नए भारत का चाणक्य अमित शाह पुस्तक में उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने अमित शाह के राजनीतिक सफर, अनुच्छेद 370, CAA, सहकारिता मंत्रालय, आंतरिक सुरक्षा और भाजपा की चुनावी रणनीति का विश्लेषण किया है।
नए भारत का चाणक्य अमित शाह: राजनीतिक सफर और निर्णायक फैसलों पर अनिल फिरोजिया की पुस्तक
उज्जैन। नए भारत का चाणक्य अमित शाह के राजनीतिक सफर, संगठनात्मक रणनीति और देश की राजनीति को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण निर्णयों पर उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने पुस्तक ‘नए भारत का चाणक्य : अमित शाह—राजनीति, संकल्प और सत्ता’ लिखी है। सांसद फिरोजिया ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें अपनी पुस्तक भेंट की।
करीब आठ महीने के अध्ययन और शोध के बाद तैयार की गई इस पुस्तक में अमित शाह के राजनीतिक जीवन के साथ उन महत्वपूर्ण राजनीतिक और नीतिगत निर्णयों का विश्लेषण किया गया है, जिन्हें भारतीय राजनीति के महत्वपूर्ण पड़ावों के रूप में देखा जाता है। पुस्तक के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से जानकारी जुटाई गई और विभिन्न स्रोतों का अध्ययन किया गया।
नए भारत का चाणक्य अमित शाह: आठ महीने के अध्ययन के बाद तैयार हुई पुस्तक
उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने नए भारत का चाणक्य अमित शाह विषय पर यह पुस्तक तैयार करने में करीब आठ महीने लगाए। इस दौरान विभिन्न स्रोतों से जानकारी एकत्रित कर अमित शाह के राजनीतिक सफर, संगठनात्मक भूमिका और महत्वपूर्ण निर्णयों का अध्ययन किया गया।
पुस्तक में अमित शाह के राजनीतिक जीवन के विभिन्न चरणों के साथ उनकी संगठनात्मक कार्यशैली को भी समझने का प्रयास किया गया है। लेखक ने उन घटनाओं और फैसलों को पुस्तक का हिस्सा बनाया है, जिनका भारतीय राजनीति और केंद्र सरकार की नीतियों पर व्यापक प्रभाव देखने को मिला।
अनुच्छेद 370 से CAA तक महत्वपूर्ण निर्णय
पुस्तक में 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को निष्प्रभावी करने के निर्णय को प्रमुखता से शामिल किया गया है। इसके बाद जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के तहत दो केंद्र शासित प्रदेश—जम्मू-कश्मीर और लद्दाख—बनाए गए।
इस फैसले को लेकर देश की राजनीति में व्यापक चर्चा हुई। सरकार ने इसे जम्मू-कश्मीर को देश की मुख्यधारा से और अधिक जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि विपक्षी दलों और अन्य समूहों की ओर से इसके विभिन्न पहलुओं पर सवाल भी उठाए गए। पुस्तक में इस निर्णय को राजनीतिक और नीतिगत दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
इसी क्रम में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को भी पुस्तक में महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले के रूप में स्थान दिया गया है। लेखक ने इसके राजनीतिक संदर्भ, उद्देश्य और देश में हुई व्यापक बहस का उल्लेख किया है।
नए भारत का चाणक्य अमित शाह और सहकारिता मंत्रालय का नया अध्याय
वर्ष 2021 में केंद्र में अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन और अमित शाह को इसकी जिम्मेदारी दिए जाने को भी पुस्तक में महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने और ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के तहत किए जा रहे प्रयासों को पुस्तक में रेखांकित किया गया है। सहकारिता क्षेत्र भारत के ग्रामीण और कृषि आधारित आर्थिक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में अलग मंत्रालय का गठन केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण संस्थागत पहलों में शामिल रहा है।
