए खुद के लिए सही निर्णय लेने की कोशिश करती है। कहानी इसी सवाल को हास्य और भावनाओं के साथ उठाती है कि जीवनसाथी चुनते समय परिवार की पसंद को प्राथमिकता दी जाए या अपनी पसंद और आपसी तालमेल को।
जाह्नवी और रौनक ने साझा किए अनुभव
जाह्नवी गुरनानी ने शिवानी का किरदार निभाया है। अपने पात्र के बारे में उन्होंने कहा कि शिवानी उन्हें वास्तविक जीवन से जुड़ी हुई लगती है। उनके अनुसार, शिवानी आत्मनिर्भर है और जानती है कि उसे जीवन से क्या चाहिए। वह अपनी पहचान और परिवार में से किसी एक को चुनने की स्थिति में नहीं रहना चाहती।
जाह्नवी ने यह भी कहा कि शो में ऐसी परिस्थितियां हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाई गई हैं, जिनसे दर्शक अपनी जिंदगी का जुड़ाव महसूस कर सकते हैं। उनके लिए शेमारूमी के साथ काम करना खास रहा, क्योंकि सीरीज़ में गुजराती संस्कृति को आज के नजरिए से प्रस्तुत किया गया है।
रौनक कामदार सीरीज़ में आकाश की भूमिका में हैं। उन्होंने कहा कि आकाश शिवानी की जिंदगी में केवल प्रेम संबंध के रूप में नहीं आता, बल्कि उसका किरदार कहानी में अलग तरह से जगह बनाता है। रौनक के मुताबिक, जब किरदार और परिस्थितियां असल जिंदगी जैसी लगती हैं, तो हास्य स्वाभाविक रूप से सामने आता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शो के कुछ पल दर्शकों को हंसाएंगे और कुछ उन्हें सोचने पर भी मजबूर करेंगे।
गुजराती संस्कृति की झलक
सीरीज़ में जाह्नवी और रौनक के साथ अनुराग प्रपन्ना, छाया वोरा, अवा भट्ट, मेघना सोलंकी, मानव शाह, चेतन धनानी, धैर्य ठक्कर, परीक्षित तमालिया, मौलिक नायक, प्रमथ और नक्षराज भी अहम भूमिकाओं में हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता राहुल भोले और विनीत कनोजिया ने सीरीज़ बनाई है।
गुजराती संस्कृति और पारिवारिक रिश्तों से जुड़ी ‘एक कन्या कुँवारी’ में शादी की तलाश, परिवार की नोकझोंक और शिवानी के फैसलों की कहानी देखने को मिलती है। यह सीरीज़ 22 अक्टूबर 2026 से शेमारूमी पर उपलब्ध है।
