NEET Paper Leak Bill 2026: संसद में आज होगी पेपर लीक कानून संशोधन बिल पर चर्चा
लोकसभा में 6 घंटे की बहस तय, सरकार ने सख्त प्रावधानों के साथ पेश किया संशोधन विधेयक
NEET Paper Leak Bill 2026: संसद के मानसून सत्र में आज परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक को रोकने से जुड़े कानून संशोधन विधेयक पर महत्वपूर्ण चर्चा होने जा रही है। विपक्ष की सहमति के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ पर शुरुआती तौर पर करीब 6 घंटे की चर्चा तय की है। जरूरत पड़ने पर चर्चा का समय बढ़ाया भी जा सकता है।
लोकसभा में इस बिल पर चर्चा दोपहर करीब 12 बजे शुरू होने की संभावना है। केंद्र सरकार का कहना है कि संशोधन के जरिए परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा तथा पेपर लीक जैसी घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पेपर लीक करने वालों पर बढ़ेगी सख्ती
केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पेश किया था। इस संशोधन के माध्यम से वर्ष 2024 में लागू किए गए मौजूदा कानून को और प्रभावी बनाने की तैयारी है।
प्रस्तावित बदलावों में पेपर लीक के आरोपियों के लिए कड़े दंड, भारी जुर्माने और मामलों की तेज सुनवाई के लिए विशेष व्यवस्था शामिल है। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें बनाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। इन अदालतों में ऐसे मामलों की रोजाना सुनवाई की व्यवस्था की जा सकती है।
सरकार का उद्देश्य है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़े और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जल्द कार्रवाई हो सके।
NEET मामले को लेकर राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा
मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को राज्यसभा में NEET पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सुबह 11 बजे विपक्षी सांसदों ने दिल्ली में NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। कई विपक्षी सांसदों ने इस मामले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर बयान देने की मांग की।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन लगातार हंगामे के कारण उन्हें बोलने का अवसर नहीं मिल सका।
राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने शून्यकाल की कार्यवाही शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहने के कारण सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
मानसून सत्र में लगातार बना हुआ है NEET मुद्दा
20 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र के बाद से NEET पेपर लीक का मुद्दा सरकार और विपक्ष के बीच टकराव का प्रमुख कारण बना हुआ है।
विपक्ष लगातार सरकार से परीक्षा व्यवस्था में सुधार और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
NDA बैठक में पहली बार शामिल हुए NCPI सांसद
संसद भवन में आयोजित NDA संसदीय दल की बैठक में इस बार एक नया राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। पहली बार नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसदों को बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया।
NCPI के ये सांसद पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े हुए थे और बाद में अलग होकर नई राजनीतिक पार्टी में शामिल हुए। बैठक में सुदीप बंद्योपाध्याय, काकोली घोष, शताब्दी रॉय, शर्मिला सरकार और मिताली बाग सहित अन्य सांसद मौजूद रहे।
बैठक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के अन्य वरिष्ठ सांसद भी शामिल हुए।
पीएम मोदी ने ‘मंगल मिलन’ बैठक में लिया हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह संसद पहुंचे और NDA की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक में शामिल हुए। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
इस बैठक में संसद के मौजूदा सत्र की रणनीति, सरकार के प्रमुख विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाती है।
बैठक संसद की पार्लियामेंट्री लाइब्रेरी बिल्डिंग में आयोजित की गई। इससे पहले हुई बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि सरकार छात्रों के हितों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने NEET पेपर लीक को राष्ट्रीय चिंता का विषय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था।
2024 में लागू हुआ था पेपर लीक रोकने का कानून
देश में जून 2024 तक पेपर लीक रोकने के लिए कोई एक केंद्रीय कानून मौजूद नहीं था। ऐसे मामलों में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती थी।
कई राज्यों ने अपने स्तर पर नकल विरोधी कानून बनाए थे। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कुछ मामलों में गैंगस्टर एक्ट और मनी लॉन्ड्रिंग कानून का भी इस्तेमाल किया गया।
NEET-UG और UGC परीक्षाओं में गड़बड़ी के बाद केंद्र सरकार ने 21 जून 2024 को सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया था।
मौजूदा कानून में क्या हैं प्रावधान
वर्तमान कानून के तहत पेपर लीक, नकल कराने, OMR शीट की अवैध खरीद-फरोख्त, फर्जी परीक्षा वेबसाइट बनाने और परीक्षकों को धमकाने जैसे अपराधों को गैर-जमानती बनाया गया है।
मौजूदा प्रावधानों के अनुसार पेपर लीक जैसे अपराधों में दोषी पाए जाने पर 3 से 5 साल तक की जेल और ₹10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है।
वहीं परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था के जिम्मेदार अधिकारियों की संलिप्तता पाए जाने पर 3 से 10 साल तक की जेल और ₹1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है।
अब नए संशोधन के जरिए इन प्रावधानों को और सख्त बनाने की तैयारी की जा रही है।
छात्रों के हित और परीक्षा व्यवस्था पर रहेगी नजर
पेपर लीक की घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती हैं। ऐसे में सरकार और विपक्ष दोनों की नजर इस संशोधन विधेयक पर है।
संसद में होने वाली चर्चा के बाद यह स्पष्ट होगा कि कानून में कौन-कौन से नए बदलाव किए जाएंगे और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
