निशुल्क सकोरे वितरण अभियान इंदौर के तहत राष्ट्रीय खंडेलवाल सरावगी दिगंबर जैन संगठन द्वारा पक्षियों और जीवों के लिए जल व्यवस्था की अनूठी पहल, जानिए पूरी खबर।
निशुल्क सकोरे वितरण अभियान इंदौर: जीवदया और पर्यावरण संरक्षण की प्रेरक पहल
इंदौर। निशुल्क सकोरे वितरण अभियान इंदौर के तहत एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल की शुरुआत की गई है। एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए राष्ट्रीय खंडेलवाल सरावगी दिगंबर जैन संगठन की मीडिया एवं जनसंपर्क प्रमुख रुचि चोविश्या जैन ने बताया कि संगठन एवं केसरिया जैन गरबा मंच द्वारा जीवदया एवं पर्यावरण संरक्षण की भावना के साथ इस अभियान का शुभारंभ किया गया।यह निशुल्क सकोरे वितरण अभियान इंदौर केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक व्यापक जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य समाज में जीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना और पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना है।
अभियान की शुरुआत और वितरण स्थल
इस निशुल्क सकोरे वितरण अभियान इंदौर के अंतर्गत सर्वप्रथम कनाडिया रोड मंदिर जी, तिलक नगर मंदिर जी, गोयल नगर मंदिर जी एवं उदय नगर मंदिर जी में अभिषेक, पूजन एवं दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं के बीच सकोरे वितरित किए गए।इन स्थानों पर श्रद्धालुओं को न केवल सकोरे दिए गए, बल्कि उन्हें यह भी बताया गया कि इनका उपयोग किस प्रकार पक्षियों और अन्य मूक प्राणियों की प्यास बुझाने के लिए किया जा सकता है।
जीवदया का संदेश: हर व्यक्ति की जिम्मेदारी
संस्थापक संदीप शीतल पहाड़िया ने इस निशुल्क सकोरे वितरण अभियान इंदौर के महत्व को समझाते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में असंख्य पक्षी एवं मूक प्राणी प्यास से व्याकुल रहते हैं।उन्होंने कहा:
“ऐसे समय में सभी का दायित्व है कि जहां भी संभव हो वहां जल की व्यवस्था की जाए।”
यह संदेश केवल एक अपील नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी की याद दिलाता है, जो हर व्यक्ति को निभानी चाहिए।

क्यों जरूरी है निशुल्क सकोरे वितरण अभियान इंदौर
पर्यावरण संतुलन
निशुल्क सकोरे वितरण अभियान इंदौर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पक्षियों की सुरक्षा
गर्मी के मौसम में पानी की कमी के कारण हजारों पक्षी अपनी जान गंवा देते हैं। यह अभियान उनके लिए जीवनदान जैसा है।
मानवीय संवेदना
यह पहल समाज में करुणा और सहानुभूति के भाव को मजबूत करती है।
अभियान का उद्देश्य
इस निशुल्क सकोरे वितरण अभियान इंदौर का मुख्य उद्देश्य है:
- जीवदया को बढ़ावा देना
- पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना
- समाज को जिम्मेदार बनाना
- पुण्य संचय का माध्यम बनाना
लोगों से की गई विशेष अपील
संगठन द्वारा इस निशुल्क सकोरे वितरण अभियान इंदौर के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि:
- अपने घरों के बाहर पानी रखें
- पेड़ों के नीचे सकोरे रखें
- पशु-पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करें
- नीम, पीपल एवं बरगद जैसे वृक्ष लगाएं

संगठन की भागीदारी
संस्थापक संदीप शीतल पहाड़िया ने बताया कि:
- संगठन से लगभग 1200 परिवार जुड़े हुए हैं
- क्षेत्रीय संयोजकों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है
- स्थानीय समाजजन इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं
यह दर्शाता है कि निशुल्क सकोरे वितरण अभियान इंदौर एक सामूहिक प्रयास है।
उपस्थित समाजजन
इस अवसर पर निम्न समाजजन उपस्थित रहे:
- रेखा बाकलीवाल
- आभा गंगवाल
- दीपाली पाटनी
- दीपाली सोगानी
- विशाल विली काला
- ऊषा सुनील गंगवाल
- अनुबाला अनिल सेठी
- संगीता छाबड़ा
- रीता बडजात्या
- निर्मला सोनी
राष्ट्रीय खंडेलवाल सरावगी दिगंबर जैन संगठन की अध्यक्ष ज्योति संजय सेठी ने सभी संयोजकों का आभार व्यक्त किया।
समाज पर प्रभाव
निशुल्क सकोरे वितरण अभियान इंदौर का समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है:
- लोगों में जागरूकता बढ़ रही है
- बच्चे भी इस अभियान से जुड़ रहे हैं
- पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ रही है

भविष्य की योजना
संगठन का लक्ष्य है कि:
- इस अभियान को शहर के हर क्षेत्र तक पहुंचाया जाए
- अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए
- हर घर में जल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
निष्कर्ष
निशुल्क सकोरे वितरण अभियान इंदौर एक ऐसी पहल है, जो समाज को संवेदनशील और जिम्मेदार बनाने का कार्य कर रही है। यह केवल पानी के सकोरे बांटने का कार्य नहीं, बल्कि एक विचार है—जीवदया, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का।
