16 मई को Gold -Silver के दामों में गिरावट, हालिया तेजी के बाद बाजार में नरमी
बाजार खुलते ही सोने के भाव में गिरावट
नई दिल्ली, 16 मई 2026।
हाल के दिनों में लगातार बढ़त के बाद भारतीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार को Goldऔर Silver की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 16 मई को बाजार खुलते ही दोनों धातुओं के भाव में कमी देखने को मिली, जिससे खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है।
दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव घटकर ₹1,58,050 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,44,890 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट मजबूत डॉलर और निवेशकों द्वारा भारी मुनाफावसूली के कारण आई है।
वैश्विक बाजार का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मौजूदा समय में हाजिर सोना लगभग $4,548.46 प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता और विभिन्न देशों की मौद्रिक नीतियों में बदलाव का सीधा प्रभाव सोने की कीमतों पर पड़ता है। इसके अलावा डॉलर की मजबूती भी सोने के भाव को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख कारण है। जब डॉलर मजबूत होता है तो अन्य मुद्राओं के मुकाबले सोना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक बाजार में इसकी मांग में कमी आ जाती है। मांग घटने के कारण कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है। वहीं निवेशक भी ऐसे समय में मुनाफावसूली करते हैं, जिससे बाजार में और अधिक दबाव बनता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर निर्भर रहेंगी और इनमें अस्थिरता बनी रह सकती है।
भारत के प्रमुख शहरों में 16 मई को सोने के दाम इस प्रकार रहे:
- दिल्ली: 22 कैरेट – ₹1,44,890 | 24 कैरेट – ₹1,58,050
- मुंबई: 22 कैरेट – ₹1,44,740 | 24 कैरेट – ₹1,57,900
- अहमदाबाद: 22 कैरेट – ₹1,44,790 | 24 कैरेट – ₹1,57,950
- चेन्नई: 22 कैरेट – ₹1,47,640 | 24 कैरेट – ₹1,61,070
- कोलकाता: 22 कैरेट – ₹1,44,740 | 24 कैरेट – ₹1,57,900
- हैदराबाद: 22 कैरेट – ₹1,44,740 | 24 कैरेट – ₹1,57,900
- जयपुर: 22 कैरेट – ₹1,44,890 | 24 कैरेट – ₹1,58,050
- भोपाल: 22 कैरेट – ₹1,44,790 | 24 कैरेट – ₹1,57,950
- लखनऊ: 22 कैरेट – ₹1,44,890 | 24 कैरेट – ₹1,58,050
- चंडीगढ़: 22 कैरेट – ₹1,44,890 | 24 कैरेट – ₹1,58,050
Silver के दामों में भी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी के भाव में भी 16 मई को नरमी देखने को मिली है, जिससे सर्राफा बाजार में हल्की गिरावट का माहौल रहा। सुबह के कारोबार में चांदी का भाव ₹2,89,900 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जो हालिया तेजी के मुकाबले कमजोर रुख को दर्शाता है। निवेशकों और व्यापारियों के अनुसार, चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव सामान्य बाजार परिस्थितियों का हिस्सा है, जो वैश्विक और घरेलू दोनों कारणों से प्रभावित होता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव लगभग $78.21 प्रति औंस के आसपास रहा, जहां लगातार हो रहे बदलावों का असर भारतीय बाजार पर भी देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमतें केवल निवेश मांग पर ही नहीं, बल्कि औद्योगिक मांग पर भी काफी निर्भर करती हैं, क्योंकि इसका उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य उद्योगों में बड़े पैमाने पर होता है।
इसके अलावा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक तनाव भी चांदी के दामों को प्रभावित करते हैं। जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमतों में अस्थिरता आती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
गिरावट के पीछे प्रमुख कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि सोना-चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण निम्न हैं:
- डॉलर का मजबूत होना
- हालिया तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली
- वैश्विक बाजार में अनिश्चितता
- अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव
इन सभी कारणों ने मिलकर कीमती धातुओं के दामों पर दबाव डाला है।
निष्कर्ष
हाल के दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखने के बाद 16 मई को आई यह गिरावट बाजार के लिए एक अस्थायी राहत के रूप में सामने आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट लंबे समय के ट्रेंड का संकेत नहीं है, बल्कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की मुनाफावसूली का परिणाम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक तनाव और कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ता है।
ऐसे में सोना-चांदी की कीमतें आगे भी अस्थिर रह सकती हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में निर्णय न लें और बाजार की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि लंबे समय में सोना अब भी सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से बचने के लिए सतर्कता आवश्यक है। आने वाले दिनों में कीमतें पूरी तरह वैश्विक संकेतों पर निर्भर रहेंगी।
