मानवता की मिसाल: नाहर परिवार का मरणोपरांत नेत्रदान — जैन सोशल ग्रुप नागदा ने कराया 45वाँ नेत्रदान
नागदा (निप्र)। राजा जन्मजेय की पावन नगरी नागदा में मानवता और संवेदना का अद्वितीय उदाहरण उस समय सामने आया, जब शहर के प्रतिष्ठित नाहर परिवार ने अपने 89 वर्षीय वरिष्ठ सदस्य श्री नानालालजी नाहर (मंदसौर वाला) के देवलोकगमन उपरांत उनका मरणोपरांत नेत्रदान कर समाज के लिए प्रेरक संदेश दिया। यह नेत्रदान न केवल संवेदना और सेवा का प्रतीक बना, बल्कि दो व्यक्तियों को नई रोशनी मिलने की आशा भी जगाई।
यह महत्वपूर्ण सेवा कार्य जैन सोशल ग्रुप नागदा द्वारा कराया गया, जिसने अपनी नेत्रदान सेवा श्रृंखला में इसे 45वाँ नेत्रदान के रूप में दर्ज किया। शहरभर में इस सामाजिक चेतना और परोपकारात्मक निर्णय की व्यापक सराहना की जा रही है।
मरणोपरांत नेत्रदान की प्रक्रिया संवेदनाओं के बीच सम्पन्न
परिवार की ओर से जेष्ठ पुत्र अरविन्द नाहर व अक्षय नाहर सहित तमाम परिजनों ने दृढ़ मन से नेत्रदान के इस पुण्य कार्य के लिए सहमति दी।
पूरी प्रक्रिया गीता भवन न्यास समिति बड़नगर के नेत्रदान प्रभारी डॉ. जी.एल. ददरवाल के मार्गदर्शन में पूरी की गई। उनकी विशेषज्ञ टीम — मनीष तलाच और परमानंद पंवार — ने संवेदनशीलता और पूर्ण निष्ठा के साथ नेत्रदान की संपूर्ण प्रक्रिया सम्पन्न की।
जैन सोशल ग्रुप नागदा के सचिव प्रशांत नाहर ने बताया कि “हमारे परिवार का यह निर्णय समाज में नेत्रदान को लेकर व्यापक जागरूकता बढ़ाने वाला है। यह कदम दो व्यक्तियों के जीवन में प्रकाश भरने की उम्मीद देता है।”
871वाँ नेत्रदान: गीता भवन न्यास समिति की उपलब्धि
नेत्रदान सेवा में अग्रणी भूमिका निभाते हुए गीता भवन न्यास समिति, बड़नगर के द्वारा यह 871वाँ नेत्रदान सफलता पूर्वक कराया गया।
डॉ. ददरवाल ने नेत्रदानी स्वर्गीय नानालालजी नाहर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को धन्यवाद देते हुए नेत्रदान प्रमाणपत्र भेंट किया। उन्होंने कहा कि “नगर में बढ़ती जागरूकता और परिवारों के सकारात्मक सहयोग से नेत्रदान अभियान नई ऊंचाइयों को छू रहा है।”
जैन सोशल ग्रुप नागदा का 45वाँ नेत्रदान — शहर में मानवता का दीप प्रज्वलित
जैन सोशल ग्रुप नागदा के नेत्रदान प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए परिजनों से चर्चा कर पूर्ण सहमति प्राप्त की। उनके सहयोग से यह 45वाँ नेत्रदान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
उन्होंने बताया कि—
“नागदा में नेत्रदान के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। अधिक से अधिक परिवार स्वेच्छा से आगे आ रहे हैं, जो समाज के लिए अत्यंत सकारात्मक संकेत है।”
नेत्रदान जैसा पुण्य कार्य अनेक नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई दृष्टि और नई उम्मीद का संचार कर रहा है। शहर में इस मानवीय पहल की सर्वत्र प्रशंसा हो रही है।
समाजसेवियों की प्रेरक उपस्थिति
नेत्रदान की इस प्रक्रिया में शहर के कई समाजसेवी और अग्रणी नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें—
राजेश सकलेचा, राजा कर्नावट, अमित बम, अमन छोरिया, मनीष भंडारी, ललित बोहरा, संजय मुरडिया, निर्मल छोरिया, विजय तांतेड, नवनित बोहरा, सुरेंद्र पितलिया, दिलीप दलाल और प्रकाशचंद दलाल (बड़नगर) प्रमुख रूप से शामिल थे।
सबने मिलकर नाहर परिवार के निर्णय का स्वागत किया और इसे समाज के लिए मार्गदर्शक बताया।
निष्कर्ष : मानवता को नई दिशा देता नेत्रदान
नाहर परिवार द्वारा किया गया यह मरणोपरांत नेत्रदान न केवल एक श्रद्धांजलि है, बल्कि मानवता का सर्वोच्च रूप भी है।
नेत्रदान से दो लोगों को नई रोशनी मिलती है, और समाज में सेवा की भावना मजबूत होती है।
नागदा में यह अभियान लगातार गति पकड़ रहा है, जिसका श्रेय जागरूक परिवारों, समाजसेवियों और जैन सोशल ग्रुप की सक्रिय टीम को जाता है।
संवाददाता: जीवन लाल जैन, नागदा
मो.: 9179662633


