Neemuch–Ratlam रेल ट्रैक दोहरीकरण: मंदसौर–चित्तौड़ तक ट्रेनें बिना रुके चलेंगी, यात्रियों को मिलेगा बेहतर अनुभव
मंदसौर / 16 मार्च 2026:
Neemuch–Ratlam रेल खंड का दोहरीकरण परियोजना लगभग अपने अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। पश्चिम रेलवे के अनुसार, लगभग 133 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का दोहरीकरण कार्य अब तक लगभग 85 प्रतिशत पूरा हो गया है। दोहरीकरण के पूरा होने से मंदसौर से चित्तौड़गढ़ तक ट्रेनों को क्रॉसिंग या पासिंग के लिए रोकना नहीं पड़ेगा, जिससे यात्रियों को अधिक समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।
मल्हारगढ़–मंदसौर रेल खंड में प्रगति
हाल ही में पश्चिम रेलवे के मुख्य संरक्षा आयुक्त ने मल्हारगढ़–मंदसौर रेल खंड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नई दोहरीकृत रेल लाइन, पुल, ओवरहेड इक्विपमेंट, रेलवे ट्रैक और सिग्नलिंग प्रणाली का परीक्षण किया।
इसके बाद निरीक्षण यान को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर ट्रैक की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण संतोषजनक पाए जाने के बाद मल्हारगढ़–मंदसौर खंड पर यात्री और मालगाड़ियों के संचालन के लिए प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया।
इस खंड पर ट्रेन संचालन की अनुमति मिलने के साथ ही दोहरीकरण परियोजना लगभग 85 प्रतिशत पूर्ण हो गई है। कुल 133 किलोमीटर के रेलखंड में अब तक लगभग 115 किलोमीटर रेल लाइन का दोहरीकरण पूरा हो चुका है।
बचे हुए कार्य और पुल निर्माण
दोहरीकरण परियोजना के तहत अब केवल निम्नलिखित खंड पर कार्य चल रहा है:
- दलौदा–मंदसौर रेल खंड
- रतलाम–धौंसवास रेल खंड
मंदसौर में शिवना पुल का निर्माण जारी है। पुल के पूरा होते ही मंदसौर–दलौदा दोनों लाइनें चालू हो जाएँगी। इसके बाद नीमच–रतलाम रेल खंड का दोहरीकरण पूरी तरह से पूर्ण हो जाएगा।
ट्रेन संचालन में सुधार और सुविधा
दोहरीकरण पूरा होने से यात्रियों को समयबद्ध और सहज यात्रा का लाभ मिलेगा। अब ट्रेनें क्रॉसिंग के लिए लंबा समय नहीं रुकेगी।
- मंदसौर–मल्हारगढ़ 24 किलोमीटर के खंड पर ट्रेनें संचालन के लिए पूरी तरह चालू हो गई हैं।
- लगभग 15 दिनों से बंद सभी पैसेंजर ट्रेनें अब पटरी पर लौट चुकी हैं।
चल रही प्रमुख ट्रेनें:
- ट्रेन 69231/32 – उज्जैन–चित्तौड़गढ़–उज्जैन
- ट्रेन 59835/36 – मंदसौर–उदयपुर सिटी–मंदसौर पैसेंजर
- ट्रेन 59833/34 – मंदसौर–कोटा–मंदसौर पैसेंजर
- ट्रेन 19815/16 – कोटा–मंदसौर–कोटा एक्सप्रेस
- ट्रेन 19327 – रतलाम–उदयपुर सिटी–रतलाम एक्सप्रेस
इन ट्रेनों के नियमित समय पर चलने से यात्रियों को समय की बचत और सुविधा मिल रही है।
दोहरीकरण और विद्युतीकरण का महत्व
नीमच–रतलाम रेल खंड के दोहरीकरण और विद्युतीकरण से न केवल यात्री सुविधाएँ बढ़ेंगी, बल्कि मालगाड़ियों की आवाजाही भी अधिक सुगम हो जाएगी।
- रतलाम–चित्तौड़गढ़ रेल खंड पूर्णतः दोहरीकृत एवं विद्युतीकृत हो जाएगा।
