इंदौर में 600 एकड़ की इंटीग्रेटेड टाउनशिप को मंजूरी, Omaxe Group को मिली बड़ी उपलब्धि
इंदौर के रियल एस्टेट और शहरी विकास के क्षेत्र में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम सामने आया है। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति 2026 के तहत इंदौर के सुपर कॉरिडोर पर 600 एकड़ में विकसित होने वाली मेगा टाउनशिप परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को देश के प्रतिष्ठित रियल एस्टेट डेवलपर Omaxe Group द्वारा विकसित किया जाएगा।
यह मंजूरी डायरेक्टरेट टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, भोपाल द्वारा 13 अप्रैल को जारी की गई, जिसे इंदौर के विकास के लिए एक बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।
इंदौर के लिए विकास का नया अध्याय
इस परियोजना को इंदौर के लिए एक “गौरवपूर्ण क्षण” बताया जा रहा है। लंबे समय से तेजी से बढ़ते इंदौर शहर में आधुनिक और आत्मनिर्भर टाउनशिप की जरूरत महसूस की जा रही थी। अब यह परियोजना उस दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह टाउनशिप इंदौर को एक “सिटी विदइन अ सिटी” (City within a City) के मॉडल के रूप में विकसित करेगी, जहां आवास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और मनोरंजन की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।
600 एकड़ में विकसित होगी आधुनिक टाउनशिप
यह टाउनशिप सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में लगभग 600 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। इस परियोजना को देश के आधुनिक शहरी विकास मॉडल के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
इसमें चौड़ी सड़कें, सुव्यवस्थित प्लानिंग, हरित क्षेत्र और अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होंगे। यह परियोजना न केवल आवासीय जरूरतों को पूरा करेगी बल्कि व्यावसायिक और सामाजिक जीवन का भी केंद्र बनेगी।
Omaxe Group का 20 वर्षों का भरोसा और अनुभव
ओमेक्स ग्रुप पिछले दो दशकों से इंदौर, उज्जैन और रतलाम सहित कई शहरों में रियल एस्टेट विकास में सक्रिय रहा है। कंपनी ने समय के साथ ग्राहकों का विश्वास अर्जित किया है।
कंपनी के अनुसार, इंदौर में यह परियोजना उनके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो उनकी कार्यकुशलता, गुणवत्ता और विश्वसनीयता को दर्शाती है। इसी भरोसे के आधार पर सरकार ने उन्हें यह बड़ा प्रोजेक्ट सौंपा है।

‘सिटी विदइन अ सिटी’ की अवधारणा पर आधारित परियोजना
यह टाउनशिप पूरी तरह आधुनिक जीवनशैली की अवधारणा पर आधारित होगी। इसमें रहने वाले लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
परियोजना में निम्न सुविधाएं शामिल होंगी—
- नामी स्कूल और शैक्षणिक संस्थान
- मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल
- शॉपिंग मॉल और रिटेल हब
- क्लब हाउस और मनोरंजन केंद्र
- स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
- कमर्शियल और आईटी स्पेस
स्मार्ट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
इस टाउनशिप को आधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया जाएगा। इसमें स्मार्ट ग्रिड सिस्टम, डिजिटल कनेक्टिविटी और ऑटोमेशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
मुख्य विशेषताएं—
- स्मार्ट बिजली और पानी प्रबंधन प्रणाली
- सेंसर आधारित ऊर्जा नियंत्रण
- हाई-स्पीड इंटरनेट और स्मार्ट होम सिस्टम
- बायोमेट्रिक सुरक्षा और CCTV निगरानी
- ड्रोन आधारित सुरक्षा व्यवस्था
पर्यावरण और हरित विकास पर फोकस
परियोजना में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। टाउनशिप को इको-फ्रेंडली मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
इसमें शामिल होंगे—
- बड़े ग्रीन पार्क और गार्डन
- साइकिल ट्रैक और वॉकिंग जोन
- सोलर एनर्जी का उपयोग
- रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
- वेस्ट मैनेजमेंट और रीसाइक्लिंग तकनीक
रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मेगा प्रोजेक्ट इंदौर की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इसके साथ ही आईटी कंपनियों, बिजनेस हब और कमर्शियल गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सुपर कॉरिडोर पहले से ही आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में उभर रहा है और यह परियोजना इसे और मजबूत बनाएगी।
मध्यम और उच्च मध्यम वर्ग के लिए आधुनिक जीवन
यह टाउनशिप विशेष रूप से मध्यम और उच्च मध्यम वर्गीय परिवारों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। इसमें सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक जीवनशैली उपलब्ध कराई जाएगी।
यह परियोजना वर्क-लाइफ बैलेंस को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की गई है, जिससे लोग अपने घर के करीब ही ऑफिस और अन्य सुविधाओं का लाभ ले सकें।

विशेषज्ञों की राय
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना इंदौर को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी। सुपर कॉरिडोर क्षेत्र पहले से ही तेजी से विकसित हो रहा है, और यह टाउनशिप इसे एक अंतरराष्ट्रीय मानक शहर के रूप में स्थापित करेगी।
निष्कर्ष
इंदौर में ओमेक्स ग्रुप को मिली यह मंजूरी केवल एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह शहर के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम है। 600 एकड़ में बनने वाली यह इंटीग्रेटेड टाउनशिप इंदौर को आधुनिक, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर का शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
