MP Student Protest: NEET पेपर लीक विवाद को लेकर मध्यप्रदेश के 20 जिलों में छात्र आंदोलन तेज,
छात्रों की मांग- परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई
भोपाल। नीट पेपर लीक विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब मध्यप्रदेश तक पहुंच गई है। प्रदेश के कई जिलों में छात्र, युवा और आम नागरिक आंदोलन के समर्थन में सड़कों पर उतर रहे हैं। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर सहित करीब 20 जिलों में लगातार धरना, रैली, प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का दौर जारी है।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं और समाधान की मांग कर रहे हैं।
MP के कई जिलों में आंदोलन का असर
नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छात्र आंदोलन देखने को मिल रहा है। बड़े शहरों के अलावा छोटे जिलों में भी छात्र संगठनों और युवाओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर के साथ-साथ धार, मऊगंज, नर्मदापुरम, झाबुआ, सिंगरौली, भिंड, टीकमगढ़, शाजापुर, सतना, सीधी, रतलाम, रीवा, बैतूल, उमरिया, बड़वानी और श्योपुर में छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
इन स्थानों पर छात्र धरना दे रहे हैं, रैलियां निकाल रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत करा रहे हैं।
इंदौर में 25 दिनों से जारी छात्र आंदोलन
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में छात्र आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है। यहां टंट्या भील चौराहे पर छात्र पिछले करीब 25 दिनों से धरना दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इस आंदोलन की शुरुआत कुछ छात्रों द्वारा की गई थी, लेकिन धीरे-धीरे इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी, युवा, महिलाएं और आम नागरिक भी शामिल होने लगे।
प्रदर्शन स्थल पर हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर छात्रों की मांगों का समर्थन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह लड़ाई केवल कुछ छात्रों की नहीं, बल्कि देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी हुई है।
ड्रोन से निगरानी कर रही पुलिस
इंदौर में बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। प्रदर्शन स्थल पर निगरानी रखने के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जा रहा है।
पुलिस द्वारा प्रदर्शन में शामिल लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।
भोपाल में बोर्ड ऑफिस चौराहे पर प्रदर्शन
राजधानी भोपाल में भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एमपी नगर स्थित बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बड़ी संख्या में छात्र और युवा एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
शुक्रवार को यहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंचे थे, वहीं शनिवार को भी आंदोलन में युवाओं और आम लोगों की भागीदारी देखने को मिली।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता और परीक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
मध्यप्रदेश में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल है।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में हुई कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि युवाओं की मेहनत और समय को देखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाना आवश्यक है।
छात्रों ने उठाए परीक्षा प्रणाली पर सवाल
छात्रों का कहना है कि देश में प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों युवाओं के करियर का आधार होती हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को प्रभावित करती हैं।
उन्होंने मांग की है कि परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत बनाया जाए, तकनीकी सुरक्षा बढ़ाई जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार की जाए।
कई छात्रों का कहना है कि वे वर्षों तक मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन यदि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी होती है तो उनकी मेहनत प्रभावित होती है।
आंदोलन में आम लोगों की भागीदारी बढ़ी
शुरुआत में छात्र केंद्रित रहे इस आंदोलन में अब कई स्थानों पर आम लोगों की भागीदारी भी दिखाई दे रही है।
युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य नागरिक भी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रदर्शन स्थलों पर पहुंच रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता केवल छात्रों का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे समाज के भविष्य से जुड़ा विषय है।
प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था
प्रदेश के विभिन्न जिलों में चल रहे प्रदर्शनों को देखते हुए पुलिस और प्रशासन सतर्क है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
अधिकारियों द्वारा लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
आगे की रणनीति पर नजर
फिलहाल मध्यप्रदेश में छात्र आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और सरकार से समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ता है, यह केंद्र और राज्य सरकार के रुख पर निर्भर करेगा। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
नीट पेपर लीक विवाद ने एक बार फिर देश में परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लेकर बहस तेज कर दी है। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम और छात्र संगठनों की आगामी रणनीति पर टिकी हुई हैं।