पुस्तक में इस मंत्रालय के गठन के साथ सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने, उनकी कार्यप्रणाली में सुधार और सहकारिता के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया गया है।
आंतरिक सुरक्षा और संगठन विस्तार पर विशेष चर्चा
नए भारत का चाणक्य अमित शाह पुस्तक में आतंकवाद, उग्रवाद और नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की नीतियों के साथ पूर्वोत्तर राज्यों में हुए विभिन्न शांति समझौतों और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की रणनीति का भी उल्लेख है।
अमित शाह ने केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार की नीतियों और रणनीतियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पुस्तक में इन विषयों को राजनीतिक और प्रशासनिक संदर्भ में समझने का प्रयास किया गया है।इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत में शांति प्रक्रिया, विभिन्न संगठनों के साथ हुए समझौतों तथा हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया गया है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अमित शाह की भूमिका
पुस्तक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अमित शाह की भूमिका, संगठन विस्तार, चुनावी रणनीति और देश के उन हिस्सों में पार्टी का आधार मजबूत करने के प्रयासों का भी विश्लेषण किया गया है, जहां भाजपा का प्रभाव सीमित था।
अमित शाह के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहने के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर सदस्यता अभियान, बूथ प्रबंधन और चुनावी रणनीति पर विशेष जोर दिया। पार्टी ने कई राज्यों में अपने संगठन का विस्तार किया और चुनावी स्तर पर नई रणनीतियां अपनाईं।
लेखक अनिल फिरोजिया ने अमित शाह की संगठनात्मक कार्यशैली, राजनीतिक रणनीति और निर्णय लेने की क्षमता को समकालीन भारतीय राजनीति के संदर्भ में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।
राजनीतिक रणनीति और महत्वपूर्ण फैसलों का विश्लेषण
पुस्तक केवल अमित शाह के राजनीतिक जीवन का विवरण नहीं देती, बल्कि उनके कार्यकाल से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण फैसलों और राजनीतिक रणनीतियों का विश्लेषण भी प्रस्तुत करती है।अनुच्छेद 370, नागरिकता संशोधन अधिनियम, सहकारिता मंत्रालय, आंतरिक सुरक्षा, पूर्वोत्तर के शांति समझौते और भाजपा के संगठनात्मक विस्तार जैसे विषय पुस्तक के प्रमुख हिस्से हैं।
लेखक ने इन मुद्दों के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय राजनीति में संगठन, सरकार और नीतिगत फैसलों के बीच किस प्रकार का संबंध विकसित हुआ है।
अमित शाह को सांसद अनिल फिरोजिया ने भेंट की पुस्तक
पुस्तक तैयार होने के बाद उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें अपनी पुस्तक ‘नए भारत का चाणक्य : अमित शाह—राजनीति, संकल्प और सत्ता’ भेंट की।
इस पुस्तक के माध्यम से फिरोजिया ने अमित शाह के राजनीतिक सफर, रणनीतिक सोच, संगठनात्मक क्षमता और महत्वपूर्ण फैसलों को एक जगह प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।
प्रभात प्रकाशन ने किया पुस्तक का प्रकाशन
पुस्तक का प्रकाशन दिल्ली के प्रसिद्ध प्रभात प्रकाशन द्वारा किया गया है। ‘नए भारत का चाणक्य’ में अमित शाह के राजनीतिक निर्णयों, रणनीतिक सोच और संगठनात्मक क्षमता को समकालीन भारतीय राजनीति के संदर्भ में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
करीब आठ महीने तक किए गए अध्ययन और विभिन्न स्रोतों से जुटाई गई जानकारी के आधार पर तैयार यह पुस्तक भारतीय राजनीति, भाजपा की संगठनात्मक कार्यप्रणाली और अमित शाह के राजनीतिक सफर में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण घटनाओं और फैसलों को एक साथ प्रस्तुत करती है।
दैनिक स्वराज वाणी | रिपोर्टर: प्रियंका गुजराती