- ट्रेनों के क्रॉसिंग और पासिंग में लगने वाला समय घटेगा।
- औद्योगिक इकाइयों, जैसे सीमेंट, जिंक और अन्य कारखानों के लिए मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक सुगम होगी।
इससे क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को भी गति मिलने की संभावना है।
गति परीक्षण और सुरक्षा निरीक्षण
11 मार्च 2026 को पश्चिम रेलवे के संरक्षा आयुक्त ने मल्हारगढ़–मंदसौर खंड में गति परीक्षण किया, जिसमें ट्रेन को लगभग 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाकर ट्रैक की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच की गई।
निरीक्षण में:
- सिग्नलिंग व्यवस्था
- रेलवे ट्रैक की मजबूती
- ओवरहेड उपकरण की स्थिति
- पुल और अन्य संरचनाओं की सुरक्षा
सभी मानक संतोषजनक पाए गए। इसके बाद यात्री और मालगाड़ियों के संचालन की अनुमति जारी की गई।
यात्री अनुभव में सुधार
दोहरीकरण पूरा होने से यात्रियों को निम्नलिखित सुविधाएँ मिलेंगी:
- क्रॉसिंग के लिए ट्रेन रुकने का समय नहीं
- समयबद्ध और तेज यात्रा
- पैसेंजर और मालगाड़ियों के संचालन में वृद्धि
- सुरक्षा मानकों में सुधार
- औद्योगिक इकाइयों तक माल पहुँचाने में गति
विशेष रूप से मंदसौर से चित्तौड़गढ़ तक लगभग 108 किलोमीटर की दूरी पर ट्रेनें अब बिना रुके चलेंगी, जिससे यात्रियों और माल ढुलाई दोनों को लाभ होगा।
औद्योगिक और क्षेत्रीय लाभ
नीमच–रतलाम रेल खंड का दोहरीकरण स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।
- औद्योगिक इकाइयों की आवाजाही: सीमेंट, जिंक, खनिज और अन्य उत्पादन सामग्री के लिए मालगाड़ियों की आवाजाही तेज और सुगम होगी।
- आर्थिक विकास: माल परिवहन की सुविधा से क्षेत्रीय औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी।
- यातायात कम दबाव में: अब ट्रेनें बिना रुकावट चलेंगी, जिससे यातायात और स्टेशन पर भीड़ कम होगी।
समापन और भविष्य की योजनाएँ
Neemuch–Ratlam रेल खंड का दोहरीकरण परियोजना अब लगभग अंतिम चरण में है।
- बचे हुए खंडों पर कार्य पूर्ण होने के बाद मंदसौर–दलौदा और रतलाम–धौंसवास के बीच दोहरीकृत लाइन चालू होगी।
- विद्युतीकरण भी पूरी तरह से कार्यान्वित हो जाएगा।
- रेल प्रशासन के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद यात्री और मालगाड़ियों के संचालन में अत्यधिक सुधार देखा जाएगा।
इस परियोजना से न केवल यात्री सुविधाएँ बढ़ेंगी, बल्कि क्षेत्रीय औद्योगिक विकास और माल परिवहन में भी बड़ा सुधार होगा।
निष्कर्ष
Neemuch–Ratlam रेल खंड का दोहरीकरण परियोजना 133 किलोमीटर में से 115 किलोमीटर पूरा हो चुका है।
- मंदसौर–मल्हारगढ़ खंड पूरी तरह चालू
- सभी पैसेंजर ट्रेनें पटरी पर लौटी
- क्रॉसिंग के लिए ट्रेनें अब नहीं रुकेगी
- औद्योगिक और माल परिवहन में सुविधा
- क्षेत्रीय और आर्थिक विकास को गति
इस दोहरीकरण परियोजना से रेल यात्री और माल दोनों के लिए समय, सुरक्षा और सुविधा में सुधार सुनिश्चित होगा।
